हरियाणा में बिजली संकट: उद्योगों पर 12 घंटे कट, किसान भी सड़कों पर उतरे, सीएम बोले- होगा समाधान
हरियाणा सरकार ने हफ्तारभर पहले केंद्र को पत्र लिखकर अतिरिक्त कोयला देने की मांग की थी। यह मांग अभी पूरी नहीं हो पा रही। वहीं, रोजाना मिल रहे कोयले में भी कटौती कर दी गई है। पहले 10 रैक मिल रहे और अब मात्र सात ही मिल रहे हैं।
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बढ़ती गर्मी के साथ हरियाणा में बिजली संकट और ज्यादा गहरा गया है। 9 से 12 घंटे के कटों के कारण उद्योगों में काम ठप हो गया है। किसान सड़कों पर उतर आए हैं और ग्रामीण भी धरना देने लगे हैं। हालांकि, मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि जल्द ही समस्या का समाधान होगा। प्रदेश में बिजली की मांग रोजाना 8600 मेगावाट तक पहुंच गई है।
पानीपत में औद्योगिक क्षेत्र में बुधवार रात 12 घंटे से ज्यादा की बिजली कटौती रही। इससे गुरुवार सुबह तक सभी उद्योगपतियों ने जेनरेटर से फैक्टरी का संचालन किया। सुबह भी बिजली नहीं आने पर जेनरेटर बंद करवाने पड़े। मजबूरी में इंडस्ट्रियल एरिया की आधे से ज्यादा फैक्टरियां उद्योगपतियों को बंद करनी पड़ीं।
यहीं हालात सोनीपत और पंचकूला में रहे। उद्योगपतियों का कहना है कि यदि बिजली निगम को कटौती करनी है तो एक दिन पहले सूचना दी जानी चाहिए जिससे वे अपनी तैयारी कर सकें। वहीं, कपास की फसल की बिजाई के लिए पर्याप्त बिजली न मिलने के कारण गुरुवार को भिवानी में गोपालवास, मंढोली कलां, हरियावास, सिधनवा, कासनी कलां, खुर्द सहित अन्य गांवों किसानों ने बिजली घर के सामने जाम लगा दिया।
किसानों ने कहा कि बिजली निगम ने आठ घंटे का शेड्यूल बनाया हुआ है। इसके बाद भी कट लग रहे हैं और सिर्फ दो से तीन घंटे ही बिजली मिल पा रही है। बिजली निगम के अधिकारियों ने दो दिन में बिजली सप्लाई में सुधार करने का लिखित आश्वासन दिया। इसके बाद किसानों ने जाम खोला। कटों से परेशान ग्रामीणों ने पानीपत के गांव इसराना और हिसार में धरना दिया।
हरियाणा को कोयले के मात्र सात रैक मिल रहे
प्रदेश सरकार ने हफ्तारभर पहले केंद्र को पत्र लिखकर अतिरिक्त कोयला देने की मांग की थी। यह मांग अभी पूरी नहीं हो पा रही। वहीं, रोजाना मिल रहे कोयले में भी कटौती कर दी गई है। पहले 10 रैक मिल रहे और अब मात्र सात ही मिल रहे हैं। स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो आगामी दिनों में बिजली उत्पादन इकाइयों को पर्याप्त कोयला नहीं मिलेगा और बिजली कटों की संख्या बढ़ेगी। बिजली निगम के एसीएस पीके दास का कहना है कि पहले के मुकाबले कोयले का स्टॉक कम हुआ है। हरियाणा में फिलहाल कोयले की कमी से किसी भी बिजली उत्पादन इकाई को बंद नहीं किया गया है।
कट जारी, जल्द राहत के आसार कम
बिजली समस्या के समाधान के लिए सरकार प्रयासरत है। मध्य प्रदेश से खरीदी जाने वाली 500 मेगावाट के लिए अभी प्रक्रिया चल रही है। आगामी दिनों में केंद्रीय पुल में भी अन्य प्रदेश अधिक बिजली की मांग करेंगे। फिलहाल हरियाणा 1200 मेगावाट बिजली 12 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से खरीद रहा है। अडानी पावर और टाटा कंपनी से बातचीत चल रही है।
बिजली संकट के लिए सरकार जिम्मेदार है। सरप्लस उत्पादन क्षमता होने के बावजूद 14 महीने से प्रदेश के पावर प्लांट बंद पड़े हैं। इसकी वजह से लोगों को लंबे-लंबे पावर कट झेलने पड़ रहे। - भूपेंद्र हुड्डा, पूर्व मुख्यमंत्री
लोग इस भीषण गर्मी में बिजली संकट झेल रहे हैं। हरियाणा में बिजली उत्पादन की दो बड़ी यूनिट बंद पड़ी हैं। यमुनानगर थर्मल प्लांट में केवल आठ दिन और पानीपत थर्मल में प्लांट में केवल सात दिन का स्टॉक बचा है। सरकार व्यवस्था नहीं कर पा रही है। - रणदीप सिंह सुरजेवाला, राष्ट्रीय महासचिव, कांग्रेस
बिजली संकट से निपटने को अदानी समूह से बातचीत करेंगे: सीएम
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा है कि बिजली संकट से राहत पाने के लिए अदानी समूह से बातचीत की जाएगी। उन्होंने कहा कि 25 अप्रैल को अदानी समूह के साथ होने वाली बैठक में इस संकट का हल पारस्परिक बातचीत से निकाल लिया जाएगा।