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कांग्रेस के सामने बड़ा सवाल: 'अपमानित' कैप्टन पार्टी से टूटे तो पंजाब में कैसे बचेगी सरकार

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Sat, 18 Sep 2021 01:12 PM IST

सार

कांग्रेस हाईकमान के लिए भी आगे कुआं पीछे खाई जैसी स्थिति बन गई है। हाईकमान अगर कैप्टन पर विश्वास जताता है तो उसे नाराज खेमे को साथ जोड़े रखना मुश्किल हो जाएगा। विरोधी खेमे के विधायकों ने अगर इस्तीफा दिया तब भी पार्टी हाईकमान के लिए पंजाब में अपनी सरकार बचा पाना संभव नहीं रहेगा।
मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह
मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह - फोटो : twitter.com/capt_amarinder
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विस्तार

पंजाब कांग्रेस का विवाद सुलझाने के लिए पार्टी हाईकमान द्वारा शनिवार को चंडीगढ़ में शाम पांच बजे बुलाई गई विधायक दल की बैठक से पहले ही कैप्टन अमरिंदर सिंह ने इस्तीफा दे दिया। इस्तीफे के बाद कैप्टन ने कहा कि उन्हें बार-बार अपमानित किया गया।

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यह भी पढ़ें- पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन की हलचल तेज: चंडीगढ़ में विधायकों की बैठक आज, नाराज कैप्टन उठा सकते हैं बड़ा कदम 


कैप्टन ने पत्रकारों से कहा कि मैंने सुबह ही हाईकमान को अपने फैसले के बारे में बता दिया था। हाईकमान को अब जिस पर भरोसा हो, उसे सीएम बना दें। उन्होंने साफ कहा कि दो माह में तीन बार विधायकों की बैठक बुलाई गई। सरकार चलाने में मुझ पर संदेह किया गया। मुझे अपमानित महसूस हुआ। अब मैं अपने समर्थकों से बात कर भविष्य की रणनीति बनाऊंगा। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि वे कांग्रेस पार्टी में ही हैं। भाजपा में जाने पर उन्होंने चुप्पी साध ली। वहीं अब कांग्रेस के सामने नया संकट खड़ा हो गया है। 

इस समय पंजाब कांग्रेस के कुल 80 विधायकों में से कैप्टन विरोधी खेमे में 40 से ज्यादा विधायक हैं। हालांकि अब यदि कैप्टन अपने समर्थक विधायकों के साथ इस्तीफा देकर अलग हो गए तो पंजाब में कांग्रेस की सरकार गिर जाएगी और केंद्र सरकार के लिए प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा, क्योंकि प्रदेश में कांग्रेस विधायक दल के दो-फाड़ होने के बाद किसी भी दल के पास इतने विधायक नहीं रहेंगे कि वह अपने दम पर या किसी दूसरे दल के सहयोग से सरकार बना सकें।

उधर, कांग्रेस हाईकमान के लिए भी आगे कुआं पीछे खाई जैसी स्थिति बन गई है। हाईकमान अगर कैप्टन पर विश्वास जताता है तो उसे नाराज खेमे को साथ जोड़े रखना मुश्किल हो जाएगा। विरोधी खेमे के विधायकों ने अगर इस्तीफा दिया तब भी पार्टी हाईकमान के लिए पंजाब में अपनी सरकार बचा पाना संभव नहीं रहेगा क्योंकि कैप्टन अमरिंदर सिंह अल्पमत में आ जाएंगे।

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