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फैसलाः हाईकोर्ट की फटकार के बाद हरियाणा में गो तस्करी रोकने के लिए एक्ट में संशोधन की तैयारी
Sat, 21 Sep 2019 09:07 AM IST
दुष्यंत शर्मा
विवेक शर्मा, चंडीगढ़
विवेक शर्मा, चंडीगढ़
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 21 Sep 2019 09:07 AM IST
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
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गो तस्करी के बढ़ते मामलों और आरोपियों के फरार होने के मामले में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट की फटकार के बाद अब हरियाणा सरकार ने गौ वंश संरक्षण एवं संवर्धन एक्ट 2015 में संशोधन की तैयारी कर ली है। हरियाणा सरकार ने हाईकोर्ट को बताया कि इसके लिए गो सेवा आयोग, पुलिस, एनिमल हसबेंडरी विभाग व अन्य हितधारकों से सुझाव मांगे गए हैं।
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गो तस्करी के एक आरोपी द्वारा इस मामले में मांगी गई अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने हरियाणा के डीजीपी को तलब करते हुए उनसे मेवात नूंह में इस एक्ट के तहत दर्ज सभी मामलों की जानकारी मांगी थी। हाईकोर्ट ने कहा था कि वह लगातार देख रहे हैं, इस एक्ट के तहत दर्ज एफआईआर के आरोपी मौके से फरार हो जाते हैं।
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इसके बाद हाईकोर्ट ने एडवोकेट दीपक बाल्यान को केस में कोर्ट का सहयोग करने के लिए एमिकस क्यूरी नियुक्त किया था। हाईकोर्ट ने कहा था कि 80 प्रतिशत आरोपियों का फरार हो जाना पुलिस की नाकामी दिखाता है। हरियाणा गोवंश संरक्षण एंड गोवंश संवर्धन एक्ट-2015 के तहत पुलिस अब भी आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने में नाकाम रही है।
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हाईकोर्ट के आदेश पर ही इस वर्ष 1 अप्रैल से लेकर 25 अगस्त तक राज्य में इस एक्ट के तहत कुल 99 एफआईआर दर्ज की गई हैं, जिनमें से 68 केस के 175 आरोपी मौके से फरार होने में कामयाब हुए हैं, जबकि सिर्फ 54 आरोपियों को ही गिरफ्तार किया गया है। इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि इन आंकड़ों पर कोई भी संतुष्ट नहीं हो सकता, स्थिति काफी गंभीर है।
हाईकोर्ट ने कहा था कि गायों को कत्ल करने के लिए हो रही गो तस्करी अब एक संगठित गिरोह का रूप धारण कर चुकी है ओर यह गिरोह गैर-कानूनी हथियारों से लैस हैं, जो पुलिस पर भारी पड़ रहा है। यही कारण है कि ज्यादातर आरोपी मौके से फरार हो जाते हैं।