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सरकारी नौकरी करने के इच्छुक युवाओं के लिए अहम खबर
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 29 Apr 2016 10:55 PM IST
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सीएम मनोहर लाल खट्टर
- फोटो : फाइल फोटो
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हरियाणा में सरकारी नौकरी करने के इच्छुक युवाओं के लिए अहम खबर है। सरकार ने मुकदमेबाजी से निपटने के लिए विशेष भर्ती के प्रावधान को समाप्त कर दिया है। कैबिनेट के अहम फैसलों में से यह एक बड़ा फैसला है। मंत्रिमंडल की बैठक में हरियाणा सिविल सेवा (कार्यकारी शाखा) नियम, 2008 में संशोधन को स्वीकृति प्रदान की गई।
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इस दौरान यह निर्णय लिया गया कि संघ लोक सेवा आयोग की तर्ज पर प्रारंभिक परीक्षा की पद्धति अपनाई जाएगी। संशोधन के अनुसार, प्रश्न पत्र के रूप में 100 अंकों की सिविल सेवा अभिक्षमता (एप्टीट्यूड) परीक्षा भी होगी। दोनों प्रश्न पत्र वस्तुनिष्ठ होंगे और द्विभाषी अर्थात हिंदी और अंग्रेजी में होंगे। प्रत्येक प्रश्न पत्र की अवधि दो घंटे होगी। प्रत्येक गलत प्रश्न के लिए एक-चौथाई (0.25) अंक काट लिए जाएंगे।
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अंतिम चयन उम्मीदवार द्वारा मुख्य लिखित परीक्षा तथा व्यक्तित्व/मौखिक परीक्षा अर्थात् 675 अंकों में से प्राप्त कुल अंकों के आधार पर तथा उम्मीदवार द्वारा प्रयुक्त सेवाओं की वरीयता के दृष्टिगत तैयार की गई मैरिट सूची के आधार पर होगा।
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यदि दो या इससे अधिक उम्मीदवारों द्वारा मुख्य लिखित परीक्षा तथा व्यक्तित्व/मौखिक परीक्षा प्राप्त कुल अंक समान हैं तो मुख्य लिखित परीक्षा के अनिवार्य प्रश्न पत्रों में अधिक अंक हासिल करने वाले उम्मीदवार को मैरिट में उच्च माना जाएगा। यदि ऐसे उम्मीदवारों के अनिवार्य प्रश्न पत्रों के कुल अंक भी समान हैं तो आयु में बड़े उम्मीदवार को मैरिट में उच्च समझा जाएगा।