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Chandigarh News: श्री ननकाना साहिब में रही प्रकाश पर्व की रौनक, इस बार दिखे सुरक्षा के कड़े इंतजाम
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संवाद न्यूज एजेंसी
अमृतसर। श्री गुरु नानक देव जी का प्रकाश पर्व मनाने के लिए दुनिया भर से पहुंचे श्रद्धालुओं ने 8 नवंबर को पाकिस्तान में ऐतिहासिक गुरुद्वारों में नतमस्तक होकर आशीर्वाद लिया। भारत, यूरोप, अमेरिका, कनाडा, मलयेशिया और खाड़ी देशों से पहुंची संगत केदारनाथ साहिब, गुरुद्वारा जन्म स्थान और अन्य गुरुद्वारों में गुरबाणी कीर्तन, अरदास और लंगर सेवा के साथ पूरी श्रद्धा से शामिल हुई। श्री ननकाना साहिब शहर पूरे दिन जो बोले सो निहाल और वाहेगुरु के जयकारों से गूंजता रहा। इस बार सुरक्षा के कड़े इंतजाम दिखाई दिए।
गुरुद्वारों में माथा टेकने के लिए श्रद्धालुओं का 8 नवंबर का कार्यक्रम सुबह अमृत वेले गुरुद्वारा जन्म स्थान में कीर्तन और पाठ से शुरू हुआ। बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने पवित्र सरोवर में डुबकी लगा दर्शन किए। इसके बाद संगत के जत्थों को गुरुद्वारा सच्चा सौदा, गुरुद्वारा बाल लीला और गुरुद्वारा कीरतपुर से दर्शन कराए गए। अलग-अलग देशों से आई संगत धार्मिक ध्वज और केसरिया पगड़ियों के साथ उत्साहपूर्वक शामिल हुई। दोपहर में गुरुद्वारा पंजा साहिब जाने वाले जत्थे भी आगे बढ़े। गुरुद्वारों में गुरु का लंगर लगातार चलता रहा और पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से विभिन्न गुरुद्वारों में लंगर, चाय, पानी और ठहरने की पूरी व्यवस्था की गई। श्रद्धालुओं ने बताया कि इस बार प्रबंधकों ने लंगर और पानी की सप्लाई को विशेष रूप से सुचारू रखा जिससे हजारों की भीड़ के बावजूद किसी भी तरह की परेशानी नहीं आई।
श्रद्धालुओं के लिए विशेष बसें
पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (पीएसजीपीसी) और पाकिस्तान ओकाफ बोर्ड की ओर से जत्थों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने के लिए बड़ी संख्या में बसें और छोटी यात्री गाड़ियां लगाई गईं। गुरुद्वारा जन्म स्थान से गुरुद्वारा सच्चा सौदा और पंजा साहिब तक पहुंचाने के लिए शटल सेवा पूरे दिन चलती रही। ओकाफ बोर्ड ने श्रद्धालुओं की आवास व्यवस्था गुरुद्वारा परिसरों, धर्मशालाओं और अस्थायी टेंट सिटी में करवाई। साफ-सफाई, पीने के पानी और मेडिकल सहायता के लिए अलग-अलग टीमें तैनात रहीं। कई जगह एंबुलेंस और स्वास्थ्य कर्मचारी भी उपलब्ध थे।
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पाक रेंजर्स और कमांडो टीमें तैनात रहीं
पाकिस्तान की पंजाब पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने गुरुद्वारों और श्रद्धालु मार्गों पर विशेष सुरक्षा तैनात की। मुख्य स्थानों पर पुलिस के साथ-साथ पाक रेंजर्स और कमांडो टीमों की भी तैनाती रही। गुरुद्वारा जन्म स्थान और पंजा साहिब के बाहर मेटल डिटेक्टर, बैरिकेड और सीसीटीवी कैमरे लगाए गए। हर प्रवेश द्वार पर चेकिंग की गई और पार्किंग क्षेत्र को भी सुरक्षा घेरे में रखा गया। इस बार न सिर्फ सुरक्षा ज्यादा सख्त रही बल्कि पुलिस और प्रशासन ने सहयोगात्मक रवैया भी अपनाया। कई जगह सेवादारों और पुलिस कर्मियों ने बुजुर्गों एवं महिलाओं को भीड़ में रास्ता बनाने में मदद की।
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अमृतसर। श्री गुरु नानक देव जी का प्रकाश पर्व मनाने के लिए दुनिया भर से पहुंचे श्रद्धालुओं ने 8 नवंबर को पाकिस्तान में ऐतिहासिक गुरुद्वारों में नतमस्तक होकर आशीर्वाद लिया। भारत, यूरोप, अमेरिका, कनाडा, मलयेशिया और खाड़ी देशों से पहुंची संगत केदारनाथ साहिब, गुरुद्वारा जन्म स्थान और अन्य गुरुद्वारों में गुरबाणी कीर्तन, अरदास और लंगर सेवा के साथ पूरी श्रद्धा से शामिल हुई। श्री ननकाना साहिब शहर पूरे दिन जो बोले सो निहाल और वाहेगुरु के जयकारों से गूंजता रहा। इस बार सुरक्षा के कड़े इंतजाम दिखाई दिए।
गुरुद्वारों में माथा टेकने के लिए श्रद्धालुओं का 8 नवंबर का कार्यक्रम सुबह अमृत वेले गुरुद्वारा जन्म स्थान में कीर्तन और पाठ से शुरू हुआ। बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने पवित्र सरोवर में डुबकी लगा दर्शन किए। इसके बाद संगत के जत्थों को गुरुद्वारा सच्चा सौदा, गुरुद्वारा बाल लीला और गुरुद्वारा कीरतपुर से दर्शन कराए गए। अलग-अलग देशों से आई संगत धार्मिक ध्वज और केसरिया पगड़ियों के साथ उत्साहपूर्वक शामिल हुई। दोपहर में गुरुद्वारा पंजा साहिब जाने वाले जत्थे भी आगे बढ़े। गुरुद्वारों में गुरु का लंगर लगातार चलता रहा और पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से विभिन्न गुरुद्वारों में लंगर, चाय, पानी और ठहरने की पूरी व्यवस्था की गई। श्रद्धालुओं ने बताया कि इस बार प्रबंधकों ने लंगर और पानी की सप्लाई को विशेष रूप से सुचारू रखा जिससे हजारों की भीड़ के बावजूद किसी भी तरह की परेशानी नहीं आई।
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श्रद्धालुओं के लिए विशेष बसें
पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (पीएसजीपीसी) और पाकिस्तान ओकाफ बोर्ड की ओर से जत्थों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने के लिए बड़ी संख्या में बसें और छोटी यात्री गाड़ियां लगाई गईं। गुरुद्वारा जन्म स्थान से गुरुद्वारा सच्चा सौदा और पंजा साहिब तक पहुंचाने के लिए शटल सेवा पूरे दिन चलती रही। ओकाफ बोर्ड ने श्रद्धालुओं की आवास व्यवस्था गुरुद्वारा परिसरों, धर्मशालाओं और अस्थायी टेंट सिटी में करवाई। साफ-सफाई, पीने के पानी और मेडिकल सहायता के लिए अलग-अलग टीमें तैनात रहीं। कई जगह एंबुलेंस और स्वास्थ्य कर्मचारी भी उपलब्ध थे।
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पाक रेंजर्स और कमांडो टीमें तैनात रहीं
पाकिस्तान की पंजाब पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने गुरुद्वारों और श्रद्धालु मार्गों पर विशेष सुरक्षा तैनात की। मुख्य स्थानों पर पुलिस के साथ-साथ पाक रेंजर्स और कमांडो टीमों की भी तैनाती रही। गुरुद्वारा जन्म स्थान और पंजा साहिब के बाहर मेटल डिटेक्टर, बैरिकेड और सीसीटीवी कैमरे लगाए गए। हर प्रवेश द्वार पर चेकिंग की गई और पार्किंग क्षेत्र को भी सुरक्षा घेरे में रखा गया। इस बार न सिर्फ सुरक्षा ज्यादा सख्त रही बल्कि पुलिस और प्रशासन ने सहयोगात्मक रवैया भी अपनाया। कई जगह सेवादारों और पुलिस कर्मियों ने बुजुर्गों एवं महिलाओं को भीड़ में रास्ता बनाने में मदद की।