बिजली संकट: इस वजह से पंजाब के राजनीतिक दलों ने केजरीवाल पर बोला हमला, सिद्धू ने भी साधा निशाना
अकाली नेता बिक्रम मजीठिया ने कहा कि केजरीवाल का दोहरा चरित्र तब भी देखा गया, जब उन्होंने राज्य के दौरे के दौरान किसानों के साथ सहानुभूति व्यक्त की और फिर तुरंत अदालत में हलफनामा दायर कर धान की पराली जलाने वाले किसानों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज करने की मांग की।
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पंजाब इन दिनों बिजली संकट से जूझ रहा है। इसके बाद भी दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल बिजली को लेकर साजिश कर रहे हैं। यह आरोप शिअद नेता और पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया ने लगाया है। उन्होंने कहा कि अपने राजनीतिक स्वार्थों को सिद्ध करने के लिए केजरीवाल के द्वारा ताप संयंत्रों को बंद करने वाली याचिका की शिअद निंदा करता है।
शिअद नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा कि हर कोई जानता है कि पंजाब में बिजली संकट है और किसानों, उद्योगों, व्यापारियों और आम आदमी को बिजली की भारी कटौती की जा रही है। इस बिजली आपातकाल के बीच केजरीवाल ने पंजाब के थर्मल प्लांट को बंद करने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। यह सब एक साजिश का हिस्सा है। यह स्पष्ट है कि आप चाहती है कि पंजाब में बिजली की स्थिति और खराब हो, ताकि वह इस मुद्दे पर राजनीति कर सकें।
मजीठिया ने कहा कि अगर याचिका सफल होती तो यह व्यापार को अव्यवहारिक बनाने के अलावा राज्य के उद्योग का भी सफाया कर देती। मजीठिया ने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब केजरीवाल ने पंजाब विरोधी एजेंडे को आगे बढ़ाया, भले ही उन्होंने राज्य का दौरा करने पर पंजाब समर्थक मुखौटा लगाया था। इससे पहले सतलुज-यमुना लिंक (एसवाईएल) नहर मुद्दे के मामले पर केजरीवाल ने वकालत की थी कि पंजाब का दौरा करते समय नहर का निर्माण नहीं किया जाना चाहिए।
नवजोत सिद्धू ने बिजली संकट पर आप और शिअद पर साधा निशाना
कैप्टन अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू के बीच मतभेद खत्म होने के आसार हैं। यह संकेत सिद्धू के ट्वीट से मिले हैं। दरअसल, पटियाला में डेरा जमाए बैठे नवजोत सिंह सिद्धू पिछले कई दिनों से लगातार पंजाब में छाए बिजली संकट को लेकर अपनी ही पार्टी की सरकार पर हमला बोलते आ रहे थे। लेकिन शनिवार शाम सिद्धू ने जो ट्वीट किए, उनमें उन्होंने पंजाब में बिजली संकट को लेकर आप और शिअद (बादल) पर निशाना साधा।
नवजोत सिंह सिद्धू ने शनिवार शाम ट्वीट किया कि आज पंजाब की बर्बादी के लिए तैयार ताकतें साफ दिखाई दे रही हैं। दिल्ली सरकार चाहती है कि पंजाब के बिजली संकट के बीच प्रदेश की जीवन रेखा सरकारी थर्मल प्लांट बंद हो जाएं और इस भीषण गर्मी में पंजाबियों को मजबूर छोड़ दिया जाए।
पंजाब के किसान धान के इस सीजन में परेशानियों का सामना करें। वहीं दूसरे ट्वीट में सिद्धू ने कहा कि बादलों द्वारा किए बिजली खरीद समझौते पंजाब को लूट रहे हैं। बादलों ने सौर ऊर्जा के लिए 25 सालों के लिए पीपीए पर 5.91से 17.91 रुपये प्रति यूनिट पर हस्ताक्षर किए।
सियासी दलों के आरोप राजनीति से प्रेरित: आप
पंजाब के थर्मल प्लांटों के बारे में आम आदमी पार्टी पर सियासी दलों के आरोपों को हरपाल सिंह चीमा ने राजनीति से प्रेरित बताया है। अकाली दल ने गलत बिजली समझौते कर पंजाब के लोगों के हाथ काटकर निजी कंपनियों को दे दिए। कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ उनकी मिलीभगत होने के कारण वह कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।
अकाली दल व कांग्रेस का एक ही एजेंडा है कि पंजाब के लोगों को गुमराह करके कैसे सत्ता ली जाए। इसे आप कभी पूरा नहीं होने देगी। जैसे दिल्ली में अरविंद केजरीवाल लोगों को सस्ती व 24 घंटे बिजली मुहैया करवा रहे हैं, उसी तरह पंजाब में सरकार बनने के बाद दिल्ली मॉडल को पंजाब में लागू किया जाएगा।