फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Police was looking for the fugitive, was locked in Budail jail for two months

Chandigarh News: भगोड़े को तलाश रही थी पुलिस, दो माह से बुडैल जेल में था बंद

Wed, 12 Apr 2023 02:14 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 12 Apr 2023 02:14 AM IST
विज्ञापन
Police was looking for the fugitive, was locked in Budail jail for two months
चंडीगढ़। यूटी की होनहार पुलिस की स्मार्टनेस का एक और नमूना सामने आया है। पुलिस अदालत से भगोड़ा (पीओ) करार एक ऐसे आरोपी की तलाश में छापेमारी कर रही थी, जो एनडीपीएस एक्ट में क्राइम ब्रांच की ओर से दो माह पहले गिरफ्तार किए जाने के बाद बुडैल जेल में बंद था जबकि फरवरी 2023 में आरोपी के पीओ करार दिए जाने के बाद से पुलिस पकड़ने के लिए यहां-वहां खाक छान रही थी। मामले का खुलासा अप्रैल माह में तब हुआ, जब पुलिस अफसरों के दबाव के बाद अपने-अपने इलाकों में पीओ (भगोड़ा) की धरपकड़ करने के लिए विशेष ड्राइव चलाने लगी। इसमें पता चला कि आरोपी दिसंबर 2022 से एनडीपीएस एक्ट के मामले में जेल में बंद है। इसके बाद आईटी पार्क थाना पुलिस ने आरोपी को प्रोडक्शन वारंट पर लाकर भगोड़ा घोषित होने के मामले में कोर्ट के सामने पेश किया।
विज्ञापन

क्या है मामला...
किशनगढ़ के रहने वाले गुरदीप सिंह (23) को अदालत ने चोरी एक पुराने मामले में 8 फरवरी 2023 में भगोड़ा (पीओ) घोषित किया था। इस केस में जमानत पर बाहर आने के बाद अदालत में हाजिर न होने के चलते आरोपी को पीओ घोषित कर दिया गया। पीओ की कार्रवाई के आदेशों के बाद आईटी पार्क थाना पुलिस आदेश की तामिली कराने के लिए उसे तलाशने में लगी थी, लेकिन काफी तलाशने के बाद भी वह नहीं मिला। पड़ताल के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी 3 दिसंबर 2022 से एनडीपीएस एक्ट के मामले में बुडै़ल जेल में बंद है, जिसकी अभी तक जमानत नहीं हुई है। सूत्रों के मुताबिक इसके बाद पुलिस ने बीते 1-2 अप्रैल को आरोपी को प्रोडक्शन वारंट पर लाने के लिए अर्जी दाखिल की थी, जिसके स्वीकार किए जाने के बाद उसे सोमवार को प्रोडक्शन वारंट पर लाकर पीओ मामले में कोर्ट में पेश किया था।
विज्ञापन



ऑफ रिकॉर्ड बोले आरोपी की जिम्मेदारी...

मामले में नाम न छापने की शर्त पर एक अधिकारी ने बताया कि किसी भी केस में जमानत मिलने के बाद अदालत में अगली तारीख पर पेश होना आरोपी की जिम्मेदारी होती है। जमानत पर रिहा होने के बाद कोर्ट के सामने पेश न होने पर उसे भगोड़ा घोषित किया गया। इसमें पूरी गलती भगोड़ा करार दिए गए आरोपी की ही है, जिसने चोरी मामले में मिली जमानत और अगली पेशी के बारे में किसी भी माध्यम से कोर्ट को नहीं बताया। हालांकि इस मामले में सवाल जिम्मेदारी का नहीं बल्कि भगोड़ा घोषित होने के बाद कोर्ट में पेश करने में लगे 2 माह के समय का है।
विज्ञापन
विज्ञापन



तालमेल की कमी का खामियाजा

आपराधिक मामले में गिरफ्तार व्यक्ति का ब्योरा पुलिस अपने दस्तावेजों में दर्ज करती है। ऐसे में उसके किसी अन्य मामले में वांछित होने के बारे में जानकारी न हो यह पुलिस महकमे में आपसी तालमेल का नतीजा ही हो सकता है। इस मामले में एक भगोड़ा 2 माह तक जेल में मौजूद था और पुलिस को भनक नहीं हुई जो सरासर चूक का मामला बनता है।
-अजय कौशिक, एडवोकेट, पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट

रिपोर्ट- परीक्षित सिंह
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed