गधी के दूध से साबुन बना रही ये महिला उद्यमी, विदेश में जमकर हो रही बिक्री, ये हैं खासियतें
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आप ने तमाम पशुओं के दूध और उनके गुणों के बारे में जरूर सुना होगा। लेकिन अब गधी का दूध चर्चा में बना है। एक महिला किसान ने इसी दूध की बदौलत अपना व्यवसाय भी खड़ा कर लिया है। अब इस दूध की मांग विदेशों तक है। इसके उत्पाद भी काफी पसंद किए जा रहे हैं। दरअसल इन दिनों चंडीगढ़ में 6 वां महिला ऑर्गेनिक मेला चल रहा है। इस मेले में देशभर से महिला उद्यमी जुटी हुई हैं। इनके ऑर्गेनिक उत्पाद लोगों में चर्चा का केंद्र बने हुए हैं।
ऑर्गनिको की संस्थापक पूजा ने गधी के दूध से एक साबुन बनाया है। यह साबुन पांच प्रकार के तेलों और गधी के दूध को मिलाकर बनाया गया है। इसके लिए पूजा गधों का पालन करने वालों किसानों से संपर्क करती हैं और उनसे दूध खरीदती हैं। इससे किसानों की आय में भी वृद्धि हो रही है। मेला का आयोजन महिला एवं बाल विकास मंत्रालय कर रहा है।
आंध्रप्रदेश में एक चम्मच गधी के दूध की कीमत 50 रुपये है और 2000 रुपये लीटर। पूजा दिल्ली से मेले में आई हैं। उन्होंने बताया कि यह साबुन यूरोपियन देशों में बहुत प्रसिद्ध है और वहां लोग गधी के दूध से बने साबुन से नहाते हैं। भारत में गधों का ज्यादा इस्तेमाल सिर्फ बोझा ढोने के लिए किया जाता है। महाराष्ट्र के सोलापुर जिले में गधे पालने वालों से संपर्क किया और उन्हें जागरूक किया।
भारत में पहली बार इस तरह का कांसेप्ट आया है। अब तक वे 1500 साबुन बेच चुके हैं। विदेशों में साबुन भेजा गया है। गधे पालने वालों की कमाई कई गुना ज्यादा बढ़ गई है। लोगों को यह साबुन काफी पसंद आ रहा है। आने वाले दिनों में वे फेसवॉश, फेसक्रीम व मोस्चराइजर भी मार्केट में लाने वाले हैं।