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एमडीयू में इनसो कार्यकर्ताओं का बवाल, पीएम मोदी का लाइव भाषण रोका
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक (हरियाणा)
Updated Tue, 12 Sep 2017 09:42 AM IST
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एमडीयू के टैगोर सभागार में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लाइव भाषण के दौरान हंगामा करते इनसो के प्रधान।
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देश भर की यूनिवर्सिटी में चलने वाले प्रधानमंत्री के लाइव भाषण को एमडीयू में इनसो कार्यकर्ताओं ने नहीं चलने दिया। टैगोर सभागार में कार्यक्रम में पहुंचे कार्यकर्ताओं ने यूनिवर्सिटी अधिकारियों को नीचे उतारकर मंच पर कब्जा कर लिया। अधिकारियों और इनसो कार्यकर्ताओं के बीच झड़प और हाथापाई भी हुई। घंटे भर तक चले इस बवाल के वजह से छात्रों को लाइव भाषण नहीं दिखाया जा सका। भाषण का समय खत्म होने के बाद उन्हें दंगल फिल्म ही दिखाई जा सकी। इनसो कार्यकर्ताओं का आरोप था कि जबरदस्ती छात्रों को भाजपा के कार्यक्रम में बुलाया जा रहा है। यह गलत है।
दरअसल, सोमवार को देशभर की यूनिवर्सिटी में स्वामी विवेकानंद के शिकागो में दिए भाषण के 125 साल पूरे होने और दीनदयाल उपाध्याय के शताब्दी समारोह के मौके पर प्रधानमंत्री का लाइव भाषण होना था। एमडीयू प्रशासन ने टैगोर सभागार में इसके लिए व्यवस्था की थी। भाषण के लिए सुबह साढ़े दस बजे का समय निर्धारित था। इससे पहले यूनिवर्सिटी अधिकारियों की तरफ से सभागार में बैठे विद्यार्थियों को स्वामी विवेकानंद के भाषण की ऑडियो सुनाई गई। कई वक्ता भी अपने विचार रख चुके थे। इसी बीच इनसो प्रदेशाध्यक्ष प्रदीप देशवाल अन्य कार्यकर्ताओं के साथ वहां पहुंचे और मंच पर चढ़ गए।
इनसो कार्यकर्ताओं ने दबंगई दिखाते हुए अधिकारियों के हाथों से माइक छीन लिया। खुद ही छात्रों को संबांधित करने लगे। आरोप लगाया कि छात्रों को क्लास से जबरन बुलाया गया है। जब भाजपा सरकार छात्रों की नहीं सुनती तो छात्र जबरदस्ती भाषण क्यों सुने? यूनिवर्सिटी की जमीन पर आरएसएस के कुछ लोग कब्जा करना चाहते हैं, लेकिन यूनिवर्सिटी प्रशासन तमाशा देख रहा है। प्रधानमंत्री के लाइव भाषण के समय नजदीक होने को लेकर अधिकारियों ने उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन इनसो कार्यकर्ता पीछे नहीं हटे।
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दरअसल, सोमवार को देशभर की यूनिवर्सिटी में स्वामी विवेकानंद के शिकागो में दिए भाषण के 125 साल पूरे होने और दीनदयाल उपाध्याय के शताब्दी समारोह के मौके पर प्रधानमंत्री का लाइव भाषण होना था। एमडीयू प्रशासन ने टैगोर सभागार में इसके लिए व्यवस्था की थी। भाषण के लिए सुबह साढ़े दस बजे का समय निर्धारित था। इससे पहले यूनिवर्सिटी अधिकारियों की तरफ से सभागार में बैठे विद्यार्थियों को स्वामी विवेकानंद के भाषण की ऑडियो सुनाई गई। कई वक्ता भी अपने विचार रख चुके थे। इसी बीच इनसो प्रदेशाध्यक्ष प्रदीप देशवाल अन्य कार्यकर्ताओं के साथ वहां पहुंचे और मंच पर चढ़ गए।
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इनसो कार्यकर्ताओं ने दबंगई दिखाते हुए अधिकारियों के हाथों से माइक छीन लिया। खुद ही छात्रों को संबांधित करने लगे। आरोप लगाया कि छात्रों को क्लास से जबरन बुलाया गया है। जब भाजपा सरकार छात्रों की नहीं सुनती तो छात्र जबरदस्ती भाषण क्यों सुने? यूनिवर्सिटी की जमीन पर आरएसएस के कुछ लोग कब्जा करना चाहते हैं, लेकिन यूनिवर्सिटी प्रशासन तमाशा देख रहा है। प्रधानमंत्री के लाइव भाषण के समय नजदीक होने को लेकर अधिकारियों ने उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन इनसो कार्यकर्ता पीछे नहीं हटे।
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बाहर से भी आए थे प्रधानमंत्री का भाषण सुनने
एमडीयू के टैगोर सभागार में पीएम मोदी के लाइव भाषण के दौरान हंगामा करते इनसो के प्रधान।
- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने मंच पर पूरी तरह कब्जा कर लिया और अधिकारियों को भी नीचे उतार दिया। काफी देर तक यहीं बवाल चलता है। अधिकारियों और कार्यकर्ताओं के बीच खूब कहासुनी हुई। अधिकारियों का आरोप है कि हंगामे के दौरान लाखों की कीमत के माइक व अन्य सामान भी टूट गए। जब तक मामला शांत हुआ तब तक प्रधानमंत्री के लाइव भाषण का समय बीत चुका था।
इस वजह से छात्रों को यह भाषण नहीं सुनाया जा सका। इसके बाद कार्यकर्ता वहां से चले गए। आखिर में सभागार में मौजूद छात्रों को दंगल फिल्म दिखाई गई। इस घटना को लेकर यूनिवर्सिटी के अधिकारियों और कर्मचारियों में भारी आक्रोश है। उधर, इस घटनाक्रम के बाद यूनिवर्सिटी के अधिकारी कुछ भी बोलने से कतराते रहे।
यूनिवर्सिटी प्रशासन ने बुलाई आपात बैठक
इस घटनाक्रम के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने आपात बैठक बुलाई। बैठक में पूरे मामले पर चर्चा हुई। कुलपति प्रो. बिजेंद्र कुमार पूनिया की अध्यक्षता में हुई बैठक में विचार-विमर्श के बाद तय किया गया कि यूनिवर्सिटी प्रशासन इस मामले में सख्त से सख्त कार्रवाई करने के लिए अधिगृत है। हालांकि देर शाम तक इस मामले में पुलिस में शिकायत नहीं की गई थी।
बाहर से भी आए थे प्रधानमंत्री का भाषण सुनने
प्रधानमंत्री का लाइव भाषण सुनने के लिए कई कॉलेजों के छात्र भी यूनिवर्सिटी में पहुंचे थे। जिस समय यह बवाल हुआ उस समय सभागार में बैठे छात्र भी इधर-उधर हो गए। डर सता रहा था कि कहीं माहौल हद से ज्यादा न भड़क जाए। कुछ छात्रों ने इस घटनाक्रम का विरोध जताया तो कुछ इसके पक्ष में नजर आए।
इस वजह से छात्रों को यह भाषण नहीं सुनाया जा सका। इसके बाद कार्यकर्ता वहां से चले गए। आखिर में सभागार में मौजूद छात्रों को दंगल फिल्म दिखाई गई। इस घटना को लेकर यूनिवर्सिटी के अधिकारियों और कर्मचारियों में भारी आक्रोश है। उधर, इस घटनाक्रम के बाद यूनिवर्सिटी के अधिकारी कुछ भी बोलने से कतराते रहे।
यूनिवर्सिटी प्रशासन ने बुलाई आपात बैठक
इस घटनाक्रम के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने आपात बैठक बुलाई। बैठक में पूरे मामले पर चर्चा हुई। कुलपति प्रो. बिजेंद्र कुमार पूनिया की अध्यक्षता में हुई बैठक में विचार-विमर्श के बाद तय किया गया कि यूनिवर्सिटी प्रशासन इस मामले में सख्त से सख्त कार्रवाई करने के लिए अधिगृत है। हालांकि देर शाम तक इस मामले में पुलिस में शिकायत नहीं की गई थी।
बाहर से भी आए थे प्रधानमंत्री का भाषण सुनने
प्रधानमंत्री का लाइव भाषण सुनने के लिए कई कॉलेजों के छात्र भी यूनिवर्सिटी में पहुंचे थे। जिस समय यह बवाल हुआ उस समय सभागार में बैठे छात्र भी इधर-उधर हो गए। डर सता रहा था कि कहीं माहौल हद से ज्यादा न भड़क जाए। कुछ छात्रों ने इस घटनाक्रम का विरोध जताया तो कुछ इसके पक्ष में नजर आए।
यह बोले छात्र संगठन
एमडीयू के टैगोर सभागार में पीएम मोदी के लाइव भाषण के दौरान हंगामा करते इनसो के प्रधान।
पहले भी दिखा चुके हैं दबंगई
इनसो कार्यकर्ताओं की दबंगई का यूनिवर्सिटी में यह पहला मामला नहीं है। जुलाई माह में एडमिशन के समय में बैनर फाड़ने पर एक दूसरे छात्र संगठन के कार्यकर्ता को यूनिवर्सिटी के बीच चौराहे पर पीटा था। इसके अलावा यूनिवर्सिटी के तत्कालीन प्रशासनिक अधिकारियों के समय पर जमकर हंगामा किया था। यहां तक कि रजिस्ट्रार कार्यालय का फर्नीचर निकालकर खुद ही छात्रों की समस्या सुनने बैठ गए थे। कई अन्य मामलों में भी इनसो कार्यकर्ताओं की दबंगई सामने आ चुकी है।
यह बोले छात्र संगठन
- डॉ. अंबेडकर मिशनरीज विद्यार्थी एसोसिएशन के अध्यक्ष विक्रम डूमोलिया का कहना है कि यह प्रकरण निंदनीय है। ऐसा नहीं होना चाहिए। किसी भी छात्र मूल्यों की लड़ाई में हम छात्र संगठन के साथ है। एमडीयू प्रशासन अपना काम बेहतर तरीके से कर रहा है। अधिकारियों के साथ हुए इस घटनाक्रम की कड़े शब्दों में निंदा करते हैं।
- एनएसयूआई छात्र नेता सुशील हुड्डा ने कहा कि ऐसी घटना होना दुर्भाग्यपूर्ण है। विश्वविद्यालय शिक्षा का मंदिर है। इसमें कुलपति की अपनी एक गरिमा होती है। किसी राजनीतिक छात्र द्वारा ऐसी घटना को अंजाम देना गलत है। इस घटना की निंदा करते हैं और यूनिवर्सिटी प्रशासन से मांग करते हैं कि दोषियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई की जाएगी।
इनसो कार्यकर्ताओं की दबंगई का यूनिवर्सिटी में यह पहला मामला नहीं है। जुलाई माह में एडमिशन के समय में बैनर फाड़ने पर एक दूसरे छात्र संगठन के कार्यकर्ता को यूनिवर्सिटी के बीच चौराहे पर पीटा था। इसके अलावा यूनिवर्सिटी के तत्कालीन प्रशासनिक अधिकारियों के समय पर जमकर हंगामा किया था। यहां तक कि रजिस्ट्रार कार्यालय का फर्नीचर निकालकर खुद ही छात्रों की समस्या सुनने बैठ गए थे। कई अन्य मामलों में भी इनसो कार्यकर्ताओं की दबंगई सामने आ चुकी है।
यह बोले छात्र संगठन
- डॉ. अंबेडकर मिशनरीज विद्यार्थी एसोसिएशन के अध्यक्ष विक्रम डूमोलिया का कहना है कि यह प्रकरण निंदनीय है। ऐसा नहीं होना चाहिए। किसी भी छात्र मूल्यों की लड़ाई में हम छात्र संगठन के साथ है। एमडीयू प्रशासन अपना काम बेहतर तरीके से कर रहा है। अधिकारियों के साथ हुए इस घटनाक्रम की कड़े शब्दों में निंदा करते हैं।
- एनएसयूआई छात्र नेता सुशील हुड्डा ने कहा कि ऐसी घटना होना दुर्भाग्यपूर्ण है। विश्वविद्यालय शिक्षा का मंदिर है। इसमें कुलपति की अपनी एक गरिमा होती है। किसी राजनीतिक छात्र द्वारा ऐसी घटना को अंजाम देना गलत है। इस घटना की निंदा करते हैं और यूनिवर्सिटी प्रशासन से मांग करते हैं कि दोषियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई की जाएगी।