पंजाबः लोगों की बड़ी उम्मीदें तोड़ गए मोदी
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फिरोजपुर में जिन बड़े प्रोजेक्टों की घोषणा किए जाने की लोगों को उम्मीद थी, वह पूरी नहीं हुई। मोदी ने अपने पूरे भाषण में फिरोजपुर के लिए कोई फैक्टरी स्थापित करने व हुसैनीवाला बार्डर खुलवाने की घोषणा तक नहीं की।
लोग मोदी का भाषण खत्म होते ही गुस्से में पंडाल से उठकर जाने लगे जबकि मोदी मंच पर बैठे हुए थे और सांसद शेर सिंह घुबाया भाषण दे रहे थे।
फिरोजपुर छावनी निवासी रामेश कुमार व प्रेम चंद ने बताया कि उन्हें उम्मीद थी कि प्रधानमंत्री मोदी भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय हुसैनीवाला बार्डर व्यापार के लिए खुलवाने की घोषणा करेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। मोदी ने न ही यहां पर कोई बड़ा प्रोजेक्ट लगाने की घोषणा की।
मोदी ने बस खेती-बाड़ी के तरीके बताए
तरसेम सिंह व बलवंत सिंह वासी गांव मलवाल ने कहा कि मोदी ने अपने सारे भाषण में पंजाब के किसानों को खेतीबाड़ी करने के तरीके ही बताए। जबकि मोदी के भाषण से पहले पंजाब प्रदेश भाजपा प्रधान कमल शर्मा ने फिरोजपुर के लोगों की मांग को मोदी के समक्ष रखा।
शर्मा ने कहा कि यहां के लोगों ने पंद्रह साल तक आतंकवाद की मार झेली है, यहां पर कोई फैक्टरी न होने के कारण नौजवान पीढ़ी नशे का धंधा कर रही है। यहां पर कोई बड़ी फैक्टरी लगाने की जरूरत है। पंजाब को केंद्र का सहयोग चाहिए। बलवंत सिंह ने कहा कि ये सब कुछ सुनने के बाद भी मोदी ने फिरोजपुर को कुछ नहीं दिया।
तरसेम सिंह ने कहा कि प्रकाश सिंह बादल ने भी हुसैनीवाला बार्डर खोल पाकिस्तान के साथ व्यापार करने की बात कही और मोदी से कहा कि यह बार्डर व्यापार के लिए खोला जाए लेकिन मोदी ने अपने भाषण में फिरोजपुर के लिए कोई बड़ी घोषणा नहीं की।
दर्शन सिंह ने कहा कि जब मोदी ने अपने पूरे भाषण में फिरोजपुर के लिए कोई बड़े प्रोजेक्ट की घोषणा नहीं की तो लोग पंडाल से उठकर जाने लगे, क्योंकि लोगों की उम्मीदें पूरी नहीं हुई।
4 बजे तक शहीदी स्मारक लोगों के लिए नहीं खोला
राकेश कुमार व निशा ने बताया कि सुबह से लेकर शाम के साढ़े चार बजे तक शहीदी स्मारक लोगों के लिए नहीं खोला गया। इस कारण लोग शहीद-ए-आजम भगत सिंह, राजगुरु व सुखदेव की समाधि पर श्रद्धांजलि नहीं दे सके।
बहुत से लोग दूरदराज से शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए आए थे। उन्हें गांव बारेके से आगे ही नहीं आने दिया गया। पुलिस वाले उन्हें समाधि तक जाने ही नहीं दे रहे थे।