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Hindi News ›   Chandigarh ›   Prakash Singh Badal meeting with Environment Minister Prakash Javadekar

पर्यावरण मंत्री ने पंजाब को दी राहत, की ये घोषणाएं

Sat, 14 Jun 2014 12:16 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़/नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़/नई दिल्ली Updated Sat, 14 Jun 2014 12:16 PM IST
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Prakash Singh Badal meeting with Environment Minister Prakash Javadekar

पंजाब में रेत व बजरी की सप्लाई में कमी को दूर करने की दृष्टि से केंद्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्रालय ने प्रदेश की की 39-ए श्रेणी की खड्डों (छोटी-छोटी खड्डों) से रेत बजरी खनन को स्वीकृति प्रदान कर दी है।

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मंजूरी से संबंधित यह फैसला पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल व केंद्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर के बीच दिल्ली स्थित शास्त्री भवन में हुई बैठक के दौरान लिया गया।
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इस अवसर पर जावड़ेकर ने मुख्यमंत्री को अवगत करवाया कि पर्यावरण एवं वन मंत्रालय के माहिरों की कमेटी ने जिन 26 छोटे खनिज प्रोजेक्टों की सिफारिश की है, उसके आधार पर राज्य सरकार को स्वीकृति संबंधी सहमति पत्र दे दिया जाएगा।
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लंबित प्रोजेक्टों पर जल्द होगी मीटिंग

Prakash Singh Badal meeting with Environment Minister Prakash Javadekar

इसी तरह उनके मंत्रालय के पास लंबित पड़े 13 प्रोजेक्टों संबंधी सिफारिशें देने के लिए माहिरों की कमेटी की बैठक जल्द बुलाई जाएगी। कमेटी की मंजूरी के साथ ही इन प्रोजेक्टों को भी जरूरी स्वीकृतियां जारी कर दी जाएंगी।

पानी पर कर के मामले में जावड़ेकर ने जरूरी संशोधन का फैसला करते हुए अधिकारियों को हिदायत दी कि फिलहाल राज्यों को वाटर सेस की 80 प्रतिशत हिस्सेदारी रखने की अनुमति देने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं।

जनवरी 2013 से मार्च 2014 तक उक्त 80 प्रतिशत हिस्सेदारी के बनते 19.90 करोड़ रुपये पीबीसीबी को जारी करने संबधी केंद्रीय मंत्री ने भरोसा दिलाया। जावड़ेकर ने सभी राज्य बोर्डों से सुझाव लेकर वाटर सेस में बढ़ोतरी करने की सहमति भी दी।

अवैध खनन रोकने को उच्च स्तरीय बैठक बुलाई

Prakash Singh Badal meeting with Environment Minister Prakash Javadekar

पंजाब में प्राकृतिक स्त्रोतों का अवैध खनन रोकने के लिए पंजाब के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री मदन मोहन मित्तल ने माइनिंग से संबंधित सभी जनरल मैनेजरों व फंक्शनल मैनेजरों की लुधियाना में शनिवार को उच्च स्तरीय बैठक बुलाई है।

सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि बैठक के दौरान राज्य में हो रही अवैध खुदाई बंद करके रेत व बजरी की पैदा हुई मुश्किल को दूर कर यह सामग्री सस्ते रेटों पर उपलब्ध करवाने का हल निकालने के बारे में विचार-विमर्श होगा।

सतलुज की सफाई को फंड जारी करने के निर्देश

Prakash Singh Badal meeting with Environment Minister Prakash Javadekar

सतलुज दरिया और बुड्ढे नाले की सफाई योजना के लिए जावड़ेकर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य बोर्ड को तुंरत यह फंड जारी किए जाएं, ताकि इन पर ग्रीन पुलों का निर्माण जल्दी पूरा हो सके।

मुख्यमंत्री ने बताया कि मंडी गोबिंदगढ़ व खन्ना बहुत प्रदूषित क्षेत्र बन गए हैं तथा यहां के उद्योगों को तुरंत आरएलएनजी ग्रीन इंधन पर तबदील करने की जरूरत है, लेकिन कोयले व आरएलएनजी में अंतर बहुत बड़ा है।

इसलिए यहां के उद्यमियों को आयकर छूटें, ब्याज मुक्त कर व प्रोजेक्ट लागत की 25 प्रतिशत सब्सिडी दी जानी चाहिए, ताकि यह उद्योग नई तकनीक के अनुसार अपग्रेड हो सकें।

ईको सेंसिटिव जोन की हद 100 मी. करने की मांग

Prakash Singh Badal meeting with Environment Minister Prakash Javadekar

मुख्यमंत्री ने राज्य के जंगली जीवों की सुरक्षा के लिए ईको-सेंसेटिव जोन की हद 10 किमी से घटाकर 100 मीटर करने की मांग की। बादल ने बताया कि राज्य के छोटे आकार के मुताबिक वर्तमान हद बहुत ज्यादा है।

इसका राज्य के विकास पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। केंद्रीय मंत्री ने बादल को भरोसा दिलाया कि ईको-सेंसेटिव जोन का घेरा छोटा करने संबंधी जल्द वाजिब फैसला लिया जाएगा, ताकि राज्य की विकास गतिविधियों में कोई रुकावट न आए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के साथ उनके प्रमुख सचिव एसके संधु, वित्तायुक्त वन विश्वजीत खन्ना आदि भी थे।

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