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घग्गर नदी में डूबी युवतियों का चार घंटे बाद हुआ पोस्टमार्टम
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
Updated Mon, 01 Aug 2016 01:42 AM IST
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mla gyanchand
- फोटो : amar ujala
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गांव बुर्जकोटियां के पास घग्गर नदी में बहने वाली दूसरी युवती का शव रविवार को बरामद हो गया। इस लड़की का शव काफी दूर बहकर चला गया था। गांव चौकी के पास पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से शव को ढूंढ निकाला। इसके बाद शव को जनरल अस्पताल सेक्टर-6 पंचकूला में रखवाया गया। युवतियों के शवों के पोस्टमार्टम के लिए पुलिस एवं परिजनों को कड़ी मशक्कत का सामना करना पड़ा।
राजीव कॉलोनी एवं मौलीजागरां के इंद्रीश, मनीषा, नीलम और मोनिका (जिनकी उम्र 20 से 22 साल के बीच है) शनिवार को घूमने बुर्ज कोटियां गए थे। यहां पर घग्गर नदी के बीच निकलने वाले झरने में चारों ने नहाने का मन बनाया। दोपहर बाद जब चारों झरने के नीचे नहा रहे थे तो अचानक घुमावदार पहाड़ों के बीच से तेज बहाव के साथ नदी में पानी आ गया। पानी के बहाव के साथ चारों बहने लगे, लेकिन इंद्रीश और मनीषा किसी तरह नदी से निकलने में कामयाब रहे, लेकिन मोनिका एवं नीलम पानी में बह गए थे। युवती को नदी में बहता गांव अंबवाला निवासी आलम, सोनू, सराफत अली ने देखा। इन लोगों ने बताया कि नदी के साथ उनके खेत हैं। वह पहाड़ी के ऊपर खड़े थे तो उन्हें नदी में एक युवती बहती हुई दिखाई दी। इसके बाद वह नदी के पास आए तो देखा कि वह काफी दूर तक बह गई थी। कुछ समय बाद दूसरी लड़की बहती हुई दिखी तो उन्होंने पानी में घुसकर उसे बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। जिस युवती का शव उन्होंने निकाला, वह झरने से करीब एक किलोमीटर दूर बहकर चली गई थी।
नीलम का शव शनिवार को ही ग्रामीणों ने नदी से निकाल लिया था, लेकिन मोनिका का शव नहीं मिल सका। अमरावती पुलिस चौकी प्रभारी जनक राज ने स्थानीय लोगों एवं मोनिका के परिवार के साथ रविवार सुबह फिर से सर्च अभियान चलाया। शव को नदी से निकालने में ही लगभग तीन घंटे लग गए। पुलिस ने शव को जनरल अस्पताल सेक्टर-6 के शवगृह में रखवाया।
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लोगों ने की नारेबाजी
अस्पताल के डॉक्टर बलजीत ने मामला कालका का होने के चलते पोस्टमार्टम से इंकार कर दिया। इसके बाद मृतक युवतियों के परिजनों, कॉलोनी वासी एवं प्रधान ने अस्पताल के डाक्टरों के खिलाफ नारेबाजी की। लोगों ने कहा कि किसी को भी इतना संवेदनहीन नहीं होना चाहिए। अस्पताल के डाक्टरों द्वारा युवतियों का पोस्टमार्टम न करने की सूचना लोगों ने स्थानीय विधायक ज्ञानचंद गुप्ता को दी। सूचना मिलते ही विधायक मौके पर पहुंचे तो लोगों ने अपनी भड़ास निकाली। इसके बाद विधायक ने सिविल सर्जन से बातचीत की। इसके बाद लगभग चार घंटे बाद युवतियों के शवों का पोस्टमार्टम हो सका। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए।
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राजीव कॉलोनी एवं मौलीजागरां के इंद्रीश, मनीषा, नीलम और मोनिका (जिनकी उम्र 20 से 22 साल के बीच है) शनिवार को घूमने बुर्ज कोटियां गए थे। यहां पर घग्गर नदी के बीच निकलने वाले झरने में चारों ने नहाने का मन बनाया। दोपहर बाद जब चारों झरने के नीचे नहा रहे थे तो अचानक घुमावदार पहाड़ों के बीच से तेज बहाव के साथ नदी में पानी आ गया। पानी के बहाव के साथ चारों बहने लगे, लेकिन इंद्रीश और मनीषा किसी तरह नदी से निकलने में कामयाब रहे, लेकिन मोनिका एवं नीलम पानी में बह गए थे। युवती को नदी में बहता गांव अंबवाला निवासी आलम, सोनू, सराफत अली ने देखा। इन लोगों ने बताया कि नदी के साथ उनके खेत हैं। वह पहाड़ी के ऊपर खड़े थे तो उन्हें नदी में एक युवती बहती हुई दिखाई दी। इसके बाद वह नदी के पास आए तो देखा कि वह काफी दूर तक बह गई थी। कुछ समय बाद दूसरी लड़की बहती हुई दिखी तो उन्होंने पानी में घुसकर उसे बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। जिस युवती का शव उन्होंने निकाला, वह झरने से करीब एक किलोमीटर दूर बहकर चली गई थी।
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नीलम का शव शनिवार को ही ग्रामीणों ने नदी से निकाल लिया था, लेकिन मोनिका का शव नहीं मिल सका। अमरावती पुलिस चौकी प्रभारी जनक राज ने स्थानीय लोगों एवं मोनिका के परिवार के साथ रविवार सुबह फिर से सर्च अभियान चलाया। शव को नदी से निकालने में ही लगभग तीन घंटे लग गए। पुलिस ने शव को जनरल अस्पताल सेक्टर-6 के शवगृह में रखवाया।
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लोगों ने की नारेबाजी
अस्पताल के डॉक्टर बलजीत ने मामला कालका का होने के चलते पोस्टमार्टम से इंकार कर दिया। इसके बाद मृतक युवतियों के परिजनों, कॉलोनी वासी एवं प्रधान ने अस्पताल के डाक्टरों के खिलाफ नारेबाजी की। लोगों ने कहा कि किसी को भी इतना संवेदनहीन नहीं होना चाहिए। अस्पताल के डाक्टरों द्वारा युवतियों का पोस्टमार्टम न करने की सूचना लोगों ने स्थानीय विधायक ज्ञानचंद गुप्ता को दी। सूचना मिलते ही विधायक मौके पर पहुंचे तो लोगों ने अपनी भड़ास निकाली। इसके बाद विधायक ने सिविल सर्जन से बातचीत की। इसके बाद लगभग चार घंटे बाद युवतियों के शवों का पोस्टमार्टम हो सका। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए।