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Chandigarh News: रकम लेकर भी नहीं दिया फ्लैट पर कब्जा, लौटानी होगी रकम
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चंडीगढ़। जिला उपभोक्ता आयोग ने एडवांस राशि लेने के बावजूद फ्लैट पर कब्जा न देने व पैसे न लौटाने के मामले में सुनवाई करते हुए सहारा सिटी होम्स मार्केटिंग एंड सेल्स कॉर्पोरेशन को सेवा में कोताही का दोषी करार दिया है। वहीं, सहारा को एडवांस राशि लौटाने के निर्देश दिए हैं।
सेक्टर-49 निवासी विनोद गोयल ने उपभोक्ता आयोग को दी शिकायत में बताया कि सेवानिवृत्त जीवन आराम से बिताने के लिए साल 2005 में सहारा सिटी होम्स मार्केटिंग एंड सेल्स कॉर्पोरेशन से बनूड़ में 3 बीएचके का फ्लैट लेने की योजना बनाई थी। शिकायतकर्ता ने ड्राफ्ट बुकिंग के लिए 1.35 लाख रुपये का भुगतान किया। इसके कुछ समय बाद में 2.70 लाख रुपये का भुगतान किया। इस तरह एडवांस के रूप में कुल 4.06 लाख रुपये का भुगतान किया गया। चार लाख लेने के बावजूद भी कोई कोई आवंटन पत्र जारी किया और न ही शिकायतकर्ता से शेष किस्तों की मांग की गई। लंबा समय बीत जाने के बावजूद प्रोजेक्ट में कोई प्रगति नजर नहीं आई। न ही फ्लैट डिलीवरी के बारे में कोई अपडेट दिया गया। शिकायतकर्ता ने पैसे लौटाने के लिए अनुरोध लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। मामले पर सुनवाई करते हुए जिला उपभोक्ता आयोग ने सहारा सिटी होम्स मार्केटिंग एंड सेल्स कॉर्पोरेशन को शिकायतकर्ता की ओर से दी गई राशि लौटाने के निर्देश दिए है। वहीं, मानसिक उत्पीड़न के लिए 25 हजार व केस में खर्च हुई राशि के रूप में दस हजार रुपये देने के निर्देश दिए हैं।
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सेक्टर-49 निवासी विनोद गोयल ने उपभोक्ता आयोग को दी शिकायत में बताया कि सेवानिवृत्त जीवन आराम से बिताने के लिए साल 2005 में सहारा सिटी होम्स मार्केटिंग एंड सेल्स कॉर्पोरेशन से बनूड़ में 3 बीएचके का फ्लैट लेने की योजना बनाई थी। शिकायतकर्ता ने ड्राफ्ट बुकिंग के लिए 1.35 लाख रुपये का भुगतान किया। इसके कुछ समय बाद में 2.70 लाख रुपये का भुगतान किया। इस तरह एडवांस के रूप में कुल 4.06 लाख रुपये का भुगतान किया गया। चार लाख लेने के बावजूद भी कोई कोई आवंटन पत्र जारी किया और न ही शिकायतकर्ता से शेष किस्तों की मांग की गई। लंबा समय बीत जाने के बावजूद प्रोजेक्ट में कोई प्रगति नजर नहीं आई। न ही फ्लैट डिलीवरी के बारे में कोई अपडेट दिया गया। शिकायतकर्ता ने पैसे लौटाने के लिए अनुरोध लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। मामले पर सुनवाई करते हुए जिला उपभोक्ता आयोग ने सहारा सिटी होम्स मार्केटिंग एंड सेल्स कॉर्पोरेशन को शिकायतकर्ता की ओर से दी गई राशि लौटाने के निर्देश दिए है। वहीं, मानसिक उत्पीड़न के लिए 25 हजार व केस में खर्च हुई राशि के रूप में दस हजार रुपये देने के निर्देश दिए हैं।
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