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Chandigarh News: राज्यसभा के बजाय विधानसभा चुनाव में खिलाड़ियों पर दांव लगाते रहे हैं राजनीतिक दल
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आज तक हरियाणा से किसी खिलाड़ी को नहीं भेजा गया राज्यसभा
पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा ने तीन खिलाड़ियों पर लगाया था दांव
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पेरिस ओलंपिक के फाइनल में अयोग्य करार होने के बाद विनेश फोगाट को राज्यसभा में भेजने की मांग तेज हो गई है। कांग्रेस के बाद अब भाजपा सरकार में खेल मंत्री संजय सिंह का भी बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने कहा कि यदि विनेश राजनीति में आती हैं तो उनका स्वागत है। वह अपनी इच्छा बताएं कि वह विधानसभा चुनाव लड़ना चाहती हैं या राज्यसभा जाना चाहती हैं। भाजपा इस पर 100 फीसदी फैसला लेगी। पार्टी राज्यसभा में किसे भेजती है, इसका पता तो अगले कुछ ही दिनों में चल जाएगा, मगर आमतौर पर राजनीतिक दल राज्यसभा में उन्हीं लोगों को भेजने में दिलचस्पी दिखाते रहे हैं, जो उनके लिए राजनीतिक या आर्थिक रूप से फायदा दे सकें। हरियाणा में राजनीतिक दलों ने फिलहाल अभी तक किसी खिलाड़ी को राज्यसभा में नहीं भेजा है। हालांकि राजनीतिक दल विधानसभा चुनाव में खिलाड़ियों पर जरूर दांव लगाते रहे हैं।
2019 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने पूर्व ओलंपियन योगेश्वर दत्त, बबीता फोगाट व हॉकी के पूर्व खिलाड़ी संदीप सिंह पर दांव खेला था। इनमें सिर्फ संदीप सिंह ही अपना चुनाव जीत पाए थे। जबकि योगेश्वर दत्त को विधानसभा चुनाव के बाद उपचुनाव में दूसरा मौका दिया गया, मगर उसमें भी वह कामयाब नहीं हो सके। कांग्रेस की ओर से फिलहाल किसी खिलाड़ी को विधानसभा चुनाव का टिकट नहीं दिया गया। 2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने हरियाणा के पूर्व ओलंपियन विजेंद्र सिंह पर दिल्ली की एक लोकसभा सीट पर दांव खेला था। मगर वह भी चुनाव नहीं जीत सके थे। बीते लोकसभा चुनाव से पहले वह भाजपा में शामिल हो गए थे। पिछले दिनों कई और खिलाड़ी भी राजनीतिक दलों में शामिल हो चुके हैं। इस बार भी कई खिलाड़ी विधानसभा चुनाव में उतर सकते हैं।
विजेंद्र के राजनीति में शामिल होने के बाद आया ट्रेंड
चुनाव विश्लेषक डाॅ. सतीश त्यागी कहते हैं कि हरियाणा में पहले ऐसा नहीं होता था कि खिलाड़ी राजनीति में उतरें। एक-दो लोग ही कभी-कभार चुनाव लड़ते थे। मगर जबसे खिलाड़ियों को पैसा ज्यादा मिलने लगा है, उनकी इमेज एक सेलिब्रिटीज की तरह बनने लगी और उनके साथ राजनीतिक दलों की भी दिलचस्पी बढ़ने लगी। खिलाड़ियों की तरफ युवाओं का ज्यादा झुकाव रहता है। मगर इनमें भी जाति ज्यादा मायने रखती है। राजनीतिक दल इन खिलाड़ियों को टिकट देने के साथ उनकी जाति भी देखते हैं कि क्या उन्हें उनसे फायदा मिलेगा कि नहीं।
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विनेश को राज्यसभा भेजने में कहां फंसा है पेच
हरियाणा में राज्यसभा की एक सीट के लिए 14 अगस्त से नामांकन भरे जाने हैं। नामांकन की आखिरी तारीख 21 अगस्त है। उधर, विनेश फोगाट की उम्र अभी 29 साल है। जबकि राज्यसभा के लिए न्यूनतम आयु 30 साल है। वह 25 अगस्त को 30 साल की होंगी। यानी इस बार वह चाहकर भी राज्यसभा में नहीं जा सकती हैं। वहीं, राष्ट्रपति राज्यसभा के 12 सदस्यों को मनोनीत करती हैं। बताया जा रहा है कि उनमें चार सदस्यों का कार्यकाल 13 जुलाई को खत्म हो रहा है।
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पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा ने तीन खिलाड़ियों पर लगाया था दांव
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पेरिस ओलंपिक के फाइनल में अयोग्य करार होने के बाद विनेश फोगाट को राज्यसभा में भेजने की मांग तेज हो गई है। कांग्रेस के बाद अब भाजपा सरकार में खेल मंत्री संजय सिंह का भी बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने कहा कि यदि विनेश राजनीति में आती हैं तो उनका स्वागत है। वह अपनी इच्छा बताएं कि वह विधानसभा चुनाव लड़ना चाहती हैं या राज्यसभा जाना चाहती हैं। भाजपा इस पर 100 फीसदी फैसला लेगी। पार्टी राज्यसभा में किसे भेजती है, इसका पता तो अगले कुछ ही दिनों में चल जाएगा, मगर आमतौर पर राजनीतिक दल राज्यसभा में उन्हीं लोगों को भेजने में दिलचस्पी दिखाते रहे हैं, जो उनके लिए राजनीतिक या आर्थिक रूप से फायदा दे सकें। हरियाणा में राजनीतिक दलों ने फिलहाल अभी तक किसी खिलाड़ी को राज्यसभा में नहीं भेजा है। हालांकि राजनीतिक दल विधानसभा चुनाव में खिलाड़ियों पर जरूर दांव लगाते रहे हैं।
2019 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने पूर्व ओलंपियन योगेश्वर दत्त, बबीता फोगाट व हॉकी के पूर्व खिलाड़ी संदीप सिंह पर दांव खेला था। इनमें सिर्फ संदीप सिंह ही अपना चुनाव जीत पाए थे। जबकि योगेश्वर दत्त को विधानसभा चुनाव के बाद उपचुनाव में दूसरा मौका दिया गया, मगर उसमें भी वह कामयाब नहीं हो सके। कांग्रेस की ओर से फिलहाल किसी खिलाड़ी को विधानसभा चुनाव का टिकट नहीं दिया गया। 2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने हरियाणा के पूर्व ओलंपियन विजेंद्र सिंह पर दिल्ली की एक लोकसभा सीट पर दांव खेला था। मगर वह भी चुनाव नहीं जीत सके थे। बीते लोकसभा चुनाव से पहले वह भाजपा में शामिल हो गए थे। पिछले दिनों कई और खिलाड़ी भी राजनीतिक दलों में शामिल हो चुके हैं। इस बार भी कई खिलाड़ी विधानसभा चुनाव में उतर सकते हैं।
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विजेंद्र के राजनीति में शामिल होने के बाद आया ट्रेंड
चुनाव विश्लेषक डाॅ. सतीश त्यागी कहते हैं कि हरियाणा में पहले ऐसा नहीं होता था कि खिलाड़ी राजनीति में उतरें। एक-दो लोग ही कभी-कभार चुनाव लड़ते थे। मगर जबसे खिलाड़ियों को पैसा ज्यादा मिलने लगा है, उनकी इमेज एक सेलिब्रिटीज की तरह बनने लगी और उनके साथ राजनीतिक दलों की भी दिलचस्पी बढ़ने लगी। खिलाड़ियों की तरफ युवाओं का ज्यादा झुकाव रहता है। मगर इनमें भी जाति ज्यादा मायने रखती है। राजनीतिक दल इन खिलाड़ियों को टिकट देने के साथ उनकी जाति भी देखते हैं कि क्या उन्हें उनसे फायदा मिलेगा कि नहीं।
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विनेश को राज्यसभा भेजने में कहां फंसा है पेच
हरियाणा में राज्यसभा की एक सीट के लिए 14 अगस्त से नामांकन भरे जाने हैं। नामांकन की आखिरी तारीख 21 अगस्त है। उधर, विनेश फोगाट की उम्र अभी 29 साल है। जबकि राज्यसभा के लिए न्यूनतम आयु 30 साल है। वह 25 अगस्त को 30 साल की होंगी। यानी इस बार वह चाहकर भी राज्यसभा में नहीं जा सकती हैं। वहीं, राष्ट्रपति राज्यसभा के 12 सदस्यों को मनोनीत करती हैं। बताया जा रहा है कि उनमें चार सदस्यों का कार्यकाल 13 जुलाई को खत्म हो रहा है।