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कूड़े से बिजली बनाने की तैयारी, निगम ने कंपनियों से मांगे प्रपोजल

Tue, 07 Jun 2016 01:27 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Tue, 07 Jun 2016 01:27 AM IST
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Preparation of electricity from garbage, sought proposals from companies
plant - फोटो :

शहर के गारबेज से बिजली बनाने का प्रस्ताव नगर निगम ने तैयार किया है। इसके लिए नगर निगम ने इच्छुक कंपनियों से उनके प्रपोजल भी मांगें हैं। इस प्रोजेक्ट की लॉन्चिंग से शहर में चल रहा जेपी प्लांट बंद हो जाएगा।

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बिजली बनाने वाली कंपनी के लिए नगर निगम को सिर्फ जमीन उपलब्ध करानी है। कंपनी शहर के कूड़े से जो बिजली बनाएगी वह 7 रुपये 90 पैसे प्रति यूनिट में बेचेगी। अधिकारियों का कहना है कि इस नई प्रक्रिया से 5 से 10 प्रतिशत राख ही अंत में बचेगी, वह भी सड़क के निर्माण में प्रयोग हो जाएगी। नई तकनीक के प्लांट पर सारा खर्च कंपनी ही करेगी। यह प्लांट लगाने के लिए शर्त है कि 400 टन कूड़ा चाहिए, इस समय शहर का 360 टन कूड़ा प्रतिदिन आ रहा है।
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गारबेज प्रोसेस की तकनीक में बदलाव करने पर निर्णय लेने के लिए नगर निगम के मेयर अरुण सूद ने एक कमेटी का गठन किया है। कमेटी में भाजपा पार्षद सतप्रकाश अग्रवाल, राजेश गुप्ता, पूर्व मेयर सुभाष चावला, मनोनीत पार्षद सुरेंद्र बग्गा सहित कुल 11 सदस्यों की एक कमेटी का गठन किया गया है, जो वर्तमान हालात को देखते हुए आगामी निर्णय लेगी।
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वहीं जेपी प्लांट भी नगर निगम से कूड़ा प्रोसेस करने की टिपिंग फीस की मांग रहा है। प्लांट ने हाल ही में नगर निगम को चेतावनी दी है कि वह 15 जून को प्लांट बंद कर देंगे। ऐसे में नगर निगम के अधिकारियों ने 3 जून को प्लांट के अधिकारियों के साथ बैठक की है। अब नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि अभी जेपी प्लांट बंद नहीं करेंगे।

शहर और डड्डूमाजरा को मिलेगी राहत नगर निगम के अनुसार डड्डूमाजरा के गारबेज प्लांट से कई बार दुर्गंध आती है, जिस कारण पूरा शहर परेशान रहता है। साथ ही पूरा कूड़ा प्रोसेस नहीं होता है। पिछले दिनों में यहां पर आग भी लग गई थी। इस नई तकनीकी का प्लांट लगने से डपिंग ग्राउंड की दिक्कत भी दूर हो जाएगी। वार्ड पार्षद सतप्रकाश अग्रवाल कई बार डपिंग ग्राउंड शिफ्ट करने का मामला प्रशासन और सांसद के सामने उठाते आ रहे हैं, क्योंकि डंपिंग ग्राउंड से आ रही दुर्गंध से डड्डूमाजरा के लोग बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं।

तकनीक पर हो रहा है विचार मेयर अरुण सूद का कहना है कि कूड़े से बिजली बनाने की तकनीक पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। नई तकनीकी का प्लांट लगाने के लिए छह कंपनियों ने अपनी इच्छा भी जता दी है। जब तक नई तकनीकी का प्लांट नहीं लग जाता। तब तक पुराना जेपी प्लांट चलता रहेगा। उन्होंने बताया कि दो पहले ही उन्होंने डड्डूमाजरा प्लांट का निरीक्षण किया है। उन्होंने बताया कि कूड़े से बिजली बनाने का प्लांट जब वह बर्लनी गए थे, तब देखा था।


लगाए खर्च की मांग करेगा जेपी इस समय जेपी प्लांट शहर के कूड़े से आरडीएफ (फ्यूल) बनाया जा रहा है। अगर जेपी कंपनी प्लांट बंद कर देती है वह 32 करोड़ की मांग करेगी। जो कंपनी ने प्लांट लगाने के लिए खर्च किए हैं। एमओयू के अनुसार अगर नगर निगम प्लांट बंद करने के लिए कहता है तो उन्हें यह राशि देनी होगी। हालांकि मेयर अरुण सूद का कहना है कि कोई भी राशि अदा नहीं करनी होगी।

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