{"_id":"5dc1052d8ebc3e93bc19c23b","slug":"prakash-singh-badal-sukhbir-badal-summoned-by-hoshiarpur-court-in-fraud-case","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"पंजाबः धोखाधड़ी के नौ साल पुराने मामले में बादल पिता-पुत्र को पेश होने के आदेश, जानिए मामला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पंजाबः धोखाधड़ी के नौ साल पुराने मामले में बादल पिता-पुत्र को पेश होने के आदेश, जानिए मामला
Tue, 05 Nov 2019 10:45 AM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, होशियारपुर(पंजाब)
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, होशियारपुर(पंजाब)
Published by: खुशबू गोयल
Updated Tue, 05 Nov 2019 10:45 AM IST
विज्ञापन
Parkash singh badal, Sukhbir singh badal
- फोटो : File Photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
धोखाधड़ी के नौ साल पुराने मामले में शिरोमणि अकाली दल के संरक्षक और पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल, पूर्व उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल को तलब किया गया है। उनके साथ महासचिव डॉ. दलजीत सिंह चीमा को भी एसीजेएम होशियारपुर मोनिका शर्मा की अदालत ने तलब किया है। उन्हें व्यक्तिगत रूप से 3 दिसंबर को अदालत में पेश होने के लिए समन जारी किया है।
एडवोकेट बीएस रियाड़ ने बताया कि अदालत में करीब नौ साल पहले आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत शिरोमणि अकाली दल के नेताओं के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी के लिए आपराधिक शिकायत दायर की गई थी। इसमें अदालती आदेश लंबित थे। सोमवार को अदालत ने प्रकाश सिंह बादल, सुखबीर सिंह बादल और डॉ. दलजीत सिंह चीमा को 3 दिसंबर को बतौर आरोपी निजी तौर पर अदालत में पेश होने के समन जारी किए हैं।
मामले में शिकायतकर्ता सोशलिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बलवंत सिंह खेड़ा और राज्य सचिव ओम सिंह सटियाना ने इस आदेश पर खुशी जताई और कचहरी परिसर में लड्डू भी बांटे । खेड़ा ने बताया कि इस मामले में भारत निर्वाचन आयोग, गुरुद्वारा चुनाव आयोग चंडीगढ़, शिरोमणि अकाली दल के सचिव चरणजीत सिंह बराड़ और पूर्व सचिव मनजीत सिंह तरनतारानी ने संबंधित रिकॉर्ड पेश करके अपने बयान दर्ज कराए हैं।
विज्ञापन
खेड़ा और सटियाना ने बताया कि एडवोकेट बीएस रियाड़ और एडवोकेट हितेश पुरी उनकी ओर से दायर इस आपराधिक शिकायत की पैरवी कर रहे हैं।
विज्ञापन
एडवोकेट बीएस रियाड़ ने बताया कि अदालत में करीब नौ साल पहले आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत शिरोमणि अकाली दल के नेताओं के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी के लिए आपराधिक शिकायत दायर की गई थी। इसमें अदालती आदेश लंबित थे। सोमवार को अदालत ने प्रकाश सिंह बादल, सुखबीर सिंह बादल और डॉ. दलजीत सिंह चीमा को 3 दिसंबर को बतौर आरोपी निजी तौर पर अदालत में पेश होने के समन जारी किए हैं।
विज्ञापन
मामले में शिकायतकर्ता सोशलिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बलवंत सिंह खेड़ा और राज्य सचिव ओम सिंह सटियाना ने इस आदेश पर खुशी जताई और कचहरी परिसर में लड्डू भी बांटे । खेड़ा ने बताया कि इस मामले में भारत निर्वाचन आयोग, गुरुद्वारा चुनाव आयोग चंडीगढ़, शिरोमणि अकाली दल के सचिव चरणजीत सिंह बराड़ और पूर्व सचिव मनजीत सिंह तरनतारानी ने संबंधित रिकॉर्ड पेश करके अपने बयान दर्ज कराए हैं।
विज्ञापन
खेड़ा और सटियाना ने बताया कि एडवोकेट बीएस रियाड़ और एडवोकेट हितेश पुरी उनकी ओर से दायर इस आपराधिक शिकायत की पैरवी कर रहे हैं।
यह है मामला
खेड़ा और सटियाना ने कहा कि शिअद के पूर्व अध्यक्ष प्रकाश सिंह बादल और अन्य पदाधिकारियों ने पार्टी के पुराने संविधान को छुपाया।
शुरू में पार्टी ने हलफनामा दिया था कि वह सिख सिद्धांतों का पालन करती है। उनकी शिकायत में यह आरोप लगाया गया है कि शिअद ने इसके बाद भारत के चुनाव आयोग को एक गलत हलफनामा दिया कि पार्टी धर्मनिरपेक्ष लोकतांत्रिक और समाजवादी मूल्यों की अवधारणा को अपना चुकी है।
वहीं यह पार्टी शिरोमणि कमेटी और दिल्ली गुरुद्वारा कमेटी के चुनावों में भी लगातार उम्मीदवार उतारती आ रही है जो कि पूरी तरह से एक धार्मिक चुनाव है। इसके लिए शिअद की ओर से गुरुद्वारा चुनाव आयोग को हलफनामा दिया गया था कि पार्टी सिख सिद्धांतों को धारण करती है।
शुरू में पार्टी ने हलफनामा दिया था कि वह सिख सिद्धांतों का पालन करती है। उनकी शिकायत में यह आरोप लगाया गया है कि शिअद ने इसके बाद भारत के चुनाव आयोग को एक गलत हलफनामा दिया कि पार्टी धर्मनिरपेक्ष लोकतांत्रिक और समाजवादी मूल्यों की अवधारणा को अपना चुकी है।
वहीं यह पार्टी शिरोमणि कमेटी और दिल्ली गुरुद्वारा कमेटी के चुनावों में भी लगातार उम्मीदवार उतारती आ रही है जो कि पूरी तरह से एक धार्मिक चुनाव है। इसके लिए शिअद की ओर से गुरुद्वारा चुनाव आयोग को हलफनामा दिया गया था कि पार्टी सिख सिद्धांतों को धारण करती है।