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पीयू व कॉलेजों के गरीब सवर्ण छात्रों को अगले शैक्षिक सत्र से मिल सकता है आरक्षण का लाभ

Sun, 21 Nov 2021 02:00 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Sun, 21 Nov 2021 02:00 AM IST
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Poor upper caste students of PU and colleges can get the benefit of reservation from next academic session
चंडीगढ़। पीयू और इससे संबद्ध 196 कॉलेजों में एक साल पहले शुरू हुआ गरीब सवर्ण आरक्षण नए साल में लागू हो सकता है। इसके लागू होती ही 62 हजार सीटें इन शिक्षण संस्थानों में बढ़ जाएंगी। तमाम विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। हालांकि पहले शिक्षण संस्थान अपने यहां शिक्षकों का बंदोबस्त करेंगे और अन्य सुविधाएं मुहैया कराने की भी योजना बनाएंगे। पीयू सीनेट व सिंडिकेट के गठन के बाद इसे लागू करेगी।
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केंद्र सरकार ने पिछले साल गरीब सवर्णों के लिए 10 फीसदी आरक्षण का प्रावधान किया था। उसी के मुताबिक शिक्षण संस्थानों में भी इन विद्यार्थियों के लिए सीटें बढ़ाई जानी थीं। यूजीसी का भी फरमान पीयू के पास पहुंचा। पीयू ने आगे की तैयारी शुरू की और बैठक की। कहा गया कि विश्वविद्यालय 10 फीसदी व कॉलेज 25 फीसदी सीटें बढ़ाएंगे। सीटें बढ़ाने के लिए सभी संस्थान तैयार थे, लेकिन इंफ्रास्ट्रक्चर न होने के कारण यह प्रस्ताव परवान नहीं चढ़ सका। प्रस्ताव रखा गया कि शिक्षकों की काफी कमी है। यदि सीटें बढ़ा दी गईं तो शिक्षकों पर अतिरिक्त भार आएगा और शिक्षण कार्य प्रभावित होगा। इसके लिए शिक्षकों की व्यवस्था पहले की जाए और विद्यार्थियों के बैठने के लिए भी अलग से व्यवस्था होनी चाहिए। इस प्रस्ताव पर सभी ने मुहर लगा दी। चालू वर्ष में इसका लाभ नहीं दिया गया। उम्मीद है कि अगले शैक्षिक सत्र में यह लागू होगा।
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1500 से अधिक शिक्षकों की होगी जरूरत, युवाओं को मिलेगा रोजगार
सूत्रों के मुताबिक अब नए साल में यह गरीब सवर्ण आरक्षण लागू होगा। इसकी तैयारी पंजाब यूनिवर्सिटी कर रही है। नए शैक्षिक सत्र से सीटें बढ़ाई जाएंगी। सूत्रों का कहना है कि पीयू व कॉलेजों में सीटें 62 हजार बढ़ेंगी तो इन्हें पढ़ाने के लिए 1500 से 2000 शिक्षकों की जरूरत पड़ेगी। इसी तरह कर्मचारियों का भार भी बढ़ेगा। ऐसे में 950 से अधिक कर्मचारियों की जरूरत महसूस होगी। इससे युवाओं को रोजगार मिलेगा। इसके साथ ही विद्यार्थियों के बैठने के लिए फर्नीचर व भवनों की व्यवस्था की जानी है। स्वीकृत पदों की संख्या को भी बढ़ाना पड़ेगा। इतनी बड़ी संख्या में तो एक साथ व्यवस्था करना संभव नहीं दिख रहा, लेकिन धीरे-धीरे व्यवस्था दुरुस्त किए जाने के वायदे किए जा रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि प्रथम चरण में पीयू व कुछ कॉलेजों में सीटें बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू होगी। वहां व्यवस्था बेहतर चलती है तो फिर अन्य कॉलेजों में शुरू कर दी जाएगी। यदि एक साथ वजन बढ़ता है तो शिक्षा गुणवत्ता से लेकर कई चीजें प्रभावित होंगी। इसका असर फिर रैंकिंग पर पड़ेगा। साथ ही रिजल्ट भी प्रभावित हो सकता है।
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क्या कहते हैं अधिकारी
सीनेट व सिंडिकेट के गठन के बाद गरीब सवर्ण आरक्षण लागू करने पर काम होगा। उम्मीद है कि अगले शैक्षिक सत्र में छात्रों को लाभ मिलेगा।
- प्रो. वीआर सिन्हा, डीयूआई पीयू
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