17 साल में 63 तबादले, जुबां पर आया 'दूसरे खेमका' का दर्द
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लगातार तबादले झेल रहे आईएएस प्रदीप कासनी को हर बार की तरह यह तबादला भी नागवार गुजरा है। इस तबादले के बाद कासनी ने अपना दर्द ट्विटर और फेसबुक पर जाहिर किया है। कासनी ने ट्वीट किया है ‘मर कर भी चैन न मिला तो जाएंगे कहां...’।
यह प्रतिक्रिया कासनी ने किसी के तंज पर दी है। किसी ने सोशल साइट पर तंज कसा है कि यहां भी उन्हें चैन से नहीं रहने दिया जाएगा। कासनी का कहना है कि मौजूदा और पूर्व सरकार की कार्यशैली में कोई फर्क नहीं है।
पत्रकारों के सामने उन्होंने कहा कि किसी विभाग की दयनीय दशा को सुधारना जुर्म नहीं है। मैं इसी प्रयास में लगा था, जो लोगों को पसंद नहीं आया। मुझे मेरे विभाग के मंत्री ने आदेश दिए थे, जिसके मुताबिक मैं अपना काम कर रहा था।
जारी रहेगा भ्रष्टाचार खत्म करने का एजेंडा
कासनी ने कहा, मैंने जो भी जांचें की हैं वह सरकारी आदेश थे। बहरहाल, यह सरकार की मर्जी है कि वह किसी को कहीं भी लगा सकती है, लेकिन मेरा भ्रष्टाचार खत्म करने का एजेंडा जारी रहेगा।
मामले का दूसरा पहलू यह है कि कासनी ने कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज के निदेशक को पत्र लिखा था कि साढे़ छह करोड़ से ज्यादा की बैंक गारंटी बिना सरकार की स्वीकृति के कैसे कैश करवाई गई।
उनका तर्क था कि इतनी बड़ी रकम खर्च होने के बावजूद अब तक मेडिकल कॉलेज नहीं बन पाया। यहां तक कि मेडिकल काउंसिल के पास मेडिकल कॉलेज के लिए आवेदन भी नहीं किया।
उजागर हो सकते हैं कुछ और भेद
बात बोलेगी हम नहीं भेद खोलेगी बात ही। प्रदीप कासनी के फेसबुक वॉल पर लिखी गई यह लाइन उनके ट्रांसफर को लेकर देखी जा रही है। चर्चा है कि ट्रांसफर से संबंधित कुछ भेद बाद में भी उजागर हो सकते हैं।