सीएए पर मेरे साथ बहस करें राहुल गांधी, जनता ने उनका साथ दिया तो छोड़ दूंगा राजनीतिः प्रभात झा
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भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं पंजाब भाजपा के प्रभारी प्रभात झा ने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को सीएए पर बहस करने की चुनौती दी है। झा ने रविवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ कांग्रेस व उसके सहयोगी दलों ने लोगों को गुमराह करने के बाद दंगे भड़काने का काम कर राष्ट्रीय अपराध किया है।
राहुल गांधी तो आजकल कहीं बोलते हुए दिखाई नहीं देते लेकिन मैं उन्हें चुनौती देता हूं कि सीएए पर मेरे साथ एक मंच पर आकर बहस कर लें। अगर उसके बाद जनता उनका साथ दे तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा। अगर जनता मेरा साथ दे तो राहुल राजनीति छोड़ दें। झा रविवार को पंजाब प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष श्वेत मलिक के साथ सीएए के समर्थन में लोगों को जागृत करने के लिए डोर टू डोर अभियान के तहत होशियारपुर पहुंचे थे।
झा ने कहा कि सबसे पहले कांग्रेस ने 25 नवंबर 1947 को सांसद में उक्त कानून पारित करने के लिए संकल्प लिया था। इसके बाद केंद्र में जब वाजपेयी सरकार थी तो 18 दिसंबर 2003 को सांसद में प्रतिपक्ष नेता होने के नाते पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने भी उक्त मांग का समर्थन किया था। कांग्रेस ने अपने सहयोगी दलों के साथ मिलकर लोगों को भड़काने का प्रयास किया था लेकिन अब देशवासी सब कुछ समझ रहे हैं।
अल्पसंख्यक होने के बावजूद जमात-ए-अहमदिया को राहत नहीं
पाकिस्तान में अल्पसंख्यक होने के बावजूद जमात-ए-अहमदिया समुदाय को सीएए से बाहर रखे जाने संबंधी सवाल पर झा ने कहा कि मुस्लिम पाकिस्तान में बहुसंख्यक हैं, लिहाजा उन्हें इसमे शामिल नहीं किया जा सकता। पाकिस्तान तो उन्हें मुस्लिम न मानकर गैर मुस्लिम अल्पसंख्यक मानता है तो झा का कहना था कि यह उनकी गलती है तो हम उसमें क्या कर सकते हैं। जमात-ए-अहमदिया को राहत देने संबंधी किसी गुंजाइश पर उन्होंने दो टूक कहा कि अब उक्त कानून को लेकर अधिसूचना जारी कर दी गई है, इसलिए अब इसमें कोई और बदलाव की कोई संभावना नहीं है।
हमने किया नेहरू-लियाकत समझौते का सम्मान
उन्होंने कहा कि आजादी के समय देश में मुसलमानों की जनसंख्या करीब 6 करोड़ थी जो बढ़कर करीब 22 करोड़ हो गई है। जबकि पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की संख्या कम हो गई है, ऐसे में सवाल है कि करोड़ों अल्पसंख्यक कहां गए। हमने तो अपने देश में नेहरू लियाकत समझौते का सम्मान किया और उसका पालन भी किया लेकिन उन्होंने नहीं।
मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की और उक्त कानून को प्रदेश में लागू न करने संबंधी घोषणा पर उन्होंने कहा कि सीएम पंजाब ने यह बयान केवल सोनिया गांधी को खुश करने के लिए ही दिया है। झा ने कहा कि लोग कांग्रेस को पूरी तरह समझने लगे है। इस अवसर पर पूर्व कैबिनेट मंत्री तीक्ष्ण सूद, मेयर शिव सूद, पार्षद निपुन शर्मा, विनोद परमार और अश्वनी गैंद भी उपस्थित थे।