खट्टर और हुड्डा में जुबानी जंग, एक दूसरे पर सियासी प्रहार
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खट्टर महाराणा प्रताप जयंती समारोह के अवसर पर आए हुए थे और पूर्व सीएम हुड्डा पूर्व मंत्री निर्मल सिंह के आवास पर कार्यकर्ता की बैठक लेने पहुंचे थे। दोनों दिग्गजों के कार्यक्रम भी अलग-अलग शहरों में थे और मंच भी अलग थे, लेकिन दोनों एक-दूसरे पर सियासी प्रहार करने से नहीं चूके। सीएम खट्टर ने जहां कई मसलों पर पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा को आड़े हाथों लिया तो वहीं पूर्व सीएम ने भी खट्टर सरकार पर कड़े सियासी प्रहार किए। लिहाजा सोमवार को अंबाला में सियासी पूरी तरह गरमाई रही।
पहले गलत किया, अब कार्रवाई से बौखलाए हुड्डा : खट्टर
अंबाला सिटी। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि पहले तो पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने गलत काम किए और अब जब उन पर कार्रवाई की बात आ रही है, तो वह बौखला गए हैं। सीएम ने कहा कि भ्रष्टाचार कभी बरदाश्त ही नहीं होगा। उनके अनुसार प्रदेश में भी भाजपा सरकार मोदी मंत्री न खाऊंगा, न खाने दूंगा पर काम कर रही है। भ्रष्टाचार के मामले में जीरो टॉलरेंस के तहत यदि कोई भी नेता भले ही वो विपक्ष का हो या भाजपा का या फिर कोई भी अफसर और कर्मचारी पकड़ा गया और जांच में उस पर आरोप साबित हो गए, तो उसे प्रदेश सरकार किसी कीमत पर बख्शेगी नहीं।
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुडडा ने विधानसभा में स्वयं मांग की थी कि जिस भी क्षेत्र में अनियमितताएं हुई हैं उनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और उसमें दोषी पाये जाने वाले व्यक्तियों के विरूद्ध कार्रवाई होनी चाहिए। हुडडा ने यह भी कहा था कि इस जांच में यदि मैं स्वयं दोषी पाया जाता हूं तो मेरे विरुद्ध भी कार्रवाई हो।
सीएम ने कहा कि अब जब घपलेबाजी की परतें खुलने लगी है और पूर्व सीएम हुड्डा उसमें फंसते दिख रहे हैं, तो वे बौखला क्यों रहे हैं। यदि हुड्डा ने कुछ नहीं किया तो उन्हें घबराने की कोई जरूरत नहीं है। सीएम ने कहा कि पूर्व सरकार के घपलों की जांच विजिलेंस द्वारा की गई है और विजिलेंस की जांच में जिन लोगों के नाम आए हैं उनके विरुद्ध विजिलेंस द्वारा कार्रवाई की जा रही है और भाजपा बदले की भावना से कार्रवाई में विश्वास नहीं रखती। गुड़गांव में पहले आओ पहले पाओ के आधार पर प्लाट आबंटन मामले में सीएम ने कहा कि जांच के लिए ढिंगरा आयोग गठित किया गया है और सभी पहलुओं की जांच के बाद जो भी व्यक्ति दोषी होगा उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
फर्स्ट एंड लास्ट है खट्टर सरकार : हुड्डा
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा ने कहा कि हरियाणा में खट्टर सरकार पूरी तरह से विफल हो चुकी है और प्रदेश की जनता अब फिर से कांग्रेस को विकल्प के रूप में देख रही हैं। हुड्डा ने कहा कि प्रदेश में खट्टर सरकार भाजपा की फर्स्ट एंड लास्ट सरकार है। जनता अब खुद सोच रही है कि हमने किस सरकार को अपने सिर पर बिठा लिया है, जो हर मोर्चे पर फेल है।
हुड्डा ने कहा कि वह किसी भी जांच से नहीं डरते, क्योंकि उन्होंने कभी कोई गलत काम नहीं किया। लेकिन हां, यदि खट्टर सरकार को दुर्भावना से उनके खिलाफ कार्रवाई करनी है, तो वे क्या कर सकते हैं।
हुड्डा ने आरक्षण दंगे को भी भाजपा सरकार की साजिश बताया। हुड्डा ने कहा कि खुद भाजपा के नेता बोल रहे हैं कि आरक्षण दंगों के दौरान सीएम खट्टर को उनके दो मंत्रियों ने हाईजैक कर रखा था और यही कारण है कि जब प्रदेश जल रहा था, तो सरकार चुप्पी साधे बैठी थी। क्योंकि इस दंगे का बीज सरकार ने ही बोया था।
पूर्व सीएम ने कहा कि उन्हें सरकार ने साजिश के तहत आरक्षण दंगों के दौरान दिल्ली से रोहतक आने से रोका गया, वह अपने घर आना चाहते थे, लेकिन वहां भी सियासत की गई, जिसे सोचकर आज भी उनका मन रोता है। हुड्डा ने कहा कि विपक्ष की मांग है कि आरक्षण दंगों की मांग सुप्रीम कोर्ट के सीटिंग जज से करवाई जाए, क्योंकि प्रदेश जानना चाहता है कि इन दंगों की असली वजह क्या थी? पूर्व सीएम के अनुसार जाट आंदोलन उनके दस साल के सीएम कार्यकाल में भी हुआ, लेकिन ऐसा उपद्रव कभी नहीं हुआ।
ये भाजपा का एक गहरा राजनीतिक षड्यंत्र था। हुड्डा ने कहा कि विज बेकार और सुर्खियां बटोरने की प्रवृत्ति वाले व्यक्ति हैं, मैं उनके बारे में ज्यादा नहीं कहना चाहता। क्योंकि विज का मंत्री बनना ही सबसे बड़ी राजनीतिक दुर्घटना है। इस दौरान कांग्रेस के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष फूलचंद मुलाना, उमेश बिट्त्र्टू, वीरेंद्र गांधी, ओंकार नाथ परूथी व पूर्व पार्षद अजय वालिया इत्यादि उपस्थित रहे।