कामर्शियल वाहनों से एंट्री टैक्स वसूलने की तैयारी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नगर निगम ने दूसरे राज्यों से आने वाले कामर्शियल वाहनों पर एंट्री टैक्स लगाने का निर्णय लिया है। मेयर अरुण सूद ने अधिकारियों को इस पर स्टडी करके प्रस्ताव तैयार कर12 फरवरी को होने वाली सदन की बैठक में चर्चा के लिए लाने के लिए कहा है। मेयर ने अधिकारियों को दिल्ली पैटर्न पर टैक्स लगाने के लिए कहा है। इस प्रस्ताव पर सलाहकार ने अपनी मंजूरी दे दी है।
दिल्ली में इस समय चार पहिया वाले कामर्शियल वाहनों पर ग्रीन टैक्स के नाम पर 1300 रुपये हर एंट्री पर वसूल किए जाते हैं। मालूम हो कि प्रशासन शहर में प्रदूषण को ध्यान में रखते हुए सम विषम प्रणाली भी लागू करने के प्रस्ताव पर विचार कर रहा है।
प्रशासन की ओर से नगर निगम ने आय के साधन बढ़ाने का दबाव है। इसलिए मेयर ने शुक्रवार को वित्त एवं अनुबंध कमेटी की बैठक में एंट्री टैक्स शहर में लगाने का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं। सूद का कहना है कि शहर के कर्मिश्यल वाहनों पर कोई टैक्स नहीं लगेगा।
दूसरे राज्यों के कामर्शियल वाहनों पर कामर्शियल टैक्स लगने से पंचकूला और मोहाली के वाहनों पर भी इसका बोझ पड़ेगा। इस समय शहर में पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, यूपी और राजस्थान से सैकड़ों कामर्शियल वाहन प्रतिदिन शहर में माल की सप्लाई करने के लिए आते हैं।
मेयर अरुण सूद का कहना है कि यह जरूरी नहीं कि शहरवासियों पर टैक्स लगाकर ही आय बढ़ाई जा सकती है। उनका कहना है कि शहरवासियों पर टैक्स नहीं लगने दिया जाएगा। आय के साधन बढ़ाने के कई और तरीके भी हैं।
40 हजार रुपये में शूटिंग की मंजूरी
अनुबंध कमेटी की बैठक में शहर के पार्कों और पर्यटक स्थलों को फिल्म शूटिंग के लिए देने पर सहमति बन गई है। इसके लिए प्रतिदिन के 40 हजार रुपये शुल्क तय किया गया है। मालूम हो कि शहर में कई स्थानों पर पंजाबी फिल्मों की शूटिंग होती रहती है।
वेरका और वीटा के बूथ बढ़ाएं जाएंगे
मेयर ने बताया कि शहर में वेरका और वीटा के बूथों की संख्या बढ़ाने का फैसला भी लिया गया है। इससे जहां बेरोजगारी दूर होगी, वहीं नगर निगम की आय भी बढ़ेगी इसके साथ ही लोगों को अपने घर के पास ही खाने पीने की चींजें मिल जाएंगी। सूद ने कहा कि जो पहले से बूथ बने हुए हैं अधिकारियों को उनकी कंपनियों से नए सिरे से एमओयू बनाने के लिए निर्देश दिए गए हैं क्योंकि कई बूथ इस समय शहर में ऐसे हैं जो नाममात्र के किराए पर हैं।
दो पार्किंगों को चलाया जाएगा पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर
अरुण सूद का कहना है कि दो पेड पार्किंगों को विज्ञापन की मंजूरी देकर पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर कंपनियों को सौंपा जाएगा। इसके लिए कमिश्नर को प्रपोजल बनाने के लिए कहा गया है। उनका कहना है कि कंपनियों को विज्ञापन की मंजूरी देकर पार्किंग से नगर निगम की आय भी बढ़ेगी।
कांग्रेस करेगी विरोध: छाबड़ा
कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा का कहना है कि दूसरे राज्यों से आने वाले कामर्शियल वाहनों पर टैक्स लगाना गलत है। यह मेयर का तानाशाही रवैया है। छाबड़ा का कहना है कि इससे शहर का कारोबार और पर्यटक प्रभावित होगा। उनका कहना है कि इससे जो वाहन दूसरे राज्यों से माल लेकर आता है वह अपना किराया भी बढ़ा देगा जिसका बोझ शहरवासियों पर पडेगा। उनका कहना है कि सदन की बैठक में उनकी पार्टी इस प्रस्ताव का विरोध करेगी।