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बिजली के निजीकरण की प्रक्रिया तेज, पवन शर्मा बने नोडल ऑफिसर

Wed, 16 Sep 2020 12:51 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Wed, 16 Sep 2020 12:51 AM IST
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Power privatization process accelerated Pawan Sharma becomes nodal officer
चंडीगढ़। यूटी प्रशासन ने शहर की बिजली को निजी हाथों में देने की तैयारी कर ली है। प्रशासन ने इलेक्ट्रिसिटी ओपी डिवीजन नंबर 2 के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर पवन कुमार शर्मा को इस पूरी प्रक्रिया के लिए नोडल ऑफिसर नियुक्त किया है। जारी आदेशों के अनुसार वह बिजली विभाग के निजीकरण की प्रक्रिया में सभी विभागों, टेंडर, मंत्रालय, कंसल्टेंट कंपनी के साथ समन्वय करेंगे।
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बिजली विभाग के सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर की ओर से जारी आदेशों के अनुसार दिसंबर 2020 तक शहर की बिजली के निजीकरण की प्रक्रिया पूरी करनी है। केंद्र सरकार ने चंडीगढ़ प्रशासन को जनवरी 2021 तक का समय दिया है, लेकिन प्रशासन इस काम को साल के अंत तक ही पूरा कर लेना चाहता है। बीते महीने प्रधानमंत्री के प्रिंसिपल सेक्रेटरी पीके मिश्रा, कैबिनेट सेक्रेटरी राजीव गौबा और गृह सचिव अजय कुमार भल्ला के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग से चंडीगढ़ प्रशासक के सलाहकार मनोज परिदा की हुई बैठक में शहर की बिजली के निजीकरण को लेकर चर्चा की गई थी।
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शहर के बिजली विभाग को किस तरह से निजी हाथों में दिया जा सकता है, इसके लिए कंसल्टेंट हायर करने की प्रक्रिया पिछले साल ही शुरू हो गई थी। कई बार टेंडर किए गए, जिसमें पावर फाइनेंस कारपोरेशन ने एक इंटरनेशनल कंपनी डेलॉयट को निजीकरण के सभी पेंच को सुलझाने का काम सौंपा है। यह कंपनी शहर के बिजली विभाग में काम करने वाले कर्मचारियों, पावर सप्लाई समेत कई अन्य तरह की जानकारियों को एकत्रित कर रही है। इसके बाद एक रिपोर्ट तैयार होगी। इसी आधार पर निजीकरण की प्रक्रिया शुरू होगी।
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वित्त मंत्री ने की थी बिजली के निजीकरण की घोषणा
जब पूरा देश कोविड 19 महामारी से लड़ रहा है खासकर स्वास्थ्य, सफाई और बिजली सेक्टर में लगे सरकारी कर्मचारी कोरोना वॉरियर्स की अहम भूमिका अदा कर रहे हैं, ऐसे संकट के दौर में बिजली विभाग को निजी हाथों में देने पर प्रशासन क्यों आतुर है, इसे लेकर भी कई सवाल खड़े हो रहे हैं। यह सवाल प्रशासन के कई अधिकारियों से पूछा गया, जिस पर ज्यादातर का कहना था कि यह फैसला केंद्र सरकार का है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने पीएम मोदी के 20 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज पर चौथी प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए केंद्र शासित प्रदेशों में बिजली वितरण का निजीकरण करने की घोषणा की थी। गौरतलब है कि शहर में इस समय 2.47 लाख बिजली उपभोक्ता हैं। इनमें से 2.14 लाख लोग घरेलू बिजली का इस्तेमाल कर रहे हैं, जबकि अन्य कॉमर्शियल, स्माल पावर, पब्लिक लाइटिंग और कृषि के कनेक्शन हैं। चंडीगढ़ की अपनी खुद की बिजली नहीं है, वह डिस्ट्रीब्यूशन का काम करता है।
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