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पीआर 4 लिंक रोड : मुआवजे को लेकर जमींदारों ने किया प्रदर्शन
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चंडीगढ़। तोगां-सारंगपुर लिंक रोड (पीआर 4) के मुआवजे की घोषणा पर डड्डूमाजरा के जमींदारों ने आपत्ति जताई है। मंगलवार को मुआवजे की दर के विरोध में डड्डूमाजरा की अधिग्रहित भूमि पर किसानों ने पहुंचकर प्रदर्शन किया।
जमींदारों ने आरोप लगाया कि यूटी प्रशासन मुआवजे में पारदर्शिता नहीं बरत रहा है। शहरी क्षेत्र में आने के बाद भी जमींदारों को ग्रामीण क्षेत्र की दर से मुआवजा दिया जा रहा है। धनास के जमींदारों के मुकाबले डड्डूमाजरा के जमींदारों का मुआवजा काफी कम है, जबकि धनास की तरह डड्डूमाजरा भी शहरी क्षेत्र में आता है। इसके साथ ही मुआवजे की जो दर यूटी प्रशासन दे रहा है, वह रजिस्ट्री की दरें हैं।
साल 2013 में भू-अधिग्रहण कानून में बदलाव किया गया था कि जमींदारों को अधिग्रहित की जाने वाली भूमि की मुआवजे की दर मार्केट रेट के अनुसार होनी चाहिए। इसके बाद भी प्रशासन मुआवजे को लेकर दोहरे मापदंड अपना रहा है। प्रदर्शन करने वाले जमीदारों में जसबीर सिंह, मास्टर मोहन सिंह, गुरराज सिंह, हरविंदर सिंह, अमृत लाल, चंदन सिंह आदि शामिल थे।
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प्रशासन की ओर से तय दरें
लिंक रोड के लिए प्रशासन की ओर से 17.76 एकड़ भूमि 69 करोड़ में एक्वायर की है। इसमें धनास में 5.25 करोड़ प्रति एकड़ व डड्डूमाजरा के लिए 3.22 करोड़ प्रति एकड़ मुआवजे की घोषणा की गई है। धनास और डड्डूमाजरा के मुआवजे में अंतर को लेकर डड्डूमाजरा के किसान आक्रोशित हैं और प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।
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जमींदारों ने आरोप लगाया कि यूटी प्रशासन मुआवजे में पारदर्शिता नहीं बरत रहा है। शहरी क्षेत्र में आने के बाद भी जमींदारों को ग्रामीण क्षेत्र की दर से मुआवजा दिया जा रहा है। धनास के जमींदारों के मुकाबले डड्डूमाजरा के जमींदारों का मुआवजा काफी कम है, जबकि धनास की तरह डड्डूमाजरा भी शहरी क्षेत्र में आता है। इसके साथ ही मुआवजे की जो दर यूटी प्रशासन दे रहा है, वह रजिस्ट्री की दरें हैं।
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साल 2013 में भू-अधिग्रहण कानून में बदलाव किया गया था कि जमींदारों को अधिग्रहित की जाने वाली भूमि की मुआवजे की दर मार्केट रेट के अनुसार होनी चाहिए। इसके बाद भी प्रशासन मुआवजे को लेकर दोहरे मापदंड अपना रहा है। प्रदर्शन करने वाले जमीदारों में जसबीर सिंह, मास्टर मोहन सिंह, गुरराज सिंह, हरविंदर सिंह, अमृत लाल, चंदन सिंह आदि शामिल थे।
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प्रशासन की ओर से तय दरें
लिंक रोड के लिए प्रशासन की ओर से 17.76 एकड़ भूमि 69 करोड़ में एक्वायर की है। इसमें धनास में 5.25 करोड़ प्रति एकड़ व डड्डूमाजरा के लिए 3.22 करोड़ प्रति एकड़ मुआवजे की घोषणा की गई है। धनास और डड्डूमाजरा के मुआवजे में अंतर को लेकर डड्डूमाजरा के किसान आक्रोशित हैं और प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।