{"_id":"6145c0ee8ebc3e01e54455a2","slug":"press-conference-of-punjab-chief-minister-captain-amarinder-singh","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"कांग्रेस से कैप्टन नाराज: इस्तीफे के बाद बोले- मेरा अपमान हुआ, राजनीति में विकल्प खुले रहते हैं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कांग्रेस से कैप्टन नाराज: इस्तीफे के बाद बोले- मेरा अपमान हुआ, राजनीति में विकल्प खुले रहते हैं
Sat, 18 Sep 2021 04:05 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Sat, 18 Sep 2021 04:05 PM IST
सार
इस्तीफे के बाद कैप्टन ने पत्रकारों से कहा कि मैंने सुबह ही फैसला कर लिया था। सुबह मैंने हाईकमान को इस बारे में बता दिया था। हाईकमान को अब जिस पर भरोसा हो, उसे सीएम बना दें।
विज्ञापन
कैप्टन अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पंजाब कांग्रेस के घमासान के बीच मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने इस्तीफा दे दिया है। पंजाब विधायक दल की बैठक से पहले वे राजभवन पहुंचे और अपना इस्तीफा सौंपा। उनके साथ उनकी पत्नी परनीत कौर भी हैं। इसके बाद राजभवन के गेट पर उन्होंने पत्रकारों से बात की। इस दौरान कैप्टन काफी नाराज दिखे।
कैप्टन ने पत्रकारों से कहा कि मैंने सुबह ही फैसला कर लिया था। सुबह मैंने हाईकमान को इस बारे में बता दिया था। हाईकमान को अब जिस पर भरोसा हो, उसे सीएम बना दें। उन्होंने साफ कहा कि बार बार मेरी बेइज्जती की गई। दो माह में तीन बार विधायकों की बैठक बुलाई गई। सरकार चलाने को मुझ पर संदेह किया गया। मुझे अपमानित महसूस हुआ। अब मैं अपने समर्थकों से बात कर भविष्य की रणनीति बनाऊंगा। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि वे कांग्रेस पार्टी में ही हैं। भाजपा में जाने पर उन्होंने चुप्पी साध ली।
विज्ञापन
कैप्टन ने पत्रकारों से कहा कि मैंने सुबह ही फैसला कर लिया था। सुबह मैंने हाईकमान को इस बारे में बता दिया था। हाईकमान को अब जिस पर भरोसा हो, उसे सीएम बना दें। उन्होंने साफ कहा कि बार बार मेरी बेइज्जती की गई। दो माह में तीन बार विधायकों की बैठक बुलाई गई। सरकार चलाने को मुझ पर संदेह किया गया। मुझे अपमानित महसूस हुआ। अब मैं अपने समर्थकों से बात कर भविष्य की रणनीति बनाऊंगा। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि वे कांग्रेस पार्टी में ही हैं। भाजपा में जाने पर उन्होंने चुप्पी साध ली।
विज्ञापन
इस्तीफा देने के बाद लौटते कैप्टन अमरिंदर सिंह।
- फोटो : अमर उजाला
पंजाब कांग्रेस में कई महीनों से मचा घमासान कैप्टन अमरिंदर सिंह के इस्तीफे तक जा पहुंचा है। कैप्टन अमरिंदर सिंह अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। अब पंजाब में कांग्रेस के दो बड़े चेहरे मुख्यमंत्री पद की रेस में सबसे आगे हैं। अगर कैप्टन के ही हिंदू चेहरे के फॉर्मूले पर कांग्रेस काम करेगी तो पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ को पंजाब का नया मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है। वहीं अगर कांग्रेस ने सिख चेहरे को प्राथमिकता दी तो नवजोत सिंह सिद्धू का नाम सबसे आगे है। इस सबके बीच पंजाब में राष्ट्रपति शासन लगाने की चर्चा चल रही है।
सुनील जाखड़ का नाम सबसे आगे
पंजाब के मुख्यमंत्री पद की दौड़ में सबसे आगे चल रहे सुनील जाखड़ कांग्रेस में एक प्रमुख हिंदू नेता हैं। जाखड़ मूलरूप से अबोहर के गांव पंजकोसी के रहने वाले हैं। उनके पिता बलराम कुमार जाखड़ कांग्रेस के दिग्गज नेताओं में शामिल थे। उनका परिवार शुरू से ही कांग्रेस के साथ रहा है। जाखड़ 2002 में पहली बार अबोहर शहर के विधायक बने थे। अबोहर से लगातार तीन बार विधायक रहे जाखड़ 2012 से 2017 तक विधानसभा में विपक्ष के नेता भी रहे। वे कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से एमबीए हैं।
सुनील जाखड़ का नाम सबसे आगे
पंजाब के मुख्यमंत्री पद की दौड़ में सबसे आगे चल रहे सुनील जाखड़ कांग्रेस में एक प्रमुख हिंदू नेता हैं। जाखड़ मूलरूप से अबोहर के गांव पंजकोसी के रहने वाले हैं। उनके पिता बलराम कुमार जाखड़ कांग्रेस के दिग्गज नेताओं में शामिल थे। उनका परिवार शुरू से ही कांग्रेस के साथ रहा है। जाखड़ 2002 में पहली बार अबोहर शहर के विधायक बने थे। अबोहर से लगातार तीन बार विधायक रहे जाखड़ 2012 से 2017 तक विधानसभा में विपक्ष के नेता भी रहे। वे कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से एमबीए हैं।