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पॉलीवुड इन प्राब्लम, फिल्में ज्यादा हिट कम
अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 25 Nov 2013 01:28 PM IST
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पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री की चमक-दमक देखकर बेशक सबका दिल बल्ले-बल्ले होता है पर असली बात यह है कि यहां प्रोड्यूसरों का हाल बेहाल है।
पंजाब में पचास प्रोडक्शन हाउस हैं। इनमें से नए प्रोडक्शन हाउस की संख्या दस फीसदी है। एक निर्माता के अनुसार पॉलीवुड में फिल्मों के फ्लॉप सफर का दौर शुरू हुआ जट्ट एंड जूलियट और कैरी ऑन जट्टा के सुपरहिट होने के बाद।
यह सारा खेल जुड़ा है रियल इस्टेट के साथ। प्रापर्टी में अपने रुपये डूबते देख डेवलपर्स ने फिल्म इंडस्ट्री से नाता जोड़ लिया। हुआ यह है कि एक साल में करीब पचास से ज्यादा फिल्में बन गईं।
एक्टरों की कीमतें आसमान पर पहुंच गईं लेकिन फिल्मों की कमाई का ग्राफ पाताल की ओर जाने लगा। फिल्में अपना खर्चा तक नहीं निकाल पर रही।
फिल्म का बजट पांच से छह करोड़:
पंजाबी फिल्मों का बजट कभी दो करोड़ तक ही हुआ करता था। अब यह बजट पांच से छह करोड़ तक पहुंच चुका है। इसी बजट में कलाकारों की फीस भी शामिल है।
एक निर्देशक के अनुसार पंजाबी हास्य कलाकारों की डिमांड अब पचास लाख रुपये तक पहुंच चुकी है। हीरो की कीमत एक करोड़ से ज्यादा। ऐसे में प्रोड्यूसर फिल्म का बजट कैसे कंट्रोल करेगा।
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सीन तैयार होता है शूट के ऊपर:
एक जानकार के अनुसार फिल्म का सीन भी फिल्म की शूटिंग के दौरान ही तैयार किया जाने लगा था। ऐसे में क्वालिटी खत्म हो गई।
फिल्मों की कमाई घटने के ये हैं कारण
1- नए प्रोड्यूसरों की इंडस्ट्री में एंट्री
2- पंजाबी कलाकारों की भारी डिमांड
3- फिल्म की स्क्रिप्ट पर काम न होना
4- एक ही पैटर्न पर चलना
5- एक साथ ज्यादा फिल्में बनना
हालिया रिलीज फिल्में
1-पाजी इन प्राब्लम
2-नॉटी जट्स
3-जट्स इन गोलमाल
4-आरएसवीपी
5-इश्क गरारी
6-बेस्ट आफ लक
7-जट्ट एयरवेज
8-यंग मलंग
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पंजाब में पचास प्रोडक्शन हाउस हैं। इनमें से नए प्रोडक्शन हाउस की संख्या दस फीसदी है। एक निर्माता के अनुसार पॉलीवुड में फिल्मों के फ्लॉप सफर का दौर शुरू हुआ जट्ट एंड जूलियट और कैरी ऑन जट्टा के सुपरहिट होने के बाद।
यह सारा खेल जुड़ा है रियल इस्टेट के साथ। प्रापर्टी में अपने रुपये डूबते देख डेवलपर्स ने फिल्म इंडस्ट्री से नाता जोड़ लिया। हुआ यह है कि एक साल में करीब पचास से ज्यादा फिल्में बन गईं।
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एक्टरों की कीमतें आसमान पर पहुंच गईं लेकिन फिल्मों की कमाई का ग्राफ पाताल की ओर जाने लगा। फिल्में अपना खर्चा तक नहीं निकाल पर रही।
फिल्म का बजट पांच से छह करोड़:
पंजाबी फिल्मों का बजट कभी दो करोड़ तक ही हुआ करता था। अब यह बजट पांच से छह करोड़ तक पहुंच चुका है। इसी बजट में कलाकारों की फीस भी शामिल है।
एक निर्देशक के अनुसार पंजाबी हास्य कलाकारों की डिमांड अब पचास लाख रुपये तक पहुंच चुकी है। हीरो की कीमत एक करोड़ से ज्यादा। ऐसे में प्रोड्यूसर फिल्म का बजट कैसे कंट्रोल करेगा।
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सीन तैयार होता है शूट के ऊपर:
एक जानकार के अनुसार फिल्म का सीन भी फिल्म की शूटिंग के दौरान ही तैयार किया जाने लगा था। ऐसे में क्वालिटी खत्म हो गई।
फिल्मों की कमाई घटने के ये हैं कारण
1- नए प्रोड्यूसरों की इंडस्ट्री में एंट्री
2- पंजाबी कलाकारों की भारी डिमांड
3- फिल्म की स्क्रिप्ट पर काम न होना
4- एक ही पैटर्न पर चलना
5- एक साथ ज्यादा फिल्में बनना
हालिया रिलीज फिल्में
1-पाजी इन प्राब्लम
2-नॉटी जट्स
3-जट्स इन गोलमाल
4-आरएसवीपी
5-इश्क गरारी
6-बेस्ट आफ लक
7-जट्ट एयरवेज
8-यंग मलंग