चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव: नारी शक्ति का राज... पहली बार निगम में आयुक्त और मेयर होंगी साथ
नगर निगम में पार्षद का कार्यकाल पांच वर्ष और मेयर का कार्यकाल एक वर्ष का होता है। मेयर पद हर साल अलग-अलग वर्ग के लिए आरक्षित होता है, जिसमें पहला और चौथा महिला, तीसरा साल एससी और दूसरा व पांचवां सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित होता है।
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चंडीगढ़ में इस बार का निगम चुनाव महिला शक्ति को भी आगे बढ़ाएगा। निगम में पहली बार शहर की प्रथम नागरिक और आयुक्त एक साथ दोनों बड़े पदों पर महिलाएं आसीन होंगी। चुनाव के बाद पहला और चौथा साल महिला मेयर के लिए आरक्षित होता है। वहीं निगम में पहली बार स्थायी रूप से किसी महिला को आयुक्त पद पर तैनात किया गया है। 2022 में दोनों बड़े पदों पर महिलाएं होंगी। एक निगम तो दूसरी शहर का नेतृत्व करेंगी। इसलिए महिला प्रत्याशी अब इस बात के लिए भी लोगों को लुभा रही हैं कि उनके क्षेत्र के पार्षद मेयर भी बन सकती है।
नगर निगम में पार्षद का कार्यकाल पांच वर्ष और मेयर का कार्यकाल एक वर्ष का होता है। मेयर पद हर साल अलग-अलग वर्ग के लिए आरक्षित होता है, जिसमें पहला और चौथा महिला, तीसरा साल एससी और दूसरा व पांचवां सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित होता है। हालांकि राजनीतिक दल मेयर के लिए कम से कम ढाई साल के कार्यकाल की मांग करते रहे हैं। वहीं कई संगठन मेयर चुनाव भी पार्षद की तरह सीधे जनता से कराने की मांग करते रहे हैं।
महिला उम्मीदवार : कांग्रेस से 13 और भाजपा-आप से 12
चुनाव में इस बार 26 से वार्ड बढ़ाकर 35 कर दिए गए हैं। इसलिए महिला आरक्षित वार्डों की संख्या भी बढ़ाकर 12 हो गई है। चुनाव में कुल 37 महिलाएं मैदान में हैं। भाजपा और आम आदमी पार्टी ने आरक्षित सीटों पर ही महिलाओं को उम्मीदवार बनाया है। कांग्रेस ने 13 सीटों पर महिलाओं को उम्मीदवार बनाया है। इसलिए इस बार महिला प्रत्याशी भी स्वयं को मेयर पद के लिए दावेदार मानकर चुनाव में जुटी हैं।
चार महिलाएं दोबारा मैदान में, रहेंगी प्रबल दावेदार
इस बार नगर निगम चुनाव के लिए चार महिलाएं फिर से चुनाव मैदान में हैं। भाजपा की ओर से सुनीता धवन और हीरा नेगी, वहीं कांग्रेस की ओर से गुरबक्श रावत और रविंदर कौर गुजराल फिर से चुनाव लड़ रहीं हैं। इन दोनों पार्टियों में से कोई सत्ता में आई तो इन चारों में से एक मेयर पद के लिए प्रबल दावेदार होगा। वहीं आम आदमी पार्टी सत्ता में आई तो नया चेहरा देखने को भी मिल सकता है।
अब पत्नियों के लिए लगाएंगे जोर
भाजपा की ओर से जगतार सिंह जग्गा, अनिल दुबे और विनोद अग्रवाल ने महिला सीट होने के बाद अपनी पत्नियों को मैदान में उतारा है। वहीं कांग्रेस पार्षद देवेंद्र सिंह बबला ने भी पत्नी को मैदान में उतारा है।
पिछले पांच साल के मेयर
वर्ष वर्ग मेयर
2017 महिला आशा जसवाल
2018 सामान्य देवेश मोदगिल
2019 एससी राजेश कुमार
2020 महिला राजबाला मलिक
2021 सामान्य रविकांत शर्मा
कांग्रेस ने इन्हें उतारा मैदान में
मोनिका शर्मा, जन्नत जहां, दर्शना रानी, ममता गिरी, ममता देवी, हरप्रीत कौर बबला, दीपा असधीर दुबे, सोनिया, सरोज शर्मा, कमलेश बनारसी दास, बलविंदर कौर, रविंदर कौर गुजराल और गुरबक्श रावत।
भाजपा ने इन पर खेला दांव
मंजीत कौर, सविता गुप्ता, नितिका गुप्ता, सरबजीत ढिल्लो, विमला दुबे, राशि भसीन, ऊषा, सुनीता धवन, योगिता विक्की शेरा, हीरा नेगी, नेहा अरोड़ा, जसविंदर कौर।
आप ने इनको दिया है मौका
जसविंदर कौर, सुमन अमित शर्मा, अमनप्रीत कौशल, नितिका कौशल, वंदना यादव, अवतार कौर, पूनम कुमारी, तरुणा मेहता, नेहा, अंजू कटियाल, प्रेमलता और गीता देवी।