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पीआर-4 लिंक रोड : 69 करोड़ में अधिग्रहित होगी 17.76 एकड़ जमीन
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चंडीगढ़। तोगां-सारंगपुर लिंक रोड (पीआर-4) के मुआवजे की घोषणा यूटी प्रशासन ने कर दी है। 17.76 एकड़ जमीन अधिग्रहित करने के लिए 69 करोड़ रुपये मुआवजे के तौर पर प्रशासन जमींदारों को देगा। धनास के जमींदारों के लिए 5.25 करोड़ रुपये प्रति एकड़ और डड्डूमाजरा के लिए 3.22 करोड़ रुपये प्रति एकड़ मुआवजा तय किया गया है।
यूटी प्रशासन ने तोगां-सारंगपुर लिंक रोड बनाने के लिए धनास और डड्डूमाजरा के लिए 110 किसानों की 17.76 एकड़ भूमि अधिग्रहण करने की योजना बनाई थी। बीते सोमवार को भूमि अधिग्रहण विभाग द्वारा किसानों को मिलने वाले मुआवजे की घोषणा की जानी थी। इसको लेकर संबंधित किसान विभागीय कार्यालय भी बुला लिए थे, लेकिन कोर्ट में सुनवाई होने के चलते इसे पूरा नहीं किया जा सका था। इसके बाद ही प्रशासन ने गत बुधवार को इस प्रक्रिया को पूरा किया।
धनास के सरपंच कुलजीत सिंह संधू ने बताया कि भूमि अधिग्रहण विभाग ने मुआवजे की घोषणा तो कर दी है, लेकिन अभी भी किसान इससे संतुष्ट नहीं हैं। यही कारण है कि वे जल्द ही यूटी प्रशासक तक यह मामला लेकर जाएंगे। प्रशासन बेहतर रोड कनेक्टिविटी के लिए यह नई रोड बनाने जा रहा है। यह रोड पीआर-4 के नाम से होगी। यह मोहाली के गांव तोगां से शुरू होगी, जो मार्बल मार्केट धनास और नवनिर्मित चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के मकानों को क्रॉस करते हुए आगे गांव सारंगपुर और फिर न्यू चंडीगढ़ को मोहाली के साथ जोड़ेगी।
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मुआवजे से संतुष्ट नहीं हैं जमींदार
यूटी प्रशासन द्वारा अधिग्रहित जमीन के लिए जो मुआवजा तय किया है उससे जमींदार खुश नहीं हैं। जमींदारों का कहना है कि धनास और डड्डूमाजरा के बीच जमीनों के मुआवजे के लिए काफी अंतर रखा गया है, जो उचित नहीं है। जमींदारों ने बताया कि वह अपने हक की लड़ाई को जारी रखेंगे।
गौरतलब है कि मुआवजे को लेकर कोर्ट में भी मामला चल रहा है। इससे पहले कोर्ट में सुनवाई होने के चलते गत दिन मुआवजे की घोषणा नहीं की जा सकी थी। वहीं किसान अभी भी इसका विरोध कर रहे हैं और वै अधिक मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं।
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यूटी प्रशासन ने तोगां-सारंगपुर लिंक रोड बनाने के लिए धनास और डड्डूमाजरा के लिए 110 किसानों की 17.76 एकड़ भूमि अधिग्रहण करने की योजना बनाई थी। बीते सोमवार को भूमि अधिग्रहण विभाग द्वारा किसानों को मिलने वाले मुआवजे की घोषणा की जानी थी। इसको लेकर संबंधित किसान विभागीय कार्यालय भी बुला लिए थे, लेकिन कोर्ट में सुनवाई होने के चलते इसे पूरा नहीं किया जा सका था। इसके बाद ही प्रशासन ने गत बुधवार को इस प्रक्रिया को पूरा किया।
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धनास के सरपंच कुलजीत सिंह संधू ने बताया कि भूमि अधिग्रहण विभाग ने मुआवजे की घोषणा तो कर दी है, लेकिन अभी भी किसान इससे संतुष्ट नहीं हैं। यही कारण है कि वे जल्द ही यूटी प्रशासक तक यह मामला लेकर जाएंगे। प्रशासन बेहतर रोड कनेक्टिविटी के लिए यह नई रोड बनाने जा रहा है। यह रोड पीआर-4 के नाम से होगी। यह मोहाली के गांव तोगां से शुरू होगी, जो मार्बल मार्केट धनास और नवनिर्मित चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के मकानों को क्रॉस करते हुए आगे गांव सारंगपुर और फिर न्यू चंडीगढ़ को मोहाली के साथ जोड़ेगी।
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मुआवजे से संतुष्ट नहीं हैं जमींदार
यूटी प्रशासन द्वारा अधिग्रहित जमीन के लिए जो मुआवजा तय किया है उससे जमींदार खुश नहीं हैं। जमींदारों का कहना है कि धनास और डड्डूमाजरा के बीच जमीनों के मुआवजे के लिए काफी अंतर रखा गया है, जो उचित नहीं है। जमींदारों ने बताया कि वह अपने हक की लड़ाई को जारी रखेंगे।
गौरतलब है कि मुआवजे को लेकर कोर्ट में भी मामला चल रहा है। इससे पहले कोर्ट में सुनवाई होने के चलते गत दिन मुआवजे की घोषणा नहीं की जा सकी थी। वहीं किसान अभी भी इसका विरोध कर रहे हैं और वै अधिक मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं।