पंजाब: वित्त मंत्री के तर्कों को प्रताप सिंह बाजवा ने नकारा, कहा- वादा कर्ज लेने का नहीं घटाने का था
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में अमृतसर में हुई उत्तर क्षेत्रीय परिषद की 31वीं बैठक में बाजवा ने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री एक बार फिर पंजाब के हितों की रक्षा करने में विफल रहे। बाजवा ने कहा कि यह उनकी लापरवाही हो सकती है लेकिन पंजाब के मुख्यमंत्री नदी जल और चंडीगढ़ पर पंजाब के मामले को ठोस कानूनी तर्कों के साथ पेश नहीं कर सके।
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नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने मंगलवार को कहा कि आम आदमी पार्टी (आप) सरकार का वादा और कर्ज लेने के बजाय अन्य स्रोतों से धन जुटाने का था। मीडिया की खबरों का हवाला देते हुए बाजवा ने कहा कि वित्त मंत्री का दावा है कि आप सरकार पर पिछले 18 महीनों में 47,000 करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज हो गया है, जिसमें से 27,000 करोड़ रुपये से अधिक का इस्तेमाल कर्ज पर ब्याज चुकाने में किया गया है। बाजवा ने सवाल उठाया- ‘आपकी सरकार का वादा विभिन्न स्रोतों से राजस्व उत्पन्न करना और पंजाब पर कर्ज कम करना था लेकिन आपकी सरकार ने कर्ज चुकाने के लिए और अधिक कर्ज लिया है। आपको क्या लगता है कि यह विचार कितना समझदार है?’
बाजवा ने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पंजाब पर चढ़े कर्ज के लिए पिछली सरकारों पर उंगली उठाते थे। 2022 की विभिन्न चुनावी रैलियों में उन्होंने आप के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री के साथ प्रतिज्ञा ली थी कि उनकी सरकार पंजाब के कर्ज के बोझ को कम करने के लिए कड़ी मेहनत करेगी। बाजवा ने कहा कि केजरीवाल ने रेत खनन से 20,000 करोड़ रुपये और भ्रष्टाचार खत्म कर 34,000 करोड़ रुपये इकट्ठा करने का वादा किया है। हरपाल चीमा को पंजाब के लोगों को बताना चाहिए कि उनकी सरकार अपने वादों से क्यों मुकर गई?
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में अमृतसर में हुई उत्तर क्षेत्रीय परिषद की 31वीं बैठक में बाजवा ने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री एक बार फिर पंजाब के हितों की रक्षा करने में विफल रहे। बाजवा ने कहा कि यह उनकी लापरवाही हो सकती है लेकिन पंजाब के मुख्यमंत्री नदी जल और चंडीगढ़ पर पंजाब के मामले को ठोस कानूनी तर्कों के साथ पेश नहीं कर सके। उन्हें चंडीगढ़, नदी जल और पंजाब विश्वविद्यालय पर पंजाब के अधिकारों की दृढ़ता से रक्षा करनी चाहिए।