महंगाई की मार : छह माह में दोगुने से ज्यादा हुए खाद्य तेलों के दाम, यहां देखें- नई कीमतें
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पिछले छह माह में खाद्य तेलों के दाम दोगुने से ज्यादा बढ़ गए हैं। सरसों के तेल की नई पैकिंग पर 212 रुपये और रिफाइंड तेल पर 185 रुपये प्रति लीटर का प्रिंट रेट आया है। छह माह पहले सरसों का तेल 98 रुपये प्रति लीटर और रिफाइंड 85 रुपये प्रति लीटर मिल रहा था। एक माह पहले दो हजार रुपये में आने वाला सरसों तेल का 15 लीटर का टीन अब 2130 रुपये का है। इसी तरफ रिफाइंड का 15 लीटर का टीन 2150 रुपये में बेचा जा रहा है, जो एक माह पहले 1970 रुपये का था।
स्थानीय किराना दुकानदारों का कहना है कि बेशक पंजाब में अच्छी खासी मात्रा में सरसों होता है लेकिन बड़े कार्पोरेट घरानों से जो कीमत तय हो जाती है, उसी के हिसाब से लोकल कंपनी अपने दाम तय कर देती हैं। इसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ता है। कोरोना महामारी के कारण एक ओर लोगों के घरों की अर्थव्यवस्था बिगड़ी हुई है, वहीं खाद्य तेलों में उछाल से रसोई का बजट बिगड़ जा रहा है।
बड़े स्टोर देते हैं 5 से 10 प्रतिशत की छूट
किराना स्टोर के दुकानदारों ने बताया कि सेक्टरों के दुकानदार अपने यहां आने वाले खाद्य तेल पर 5 से 7 प्रतिशत का मुनाफा लेते हैं लेकिन बड़े स्टोर या मॉल में प्रिंट रेट पर ही सामान मिलता है। ग्राहकों को रिझाने के लिए बड़े स्टोर 5 से 10 प्रतिशत की छूट भी दे देते हैं। इससे लोगों को पता ही नहीं चलता कि वह महंगा सामान ले रहे हैं।
इस तरह बढ़ते गए खाद्य तेलों के दाम
सरसों तेल
- वर्तमान दाम : 150 से 160
- एक माह पहले : 130 से 135
- छह माह पहले : 98 से 100
- नया प्रिंट रेट : 212
रिफाइंड तेल
- वर्तमान दाम : 150 से 155
- एक माह पहले : 135 से 140
- छह माह पहले : 85 से 90
- नया प्रिंट रेट : 185
वनस्पति घी
- वर्तमान दाम : 125 से 130
- एक माह पहले : 115 से 120
- छह माह पहले : 80 से 85
- नया प्रिंट रेट : 185
पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने का है असर
पेट्रोल-डीजल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। इससे माल को लाने में काफी फर्क पड़ा है। बढ़ा किराया खाद्य तेलों के दाम में ही जुड़ेगा, इसलिए दुकानदारों को मजबूरन दाम बढ़ाना पड़ता है। - कृष्ण कुमार, किराना दुकानदार, सेक्टर-15।
कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से बढ़ रहे दाम
भारत में कनाडा, इंडोनेशिया व दुबई से तेल आता है। कच्चे तेल के दाम में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दामों में बढ़ोतरी के कारण लगातार खाद्य तेलों के दाम बढ़ रहे हैं। इसका असर रसोई खर्च पर पड़ना स्वाभाविक है। -राजेंद्र सिंह, अध्यक्ष, रिटेल किराना व्यवसायी एसोसिएशन।
महीने के राशन लेने से पहले अब तेल के दाम देखते हैं
मध्यम वर्गीय परिवार को कहा जाता है कि घी महंगा है इसलिए, सरसों तेल का उपयोग करो। क्योंकि यह सस्ता है और स्वास्थ्यवर्धक है लेकिन अब तेल भी बजट से बाहर जा रहा है। कैसे घर खर्च चलाएं समझ नहीं आता। -प्रीति जैन, गृहिणी, सेक्टर-34।
अब आप अन्य कोई सामान पर बात ही नहीं का सकते
मेरे बगल में किराए पर कुछ बच्चियां रहती हैं। उनसे बात हुई तो बताया कि राशन इतना महंगा हो गया है कि अब घर पर बनाने के बारे में सोचना मुश्किल है। ऐसे में खाने के साथ पीजी लेना बेहतर है। बच्चे अपनी मर्जी से खा नहीं सकते। लोग अपने घरों में अतिरिक्त सामान लाने के बारे में सोच नहीं सकते। - रविंदर कौर गुजराल, पार्षद।