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मामूली इंसान, 10 लोगों की ऐसे बचाई थी जान, राष्ट्रपति से मिला सम्मान
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 16 Aug 2016 08:28 PM IST
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होमगार्ड पवन कुमार को मिला राष्ट्रपति पुलिस मेडल
- फोटो : अमर उजाला
मामूली सा इंसान है, लेकिन बहादुर इतना कि 10 लोगों की जान बचाई थी। जिसके लिए 15 अगस्त को राष्ट्रपति से विशेष सम्मान मिला। चंडीगढ़ के परेड ग्राउंड में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में गवर्नर कप्तान सिंह सोलंकी ने होमगार्ड पवन कुमार को राष्ट्रपति पुलिस मेडल से नवाजा।
यूटी पुलिस विभाग से इस बार 15 अगस्त को राष्ट्रपति पुलिस मेडल से सम्मानित होने वालों में एक इंस्पेक्टर के साथ होम गार्ड वालंटियर शामिल रहे। परेड ग्राउंड में आयोजित समारोह में पंजाब-हरियाणा के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक कप्तान सिंह सोलंकी होमगार्ड वालंटियर पवन कुमार (42) को विभाग में उनकी उत्कृष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस मेडल से सम्मानित किया।
पवन कुमार विभाग में 1998 से अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इन अठारह साल की सर्विस में कई आईजी, डीआईजी और थानों में पवन कुमार ने काम किया है। इस दौरान पवन कुमार ने बहादुरी के काम किए जिसको देखते हुए उनको सम्मानित किया जा रहा है।
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इस समय पवन कुमार सेक्टर 3 पुलिस थाने में तैनात हैं। 2011 में सेक्टर में 22 में शोरूम में आग लगने की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस टीम के साथ पवन कुमार ने शोरूम में फंसे दस लोगों की जान बचाई थी।
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यूटी पुलिस विभाग से इस बार 15 अगस्त को राष्ट्रपति पुलिस मेडल से सम्मानित होने वालों में एक इंस्पेक्टर के साथ होम गार्ड वालंटियर शामिल रहे। परेड ग्राउंड में आयोजित समारोह में पंजाब-हरियाणा के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक कप्तान सिंह सोलंकी होमगार्ड वालंटियर पवन कुमार (42) को विभाग में उनकी उत्कृष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस मेडल से सम्मानित किया।
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पवन कुमार विभाग में 1998 से अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इन अठारह साल की सर्विस में कई आईजी, डीआईजी और थानों में पवन कुमार ने काम किया है। इस दौरान पवन कुमार ने बहादुरी के काम किए जिसको देखते हुए उनको सम्मानित किया जा रहा है।
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इस समय पवन कुमार सेक्टर 3 पुलिस थाने में तैनात हैं। 2011 में सेक्टर में 22 में शोरूम में आग लगने की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस टीम के साथ पवन कुमार ने शोरूम में फंसे दस लोगों की जान बचाई थी।
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स्वतंत्रता दिवस पर चंडीगढ़ में परेड
- फोटो : अमर उजाला
2009 में पवन कुमार पीसीआर में तैनात थे रात को उनको वायरलेस पर सूचना मिली की दो चोर मोटरसाइकिल चुरा कर भाग रहे हैं। पवन पीसीआई के ड्राइवर थे तभी उन्होंने सेक्टर 21 में उस चोरी हुई मोटरसाइकिल पर भाग रहे दो चोरों के पीछा किया और टक्कर मारकर गिराकर उनको दबोच कर थाना पुलिस के हवाले किया।
मनीमाजरा में ड्यूटी करते हुए 2009 में अवैध रूप से ले जा रहे शराब के दो ट्रक भी पकड़े थे। साथ ही पवन कुमार ने सीविल डिंफें स में की छह महीने की ट्रेनिंग के लिए कोलकाता भी गए थे। उसके बाद उन्होंने शहर की सिविल डिफेंस टीम के साथ भी काफी काम किया है।
मेडल के लिए नामांकित होने के बाद पवन कुमार ने बताया कि जबसे राष्ट्रपति पुलिस मेडल के लिए नाम की घोषणा हुई है तबसे पूरे परिवार में उल्लास का माहौल है। पवन कुमार का कहना है कि ये उनके लिए बड़े गर्व की बात है इतनी बड़ी फोर्स से उनको को राष्ट्रपति मेडल से सम्मानित होना। अच्छा लग रहा है कि अफसरों ने उनकी सेवाओं को देखते हुए इस सम्मान के लिए उनके नाम की सिफारिश की।
मनीमाजरा में ड्यूटी करते हुए 2009 में अवैध रूप से ले जा रहे शराब के दो ट्रक भी पकड़े थे। साथ ही पवन कुमार ने सीविल डिंफें स में की छह महीने की ट्रेनिंग के लिए कोलकाता भी गए थे। उसके बाद उन्होंने शहर की सिविल डिफेंस टीम के साथ भी काफी काम किया है।
मेडल के लिए नामांकित होने के बाद पवन कुमार ने बताया कि जबसे राष्ट्रपति पुलिस मेडल के लिए नाम की घोषणा हुई है तबसे पूरे परिवार में उल्लास का माहौल है। पवन कुमार का कहना है कि ये उनके लिए बड़े गर्व की बात है इतनी बड़ी फोर्स से उनको को राष्ट्रपति मेडल से सम्मानित होना। अच्छा लग रहा है कि अफसरों ने उनकी सेवाओं को देखते हुए इस सम्मान के लिए उनके नाम की सिफारिश की।