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Chandigarh: राष्ट्रपति मुर्मू ने PEC में बांटीं डिग्रियां, यूटी सचिवालय की नई इमारत का भी किया उद्घाटन

Sun, 09 Oct 2022 12:02 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Sun, 09 Oct 2022 12:02 PM IST
सार

सचिवालय की नई इमारत करीब 78 करोड़ रुपये की लागत में बनकर तैयार हुई है। इसमें 6 फ्लोर हैं। इसमें ग्राउंड फ्लोर पर रिसेप्शन, क्रेच और वेटिंग एरिया होगा।

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President Draupadi Murmu in Chandigarh, Punjab Engineering College Convocation update news
पेक दीक्षांत समारोह में डिग्री देतीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने रविवार को कहा कि देश की प्रगति को और गति देने के लिए तकनीकी शिक्षण संस्थानों में छात्राओं की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए। चंडीगढ़ में पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (पेक) के  52वें दीक्षांत समारोह में बोलते हुए उन्होंने कहा इसी कॉलेज के एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग विभाग की पूर्व छात्रा कल्पना चावला भारतीय मूल की पहली महिला अंतरिक्ष यात्री बनीं। विज्ञान के लिए उनका आत्म बलिदान कई लड़कियों के लिए प्रेरणास्रोत बना है। उनकी तरह बेटियों को भी हर क्षेत्र में अब परचम लहराना होगा। मुझे खुशी है इस संस्थान में कल्पना चावला के नाम से कैंपस स्थापित है। 

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उन्होंने कहा, शिक्षा की सार्थकता तभी है जब वंचितों को उसका लाभ मिले। उनका विकास हो। आप शिक्षा हासिल कर रोजगार तलाशने वाले नहीं बल्कि रोजगार देने वाले बनें। आजादी के इस अमृतकाल में समाज में कुछ करने का संकल्प लेकर यहां से जाएं। राष्ट्रपति ने कहा, उन्हें यह जानकर खुशी हुई कि पेक ने देश को प्रौद्योगिकी, उद्योग, सिविल सेवाओं, शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में कई दिग्गज प्रदान किए हैं, जिनमें इसरो के पूर्व अध्यक्ष और भारत में प्रायोगिक द्रव गतिकी अनुसंधान के जनक प्रो. सतीश धवन, प्रख्यात शिक्षाविद् और आईआईटी दिल्ली के संस्थापक-निदेशक प्रो. आर.एन. डोगरा और मिसाइल प्रौद्योगिकी और सामरिक प्रणालियों के विशेषज्ञ डॉ. सतीश कुमार शामिल हैं। 
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इस मौके पर भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार और प्रधानमंत्री के विज्ञान प्रौद्योगिकी व नवाचार सलाहकार के अध्यक्ष प्रो. अजय सूद को डॉक्टर ऑफ साइंस की विशेष उपाधि और चंडीगढ़ के प्रशासक बनवारी लाल पुरोहित के सलाहकार धर्मपाल को डॉक्टरेट ऑफ फिलॉसफी की उपाधि से नवाजा गया।
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एडवाइजर को सम्मानित करतीं राष्ट्रपति। - फोटो : अमर उजाला

मातृभूमि के प्रति कर्तव्यों को कभी न भूलें
महामहिम ने कहा, आज के युवा अवसरों को सफलता और संभावनाओं को निश्चितता में बदलने में सक्षम हैं। यहां से निकलने वाले छात्र असीमित अवसरों और संभावनाओं की दुनिया में प्रवेश कर रहे हैं लेकिन उन्हें मातृभूमि के प्रति अपने कर्तव्यों को कभी नहीं भूलना चाहिए, चाहे वे अपने जीवन में कुछ भी बनना चाहें।

दीक्षांत समारोह की स्मृतियां हमेशा अंकित रहेंगी
राष्ट्रपति ने कहा कि पढ़ाई के दौरान दोस्तों के साथ बिताए पल और दीक्षांत समारोह की स्मृतियां हमेशा मन व मस्तिष्क में अंकित रहती हैं। जीवन में जब भी आपको सफलता मिलेगी तो आप पाएंगे कि यहां का अनुभव और दोस्त ही सबसे ज्यादा काम आए। 

मानवता की सेवा में करें ज्ञान का उपयोग
राष्ट्रपति मुर्मु ने विद्यार्थियों से कहा, उनसे यह अपेक्षा की जाती है कि वे इस प्रतिष्ठित संस्था में अर्जित ज्ञान का उपयोग मानवता की सेवा में भी करेंगे। उन्होंने विद्यार्थियों से महात्मा गांधी के सर्वोदय के संदेश को अपनी व्यक्तिगत प्राथमिकताओं में रखने का आग्रह किया। 

पेक में अच्छे संस्थान के सभी गुण
राष्ट्रपति ने कहा कि विभाजन के बाद कई संस्थान पाकिस्तान चले गए। चंडीगढ़ में ऐसे संस्थानों को वहीं से शुरू किया गया। इनमें पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज, गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ आर्ट और पंजाब यूनिवर्सिटी शामिल हैं। लगभग 100 साल के इस संस्थान के सफर में न जाने कितने आयाम जुड़े हैं। पैक तकनीकी क्षेत्र में यहां का अग्रणी संस्थान है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में वर्णित है कि एक अच्छा संस्थान वह है, जिसमें प्रत्येक विद्यार्थी की देखभाल होती है। बुनियादी ढांचों के साथ विद्यार्थी में संस्कारों का समावेश किया जाता है। यह सभी गुण पेक में हैं। 

पेक में गुरुकुल जैसा माहौल, भारतीय परिधान में दिखे शिक्षक और छात्र 
पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (पेक) में रविवार को दीक्षांत समारोह के दौरान भारतीय संस्कृति की झलक देखने को मिली। छात्रों ने कुर्ता-पायजामा के साथ भगवा रंग का गमछा डाला था तो छात्राएं सफेद सलवार सूट और साड़ी पर भगवा रंग का गमछा डालकर आईं थीं। शिक्षकों ने कुर्ता-पायजामा जबकि शिक्षिकाओं ने साड़ी पर महरून रंग की जैकेट और गले में गमछा डाल रखा था। कार्यक्रम स्थल पर पंडाल के अंदर संस्कृत के श्लोकों का उच्चारण हो रहा था। इससे माहौल गुरुकुल जैसा महसूस हो रहा था। विद्यार्थियों ने राष्ट्रपति के सामने अपनी शिक्षा के दीपक से समाज में उजाला फैलाने की शपथ ली। 

52वें दीक्षांत समारोह में 669 बीटेक के विद्यार्थियों, 168 एमटेक के विद्यार्थियों, 34 पीएचडी के विद्यार्थियों को डिग्री दी गई। पहले दीक्षांत समाराह में काला गाउन और टोपी पहनने की प्रथा थी। पहली बार पेक के डायरेक्टर ने बदलाव कर दीक्षांत समारोह में भारतीय संस्कृति के अनुसार परिधान रखने का निर्णय लिया। इसमें अन्य लोगों का भी पूरा समर्थन मिला। पेक की 100वीं वर्षगांठ पर एक साथ भारतीय परिधान में जब शपथ ली गई तो माहौल देखते ही बन रहा था। टोपी उछालने की जगह नमस्कार और झुककर अभिवादन करने जैसे संस्कार भी प्रमुख थे। 

रेल बनाकर पेक का इतिहास बताया
पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (पेक) के इतिहास को बताने के लिए प्रबंधन ने एक रेल बनाई थी। इसमें लाहौर का इंजन लगा था। उसके बाद साल दर साल कैसे पेक सफलता की ऊंचाइयों को छूता गया, इसकी जानकारी दी गई थी। यह रेल काफी आकर्षक दिख रही थी।

कार्यक्रम में यह लोग रहे मौजूद
मंच पर पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित, हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय, अजय कुमार सूद, प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल, पेक के डायरेक्टर बलदेव सेतिया मौजूद रहे। मेयर सरबजीत कौर भी कार्यक्रम शिरकत करने पहुंचीं थीं।

विजटिंग रजिस्टर में राष्ट्रपति ने लिखे अनुभव
कार्यक्रम खत्म होने के बाद राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू पेक के परिसर में पहुंचीं। यहां पेक की यात्रा के बारे में जानकारी हासिल की। उसके बाद विजटिंग रजिस्टर में अपने अनुभव साझा किए। 

सचिवालय की इमारत का किया उद्घाटन

सचिवालय की नई इमारत करीब 78 करोड़ रुपये की लागत में बनकर तैयार हुई है। इसमें 6 फ्लोर हैं। इसमें ग्राउंड फ्लोर पर रिसेप्शन, क्रेच और वेटिंग एरिया होगा। पहले फ्लोर पर चंडीगढ़ के प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित और उनके सलाहकार धर्मपाल का दफ्तर होगा। दूसरे फ्लोर पर गृह सचिव, तीसरे फ्लोर पर वित्त सचिव, चौथे फ्लोर पर स्वास्थ्य व शिक्षा सचिव के दफ्तर होंगे। पांचवें फ्लोर पर प्रशासन के कई अन्य विभाग होंगे और छठे फ्लोर पर लाइब्रेरी और कैंटीन की सुविधा होगी। रविवार को राष्ट्रपति ने इस इमारत का उद्घाटन किया।

ऐसी होगी यूटी की फाइव स्टार ग्रीन बिल्डिंग
सचिवालय की नई इमारत को सेक्टर-19 स्थित पर्यावरण भवन की तर्ज पर बनाया गया है। यह सोलर पावर प्लांट के साथ ही भूकंपीय क्षमता से निपटने में युक्त होगी। साथ ही इसमें हाई परफॉरमेंस ग्लास, एनर्जी एफिशिएंट लाइटिंग, एयर कंडीशनिंग, ऑर्गेनिक वेस्ट कंपोस्टिंग लगाया गया है। इसके सभी फीचर्स को सेंट्रली मॉनिटर किया जाएगा। काम पूरा होने के बाद ही यूटी के सभी विभाग एक बिल्डिंग में ही आ जाएंगे। जिसमें आबकारी व कराधान, समाज कल्याण, लीगल मेट्रोलॉजी, स्वास्थ्य, स्टेट एग्रीकल्चरल मार्केटिंग बोर्ड और ऑफिस ऑफ ब्लॉक डेवलपमेंट व पंचायत ऑफिसर शामिल हैं।

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