'स्मार्ट सिटी' बनते ही चंडीगढ़ में सियासत शुरू, जानिए नेताओं ने क्या कहा?
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फास्ट ट्रैक सिटी में चौथे नंबर पर आने के बाद जहां भाजपा इसका क्रेडिट ले रही है। वहीं कांग्रेस कह रही है कि शहर पहले से ही स्मार्ट है, ऐसे में स्मार्ट सिटी की कोई जरूरत नहीं है। पार्टी का कहना है कि टैक्सों का बोझ डालकर स्मार्ट सिटी बनाने का क्या फायदा। स्मार्ट सिटी के नाम पर शहर में सिर्फ टैक्स बढ़ने जा रहे हैं। मालूम हो कि पिछली बार जब चंडीगढ़ टॉप-20 स्मार्ट सिटी से बाहर हो गया था तो कांग्रेस ने सदन की बैठक में जमकर हंगामा करते हुए मेयर अरुण सूद को घेरा था। जबकि मेयर ने इसका क्रेडिट सलाहकार परिमल राय को भी दिया है।
अरुण सूद, मेयर के मुताबिक पहले जब पहली सूची में चंडीगढ़ टॉप-20 स्मार्ट सिटी से बाहर हो गया था तो कांग्रेस ने इसके लिए उन्हें, सांसद और भाजपा को जिम्मेवार बताया था। क्या अब जब फास्ट ट्रैक सिटी में शहर आ गया है तो क्या कांग्रेस इसका क्रेडिट भी उन्हें और पार्टी को देगी। सांसद किरण खेर प्रपोजल तैयार के समय भी प्रशासन के निरंतर संपर्क में रही हैं।
प्रदीप छाबड़ा, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने बताया कि सांसद और भाजपा यह कैसा स्मार्ट सिटी बनाना चाहते हैं जिससे निरंतर शहरवासियों का नुकसान हो रहा है। जब से स्मार्ट सिटी का नाम लेना शुरू किया गया है, तब से लगातार टैक्स बढ़ाए जा रहे हैं। बिजली और पानी की किल्लत हो गई है। बजट में कटौती की गई है। जिस शहर को नंबर-1 रहना चाहिए, वह दूसरी लिस्ट में चौथे नंबर पर आ रहा है। चंडीगढ़ पहले से स्मार्ट सिटी है। स्मार्ट सिटी के नाम पर कॉलोनियां और धार्मिक स्थल तोड़े जा रहे हैं। राशन बंद कर दिया गया। मेट्रो के नाम पर सांसद और प्रशासन में विरोधाभास है।
प्रेम कौशिक, प्रदेश महासचिव, चंडीगढ़ भाजपा के मुताबिक जब से भाजपा की सरकार आई है तब से गरीबों का ही नहीं बल्कि शहरों का भी विकास हो रहा है। प्रशासन के अधिकारियों और भाजपा के कारण ही चंडीगढ़ फास्ट ट्रैक सिटी में आया है।
किरण खेर, सांसद, चंडीगढ़ ने कहा कि भारत सरकार की ओर से चंडीगढ़ को फास्ट ट्रैक स्मार्ट सिटी में शामिल किया जाना शहरवासियों के लिए खुशी की बात है। इस प्रोजेक्ट को एडवाइजर परिमल राय की देखरेख में बहुत ही बेहतर तरीके से केंद्र सरकार को भेजा गया था। रिजल्ट सबके सामने है। नए सिरे से तैयार किए गए प्रस्ताव में यूटी प्रशासन ने मुझे शुरू से ही भागीदार बनाए रखा। हर चीज पर राय ली गई। इसके लिए सभी ने मिलकर बेहतर तरीके से काम किया। पिछली बार प्रशासन की ओर से स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट को लेकर मुझसे कोई चर्चा नहीं की गई थी। इस बार सबके प्रयास का असर दिख रहा है।
संजय टंडन, प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा ने बताया कि चंडीगढ़ का ‘स्मार्ट सिटी’ में शामिल होना चंडीगढ़वासियों के लिए विशेष उपहार है। चंडीगढ़ को स्मार्ट सिटी की सूची में शामिल करवाना प्रत्येक शहरवासी का सपना था, लेकिन इससे पूर्व निगम में सत्तासीन कांग्रेस नेताओं ने इसे कभी गंभीरतापूर्वक नहीं लिया व इसके लिए समुचित प्रयास नहीं किए। भारतीय जनता पार्टी ने निगम पर काबिज होते ही यह विश्वास दिलाया था कि चंडीगढ़ को स्मार्ट सिटी का दर्जा दिलवाना हमारी प्राथमिकता रहेगी।