{"_id":"660db96fce13f0ca1f096d67","slug":"post-mortem-report-does-not-reveal-the-cause-of-death-chandigarh-news-c-284-1-ptl1001-4047-2024-04-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh News: पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत के कारणों का खुलासा नहीं, शरीर के अंग केमिकल जांच को भेजे गए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh News: पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत के कारणों का खुलासा नहीं, शरीर के अंग केमिकल जांच को भेजे गए
विज्ञापन
पटियाला में केक खाने से बच्ची की हुई मौत का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला। पटियाला में केक खाने से हुई 10 साल की बच्ची की मौत के कारणों का पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी खुलासा नहीं हो सका है। पोस्टमार्टम करने वाले पटियाला के मेडिकल कालेज के डाक्टरों ने इस संबंधी कुछ बता पाने में असमर्थता जताई है। इसलिए अब बच्ची के शरीर के अंग केमिकल जांच के लिए लैब में भेजे गए हैं, जिसकी रिपोर्ट आने में करीब दो महीने का समय लगने की संभावना है। पोस्टमार्टम करने वाले डाक्टरों के मुताबिक पेट, बड़ी आंत, छोटी आंत, किडनी, लीवर समेत कईं हिस्सों के सैंपल लिए गए हैं। इन्हें जांच के लिए पैथोलाॅजी लैब के अलावा केमिकल जांच के लिए भी भेजा गया है। डाक्टरों का कहना है कि अगर केक में किसी प्रकार का जहर है, तो केमिकल जांच में इसका पता लगाया जा सकेगा। यह मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है।
बीते दिनों खुद सेहत मंत्री डाॅ. बलबीर सिंह पीड़ित परिवार के घर पहुंचे थे और उन्होंने मामले की जांच करके इंसाफ दिलाने का वादा किया था। उधर, बेकरी का मालिक गुरप्रीत सिंह अभी भी पुलिस गिरफ्त से बाहर है, जिसकी तलाश फिलहाल जारी है। वहीं पकड़े तीन आरोपी रणजीत सिंह, पवन कुमार व विजय कुमार न्यायिक हिरासत पर पटियाला जेल भेज दिए गए हैं। गौरतलब है कि 24 मार्च को अमन नगर की रहने वाली 10 साल की मानवी का जन्मदिन था। वह अपनी मां काजल व छोटी बहन के साथ पिछले कुछ सालों से नाना-नानी के घर ही रहती है। मां काजल आईटी पार्क मोहाली में नौकरी करती है। मां के मुताबिक शाम को करीब छह बजे उन्होंने ऑनलाइन केक ऑर्डर किया था। साढ़े छह बजे केक घर पहुंचाया गया। जिसके बाद करीब सवा सात बजे मानवी ने केक काटा और सभी ने इसे खाया। लेकिन थोड़ी ही देर बाद ही मानवी समेत परिवार के बाकी सदस्यों की तबीयत खराब होने लगी। सबको उल्टियां होने लगीं। मानवी की तबीयत ज्यादा खराब होने के कारण अगले दिन 25 मार्च की सुबह अस्पताल में मौत हो गई थी।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला। पटियाला में केक खाने से हुई 10 साल की बच्ची की मौत के कारणों का पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी खुलासा नहीं हो सका है। पोस्टमार्टम करने वाले पटियाला के मेडिकल कालेज के डाक्टरों ने इस संबंधी कुछ बता पाने में असमर्थता जताई है। इसलिए अब बच्ची के शरीर के अंग केमिकल जांच के लिए लैब में भेजे गए हैं, जिसकी रिपोर्ट आने में करीब दो महीने का समय लगने की संभावना है। पोस्टमार्टम करने वाले डाक्टरों के मुताबिक पेट, बड़ी आंत, छोटी आंत, किडनी, लीवर समेत कईं हिस्सों के सैंपल लिए गए हैं। इन्हें जांच के लिए पैथोलाॅजी लैब के अलावा केमिकल जांच के लिए भी भेजा गया है। डाक्टरों का कहना है कि अगर केक में किसी प्रकार का जहर है, तो केमिकल जांच में इसका पता लगाया जा सकेगा। यह मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है।
बीते दिनों खुद सेहत मंत्री डाॅ. बलबीर सिंह पीड़ित परिवार के घर पहुंचे थे और उन्होंने मामले की जांच करके इंसाफ दिलाने का वादा किया था। उधर, बेकरी का मालिक गुरप्रीत सिंह अभी भी पुलिस गिरफ्त से बाहर है, जिसकी तलाश फिलहाल जारी है। वहीं पकड़े तीन आरोपी रणजीत सिंह, पवन कुमार व विजय कुमार न्यायिक हिरासत पर पटियाला जेल भेज दिए गए हैं। गौरतलब है कि 24 मार्च को अमन नगर की रहने वाली 10 साल की मानवी का जन्मदिन था। वह अपनी मां काजल व छोटी बहन के साथ पिछले कुछ सालों से नाना-नानी के घर ही रहती है। मां काजल आईटी पार्क मोहाली में नौकरी करती है। मां के मुताबिक शाम को करीब छह बजे उन्होंने ऑनलाइन केक ऑर्डर किया था। साढ़े छह बजे केक घर पहुंचाया गया। जिसके बाद करीब सवा सात बजे मानवी ने केक काटा और सभी ने इसे खाया। लेकिन थोड़ी ही देर बाद ही मानवी समेत परिवार के बाकी सदस्यों की तबीयत खराब होने लगी। सबको उल्टियां होने लगीं। मानवी की तबीयत ज्यादा खराब होने के कारण अगले दिन 25 मार्च की सुबह अस्पताल में मौत हो गई थी।
विज्ञापन