पंजाब में बिजली संकट बरकरार: 1980 मेगावाट क्षमता वाला तलवंडी साबो तापीय ऊर्जा संयंत्र ठप, रोपड़ की भी एक इकाई बंद
पंजाब में बिजली संकट खत्म होने की जगह गहराता जा रहा है। शुक्रवार को 1980 मेगावाट क्षमता वाला तलवंडी साबो तापीय ऊर्जा संयंत्र की तीनों इकाईयों में उत्पादन ठप हो गया। उधर, रोपड़ प्लाट में तकनीकी खराबी की वजह से बंद एक इकाई को शुक्रवार को भी शुरू नहीं किया जा सका। उम्मीद जताई जा रही है कि शनिवार की सुबह तक यह इकाई चालू हो जाएगी।
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पंजाब में शुक्रवार को बिजली संकट उस समय और गहरा गया, जब 1980 मेगावाट क्षमता वाला तलवंडी साबो तापीय ऊर्जा संयंत्र पूरी तरह ठप हो गया। तकनीकी खराबी के कारण पहले ही 50 फीसदी क्षमता पर चल रही तीसरी यूनिट भी शुक्रवार को बंद हो गई। बता दें कि इस संयंत्र की दो यूनिट पहले ही खराबी के कारण बंद हैं।
वहीं रोपड़ थर्मल प्लांट की 210 मेगावाट क्षमता वाली एक इकाई भी दावों के विपरीत चालू नहीं हो सका। जिस कारण बिजली आपूर्ति में शुक्रवार को और कमी के साथ संकट गहरा गया और लोगों को अघोषित कटों का सामना करना पड़ा। उधर, किसानों को भी मुश्किल से पांच से छह घंटे बिजली मिल सकी, जबकि सरकार ने आठ घंटे बिजली देने का वादा किया है।
तलवंडी साबो तापीय ऊर्जा संयंत्र के 660-660 क्षमता वाली तीन इकाइयों में से एक इकाई इस साल मार्च महीने से बंद है, जबकि दूसरी इकाई पिछले दिनों ब्वॉयलर ट्यूब में लीकेज के कारण बंद हो गई थी। अभी यह दोनों चल नहीं पाईं कि शुक्रवार को तीसरी इकाई भी बंद हो गई।
उधर, रोपड़ तापीय ऊर्जा संयंत्र की गुरुवार को बंद पड़ी 210 मेगावाट क्षमता वाली इकाई भी शुक्रवार को इंजीनियरिंग स्टाफ की काफी कोशिशों बाद चालू नहीं हो सका। व्बॉयलर ट्यूब में लीकेज कारण यह इकाई बंद हो गई थी। हालांकि शनिवार सुबह तक चालू होने की बात कही जा रही है लेकिन फिलहाल पंजाब में बिजली आपूर्ति में बड़ी कमी से संकट खड़ा हो गया है।
2840 मेगावाट बिजली उत्पादन में आई कमी
आंकड़ों के मुताबिक पंजाब में बिजली उत्पादन में शुक्रवार को 2840 मेगावाट की कमी रही। इसमें तलवंडी साबो तापीय ऊर्जा संयंत्र के 1980 मेगावाट, रोपड़ तापीय ऊर्जा संयंत्र के 210 मेगावाट और रणजीत सागर डैम से 150 मेगावाट व पन बिजली उत्पादन में 600 मेगावाट की कमी रही।
उधर, सीएमडी ए वेणु प्रसाद ने कहा कि पावरकॉम ने खेतीबाड़ी, घरेलू व औद्योगिक क्षेत्रों में बढ़ रही मांग को देखते हुए फील्ड अधिकारियों को खास हिदायतें जारी कीं हैं। फील्ड अफसरों को 19 जुलाई तक गांवों में रोजाना सरपंचों, किसान यूनियनों के साथ मुलाकात करने व गांवों में जरूरी बड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का निर्देश दिया। एसडीओ, सीनियर एक्सईएन और सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर अपने सब डिवीजन, डिवीजन व सर्कल में क्रमवार रोजाना पांच गांवों का दौरा करेंगे।
संकट से उबरने के लिए एसोचैम ने मुख्यमंत्री से की हस्तक्षेप की मांग
पंजाब में बिजली संकट से जूझ रहे उद्योग जगत को लेकर एसोसिएटेड चैंबर्स ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्री आफ इंडिया (एसोचैम) ने नाराजगी प्रकट की है। एसोचैम ने इस संकट से उबारने के लिए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से हस्तक्षेप की मांग की है। साथ ही सलाह दी है कि पंजाब सरकार को केंद्र सरकार से आने वाली लाइनों की क्षमता को अपग्रेड करना चाहिए।
अब तक 550 करोड़ की बिजली खरीद चुका पंजाब, मानसून पर निगाहें
भीषण गर्मी और धान की रोपाई के कारण मांग पूरा करने के लिए पंजाब को महंगी दरों पर बिजली खरीदनी पड़ रही है। अब तक पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) 550 करोड़ रुपये की बिजली खरीद चुका है। इसके बाद अभी भी बिजली की मांग, आपूर्ति से अधिक बनी हुई है। अब पीएसपीसीएल मानसून पर निगाहें टिकाए हुए है। पंजाब में इन दिनों बिजली की मांग 13000 मेगावाट से अधिक हो चुकी है, जबकि पीएसपीसीएल के पास 12800 मेगावाट बिजली ही उपलब्ध है।