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ओमिक्रॉन के तीन संदिग्धों को रिपोर्ट आने से पहले छुट्टी देने की तैयारी
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चंडीगढ़। तीसरी लहर की आशंका के बीच ओमिक्रॉन के खतरे को लेकर लोग डरे हुए हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग गंभीर नहीं दिख रहा है। दक्षिण अफ्रीका से लौटे एक यात्री समेत तीन संदिग्धों को उनकी जीनोम सिक्वेंसिंग जांच रिपोर्ट आने से पहले अस्पताल से छुट्टी देने की बात कही जा रही है।
ऐसा तब है, जब विभाग ने पूर्व में गलती करते हुए अस्पताल की बजाय घर पर क्वारंटीन कर दो अन्य लोगों को संक्रमित कर दिया। विशेषज्ञों का कहना है कि ओमिक्रॉन को लेकर सजग रहने की जरूरत है, क्योंकि इस पर अब तक स्थिति साफ नहीं हो सकी है।
कोरोना की दूसरी लहर के दौरान भी विभाग ने डेल्टा के संदिग्धों को जांच रिपोर्ट आने से पहले ही डिस्चार्ज कर दिया था। उनकी रिपोर्ट तब आई, जब डेढ़ महीने पहले ही उन्हें सामान्य घोषित कर दिया गया था। विशेषज्ञों का कहना है कि ओमिक्रॉन और डेल्टा में काफी अंतर है।
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दक्षिण अफ्रीका से 21 नवंबर को लौटा था
सेक्टर-36 निवासी 38 वर्षीय युवक 21 नवंबर को दक्षिण अफ्रीका की यात्रा से लौटा था। एयरपोर्ट पर जांच रिपोर्ट निगेटिव आने पर उसे सात दिनों के लिए घर पर ही क्वारंटीन कर दिया गया। जहां 29 नवंबर को रिपीट टेस्ट में कोरोना की पुष्टि हुई। वहीं, उसकी पत्नी और नौकरानी में भी संक्रमण की पुष्टि हुई। इसके बाद तीनों को जीएमसीएच-32 में भर्ती किया गया है। 30 नवंबर को उन तीनों के जांच का नमूना दिल्ली स्थित एनसीडीसी में भेजा गया है, जहां से रिपोर्ट आने में दो हफ्ते की बात कही गई है।
अभी करना चाहिए होम क्वारंटीन
10 दिन के बाद भी होम क्वारंटीन किया जाना चाहिए, क्योंकि अगर उनमें ओमिक्रॉन संक्रमण हुआ तो अभी स्पष्ट नहीं है कि संदिग्ध कब तक उसके दायरे में रहेंगे और दूसरों को कब तक संक्रमित करने का खतरा रहेगा।
-डॉ. आरएस बेदी, विश्व स्वस्थ्य संगठन के पूर्व सलाहकार
क्या कहते हैं अधिकारी
तीनों संक्रमितों की स्थिति सामान्य है। किसी को बुखार, खांसी-जुकाम या अन्य लक्षण नहीं हैं। प्रोटोकॉल के तहत सात दिनों तक अस्पताल में भर्ती रखने के बाद स्थिति सामान्य होने पर डिस्चार्ज कर दिया जाएगा। -डॉ. सुधीर गर्ग, चिकित्सा अधीक्षक जीएमसीएच 32
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ऐसा तब है, जब विभाग ने पूर्व में गलती करते हुए अस्पताल की बजाय घर पर क्वारंटीन कर दो अन्य लोगों को संक्रमित कर दिया। विशेषज्ञों का कहना है कि ओमिक्रॉन को लेकर सजग रहने की जरूरत है, क्योंकि इस पर अब तक स्थिति साफ नहीं हो सकी है।
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कोरोना की दूसरी लहर के दौरान भी विभाग ने डेल्टा के संदिग्धों को जांच रिपोर्ट आने से पहले ही डिस्चार्ज कर दिया था। उनकी रिपोर्ट तब आई, जब डेढ़ महीने पहले ही उन्हें सामान्य घोषित कर दिया गया था। विशेषज्ञों का कहना है कि ओमिक्रॉन और डेल्टा में काफी अंतर है।
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दक्षिण अफ्रीका से 21 नवंबर को लौटा था
सेक्टर-36 निवासी 38 वर्षीय युवक 21 नवंबर को दक्षिण अफ्रीका की यात्रा से लौटा था। एयरपोर्ट पर जांच रिपोर्ट निगेटिव आने पर उसे सात दिनों के लिए घर पर ही क्वारंटीन कर दिया गया। जहां 29 नवंबर को रिपीट टेस्ट में कोरोना की पुष्टि हुई। वहीं, उसकी पत्नी और नौकरानी में भी संक्रमण की पुष्टि हुई। इसके बाद तीनों को जीएमसीएच-32 में भर्ती किया गया है। 30 नवंबर को उन तीनों के जांच का नमूना दिल्ली स्थित एनसीडीसी में भेजा गया है, जहां से रिपोर्ट आने में दो हफ्ते की बात कही गई है।
अभी करना चाहिए होम क्वारंटीन
10 दिन के बाद भी होम क्वारंटीन किया जाना चाहिए, क्योंकि अगर उनमें ओमिक्रॉन संक्रमण हुआ तो अभी स्पष्ट नहीं है कि संदिग्ध कब तक उसके दायरे में रहेंगे और दूसरों को कब तक संक्रमित करने का खतरा रहेगा।
-डॉ. आरएस बेदी, विश्व स्वस्थ्य संगठन के पूर्व सलाहकार
क्या कहते हैं अधिकारी
तीनों संक्रमितों की स्थिति सामान्य है। किसी को बुखार, खांसी-जुकाम या अन्य लक्षण नहीं हैं। प्रोटोकॉल के तहत सात दिनों तक अस्पताल में भर्ती रखने के बाद स्थिति सामान्य होने पर डिस्चार्ज कर दिया जाएगा। -डॉ. सुधीर गर्ग, चिकित्सा अधीक्षक जीएमसीएच 32