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बीएसएफ के अधिकार क्षेत्र में बढ़ोतरी पर रार: केंद्र के समर्थन में आए कैप्टन, जाखड़-परगट ने उठाए सवाल

Thu, 14 Oct 2021 11:14 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Thu, 14 Oct 2021 11:14 PM IST
सार

परगट सिंह ने कहा कि बीएसएफ पर केंद्र के फैसले के बाद आए कैप्टन अमरिंदर सिंह के बयान ने सब कुछ साफ कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के साथ मिलकर कैप्टन राज्य में राष्ट्रपति शासन लगवाने की साजिश रच रहे हैं। 
 

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Politics Intensified against increase in Jurisdiction of BSF in Punjab
पगगट सिंह, कैप्टन अमरिंदर सिंह और सुनील जाखड़। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

केंद्र सरकार की ओर से पंजाब में बीएसएफ का अधिकार क्षेत्र बढ़ाए जाने के खिलाफ गुरुवार को भी पंजाब में सियासत गरमाई रही। हालांकि इस मुद्दे पर भी पंजाब कांग्रेस की कलह दिखी। पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने केंद्र सरकार के इस फैसले को सही ठहराया है। गुरुवार को पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने इस बारे में एक ट्वीट किया। वहीं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने कैप्टन अमरिंदर सिंह पर निशाना साधा।

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यह भी पढ़ें - मुलाकात: नवविवाहित बेटे-बहू के साथ कैप्टन अमरिंदर सिंह से मिलने पहुंचे सीएम चन्नी, नहीं हुई कोई सियासी बात
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गुरुवार को कैप्टन के ट्वीट के बाद राज्य के खेल मंत्री परगट सिंह ने आरोप लगाया कि अफसोस की बात है कि कैप्टन भाजपा के साथ मिलकर पंजाब के खिलाफ साजिशें रच रहे हैं। लेकिन यह जंग का आगाज था। कुछ ही पलों में कैप्टन ने जवाबी ट्वीट किया कि कितना हास्यास्पद है! आपका मतलब है कि मैं अब न केवल पंजाब में बल्कि गुजरात, पश्चिम बंगाल, असम आदि में भी गृह मंत्री के फैसले तय कर रहा हूं? जो व्यक्ति अपने राज्य में चुनाव नहीं जीत सका उसे राष्ट्रीय मुद्दों पर बोलने का कोई अधिकार नहीं है।
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इससे पहले, बीएसएफ का अधिकार क्षेत्र बढ़ाने के मुद्दे पर कैप्टन ने ट्वीट किया कि हमारे सैनिक कश्मीर में मारे जा रहे हैं। हम देख रहे हैं कि अधिक से अधिक ड्रग्स और हथियार पाकिस्तानी आतंकियों द्वारा पंजाब में भेजा रहा है। बीएसएफ की बढ़ती मौजूदगी और ताकत ही हमें और मजबूत करेगी। केंद्रीय सशस्त्र बलों को राजनीति में न घसीटें।

जाखड़ ने किए दो ट्वीट

जाखड़ ने लगातार दो ट्वीट करते हुए लिखा कि हमें अपने सुरक्षा बलों पर गर्व है, जो हमारी सीमाओं को सुरक्षित करने और विदेशी आक्रमणकारियों से भारत की रक्षा करने के लिए हैं। विफलताओं को छिपाने और नेताओं व सरकारों द्वारा फैलाई गई गंदगी को साफ करने के लिए इनका उपयोग करना बहुत खतरनाक होगा। यह न केवल हमारे बहादुर बलों को बदनाम करेगा, बल्कि उनके मनोबल, अनुशासन और तैयारियों को भी बुरी तरह प्रभावित करेगा। राजनीतिक हथियार के रूप में अपनी इन ताकतों के ऐसे प्रयोग से बचना चाहिए। इस बात को कैप्टन अमरिंदर सिंह से बेहतर कोई नहीं जानता।

बुधवार को जाखड़ ने ट्वीट कर इस मामले में पहला सवाल मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी पर दागा था। मुख्यमंत्री चन्नी पांच अक्तूबर को केंद्रीय गृह मंत्री से मिलने नई दिल्ली गए और मुलाकात के दौरान पंजाब में भारत-पाक सीमा को ‘सील’ करने का आग्रह किया था। इसके एक हफ्ते बाद बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बीएसएफ के अधिकार क्षेत्र को 50 किमी क्षेत्र में गिरफ्तारी, जब्ती, तलाशी के लिए बढ़ा दिया। तब जाखड़ ने अपने ट्वीटर हैंडल पर मुख्यमंत्री चन्नी को संबोधित करते हुए लिखा- आपने क्या पूछा है, सावधान रहें! क्या चरणजीत चन्नी ने अनजाने में पंजाब का आधा हिस्सा केंद्र सरकार को सौंप दिया है? 25000 वर्ग किमी (कुल 50000 वर्ग किमी में से) को अब बीएसएफ के अधिकार क्षेत्र में रखा गया है। पंजाब पुलिस स्तब्ध है। क्या हम अब भी राज्यों के लिए अधिक स्वायत्तता चाहते हैं?

पंजाब में राष्ट्रपति शासन की साजिश रच रहे कैप्टन : परगट

परगट सिंह ने गुरुवार को पंजाब भवन में पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि कैप्टन मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद जब पहली बार दिल्ली गए तो धान की खरीद में 10 दिन की देरी करा आए और अब दूसरे दौरे के दौरान बीएसएफ के बारे में फैसला करवा आए हैं। परगट ने कहा कि बीएसएफ पर केंद्र के फैसले के बाद आए कैप्टन के बयान ने सब कुछ साफ कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के साथ मिलकर कैप्टन राज्य में राष्ट्रपति शासन लगवाने की साजिश रच रहे हैं। 

उन्होंने कहा कि बीएसएफ का अधिकार क्षेत्र 50 किमी तक बढ़ाने का फैसला पंजाब पर कब्जा करने की कोशिश के समान है। परगट ने कैप्टन से अपील की कि कैप्टन जी, इस तरह न करो। हम आपको और तरह से देखते हैं, कि आप बहुत बड़े नेता हैं। परगट ने आगे कहा कि दरअसल, इस नए फैसले को भी भाजपा और केंद्र सरकार के अब तक व्यवहार से जोड़कर देखना होगा। पंजाब, बंगाल, किसान आंदोलन और लखीमपुर खीरी वाली घटना, यह एक कड़ी का हिस्सा हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा जिस तरह की पोलराइजेशन सारे देश में कर रही है, उसी तरह पंजाब में करना चाहती है। परगट ने कहा कि पंजाब हुक्मरानों के ऐसे इरादों के नीचे कभी नहीं दबा। पंजाब और पंजाबियत हमेशा जिंदा रहेंगे।

परगट कैप्टन के खिलाफ बोलते रहे, सिंगला रहे खामोश

गुरुवार को प्रेस कांफ्रेंस में परगट सिंह कैप्टन पर लगातार हमलावर रहे, जबकि उनके साथ बैठे लोक निर्माण मंत्री विजय इंदर सिंगला खामोश रहे। हालांकि पत्रकारों ने जब सिंगला से पूछा कि क्या वह कैप्टन पर परगट के बयान से सहमत हैं, सिंगला ने कोई जवाब नहीं दिया। जब दोबारा पूछा गया तो परगट ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि जो कुछ पूछना है, मुझसे ही पूछ लें। परगट ने यह भी कहा कि कैप्टन अगर पार्टी बनाना चाहते हैं तो बना लें। जाखड़ द्वारा मुख्यमंत्री चन्नी पर उठाए गए सवाल को लेकर पूछे गए प्रश्न के जवाब में परगट ने कहा कि मुख्यमंत्री ने ऐसी कोई बात गृहमंत्री के सामने नहीं रखी और न ही उन्हें कोई पत्र दिया है।

बीएसएफ के जरिये आधे पंजाब पर भाजपा का कब्जा : लाल सिंह
पंजाब कांग्रेस के सीनियर नेता लाल सिंह ने कहा है कि बेवजह विस्तारित क्षेत्रीय अधिकार क्षेत्र के साथ बीएसएफ को व्यापक अधिकार देना, गृह मंत्रालय का साधारण नियमित आदेश नहीं है। यह बीएसएफ के जरिये पंजाब पर शासन करने के लिए भाजपा के षड्यंत्र की झलक है। उन्होंने कहा कि केंद्र का दुर्भावनापूर्ण आदेश, भारत के संविधान में शक्ति के पृथक्करण के सुपरिभाषित सिद्धांत को गंभीर रूप से बाधित और विकृत करता है। उन्हें डर है कि यह संविधान के अनुच्छेद 256 के तहत परिभाषित केंद्र और राज्य के दायित्व की वैधता को भी प्रभावित करेगा। लाल सिंह ने कहा कि इसे भारत के अल्पसंख्यकों के खिलाफ ‘बहुसंख्यक आक्रमण’ की भयावह योजना के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पंजाब को केंद्र के इस फैसले को संविधान की भावना और संविधान के तहत राज्यों को दी गई सांविधानिक गारंटी के खिलाफ प्रतिशोध और बर्बरता के कार्य के रूप में देखना चाहिए। लाल सिंह ने कहा कि यदि आप पंजाब के पांच सीमावर्ती जिलों पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, फिरोजपुर और फाजिल्का को बीएसएफ के नियंत्रण में रखते हैं, तो इसका अर्थ है कि भाजपा ने बीएसएफ के माध्यम से पंजाब के आधे हिस्से पर व्यावहारिक रूप से कब्जा कर लिया है।

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