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Pollution in Haryana: 16 शहर रेड जोन में, छाया रहा स्मॉग, आठ शहरों का AQI 400 से ऊपर दर्ज किया गया
Sat, 04 Nov 2023 08:55 PM IST
भूपेंद्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Sat, 04 Nov 2023 08:55 PM IST
सार
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक राज्य में फतेहाबाद शहर का औसत एक्यूआई 466 दर्ज किया गया। वहीं, फरीदबाद, हिसार, जींद, कैथल, गुरुग्राम, सिरसा और सोनीपत का भी एक्यूआई 400 से ऊपर रिकॉर्ड किया गया।
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सिरसा में प्रदूषण।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
हरियाणा में वायु प्रदूषण का स्तर बेहद गंभीर बना हुआ है। शनिवार को 16 शहर रेड जोन (बहुत खराब) में दर्ज किए गए। आठ शहरों का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 400 से ऊपर रिकॉर्ड किया गया। राज्य के कई शहरों में सुबह से ही स्मॉग की चादर नजर आई। सूरज निकलने के बावजूद इसमें कोई राहत नहीं मिली। लोगों की आंखों में जलन और गले की खराश संबंधी दिक्कते होने लगी हैं। वहीं, प्रदूषण के लिए राज्य एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं। शनिवार को हरियाणा के कृषि मंत्री ने पंजाब-हरियाणा के तीन दिन के पराली जलाने के आंकड़ों को एक्स पर डालकर मान सरकार पर निशाना साधा। कुछ ही देर बाद आम आदमी पार्टी ने पलटवार करते हुए कृषि मंत्री पर झूठ फैलाने का आरोप लगाया।
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केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक राज्य में फतेहाबाद सबसे प्रदूषण रहा। शहर का औसत एक्यूआई 466 दर्ज किया गया। वहीं, फरीदबाद, हिसार, जींद, कैथल, गुरुग्राम, सिरसा और सोनीपत का भी एक्यूआई 400 से ऊपर रिकॉर्ड किया गया। वहीं, बहादुरगढ़, मानेसर, नारनौल, पानीपत व कुरुक्षेत्र समेत आठ शहरों का एक्यूआई 300 से ऊपर रिकॉर्ड किया गया। वहीं, विशेषज्ञ का कहना है कि फिलहाल राहत मिलने के आसार नहीं है। बीच में हवा की गति में कुछ बदलाव आने के संकेत हैं। यदि ऐसा होता है तो पांच व छह नवंबर को आंशिक राहत मिल सकती है। उसके बाद स्थिति फिर गंभीर हो सकती है।
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कृषि मंत्री ने पराली जलाने के आंकड़े डाले, आप का पराली की घटनाएं छिपाने का आरोप हरियाणा के कृषि मंत्री जय प्रकाश दलाल ने शनिवार पंजाब व हरियाणा में जलाई गई पराली के आंकड़े पेश किए, जिसमें पंजाब में तीन दिन में पांच हजार से ज्यादा पराली की घटनाएं दर्ज की गईं, वहीं हरियाणा में इस समयावधि के दौरान मात्र 175।
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इन आंकड़ों के साथ उन्होंने लिखा, हमने केजरीवाल जी और भगवंत मान जी से पानी की मांग की है, पराली के धुएं की नहीं। उनके मुताबिक पंजाब में 1, 2 और 3 नवंबर को खेतों में आग लगने की 1,921, 1,668 और 1,551 घटनाएं हुईं, जबकि तीन दिनों में हरियाणा में पराली जलाने की घटनाएं 99, 48 और 28 थीं। इसके कुछ ही देर बाद पंजाब आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता नील गर्ग ने कहा, देश के 52 सबसे प्रदूषित जिलों में से 20 जिले हरियाणा में हैं और फिर भी हरियाणा सरकार राजनीति कर रही है।
उन्होंने कहा, पंजाब की सरकार ने पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए किसानों को मशीनरी मुहैया कराई, हरियाणा सरकार ने क्या किया है। केवल राजनीति। इससे पहले नई दिल्ली में पार्टी की मुख्य प्रवक्ता प्रियंका कक्क्ड़ ने शनिवार को प्रेसवार्ता कर कहा कि हरियाणा सरकार पर पराली की घटनाएं छिपाने का आरोप लगाया था। कक्कड़ का कहना था कि 45,000 वर्ग किलोमीटर खेती के एरिया में केवल 29 स्थानों पर मॉनीटरिंग होती है, जबकि दिल्ली में हर 37 किलोमीटर पर एक मॉनिटर गया है।
उन्होंने कहा कि पंजाब में एक साल में पराली का प्रदूषण 50 से 67 प्रतिशत तक कम हुआ है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार की तरह हरियाणा सरकार प्रदूषण को कम करने के लिए कदम क्यों नहीं उठा रही है, उन्होंने कहा कि जब पंजाब पराली का प्रदूषण कम कर सकता है तो हरियाणा पराली का प्रदूषण कम करने के लिए प्रयास क्यों नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा, सच्च्चाई यह है कि हरियाणा पराली की घटनाओं को छिपा रहा है।
शहर एक्यूआई
- फतेहाबाद 466
- फरीदाबाद 438
- हिसार 425
- जींद 432
- कैथल 415
- गुरुग्राम 404
- सिरसा 414
- सोनीपत 416
- धारूखेड़ा 383
- बहादुरगढ़ 364
- मानेसर 361
- भिवानी 300
- नारनौल 329
- कुरुक्षेत्र 319
- करनाल 305
- रोहतक 320
- पलवल 254
- पानीपत 303