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Chandigarh News: पुलिस दिनभर रही अलर्ट, पीयू बंद<bha>;</bha> रैली के बाद शाम को पहुंचे किसान, पीयू बचाओ मोर्चा का एलान
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चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी में सीनेट चुनाव की घोषणा की मांग को लेकर पीयू बचाओ मोर्चा की ओर से 26 नंवबर के बंद को भरपूर समर्थन मिला। कैंपस में सुबह से ही तनावपूर्ण माहौल रहा। पीयू की मार्केट, स्टूडेंट सेंटर की दुकानें, लाइब्रेरी और कैंटीन पूरे दिन बंद रहीं। सुरक्षा के कड़े इंतजाम के बीच किसानों और अन्य संगठनों के नेता सेक्टर-43 में हुई रैली के बाद शाम करीब चार बजे वीसी कार्यालय के बाहर धरने के लिए पहुंचे। छात्रों का आंदोलन देर शाम तक जारी रहा।
शाम पांच बजे मोर्चा नेताओं ने प्रेसवार्ता कर 3 दिसंबर को पंजाब के कई जिलों और चंडीगढ़ के सभी भाजपा दफ्तरों का घेराव करने का एलान किया। उन्होंने कहा कि इस घेराव में किसान, शिक्षक, छात्र, महिला संगठन और सामाजिक संगठन शामिल होंगे। मोर्चा सदस्यों ने कहा कि उनका उद्देश्य शांतिपूर्वक पीयू बंद करवाना था जिसे प्रशासन ने स्वयं छुट्टी घोषित कर पूरा कर दिया।
मोर्चा की घोषणा के बाद चंडीगढ़ पुलिस ने कैंपस में सुरक्षा बढ़ा दी थी। लगभग 800 पुलिसकर्मी और सुरक्षा एजेंसियों के जवान तैनात किए थे। एसएचओ और डीएसपी स्तर के अधिकारी लगातार कैंपस में गश्त करते रहे। पीयू के तीनों मुख्य गेट खोल दिए गए थे, लेकिन हर वाहन की कड़ी जांच के बाद ही प्रवेश की अनुमति दी गई। पूरे दिन पुलिस की मौजूदगी से माहौल और भी संवेदनशील दिखाई दिया।
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नेताओं ने सवाल उठाया कि शांतिपूर्ण आंदोलन के बावजूद पूरे कैंपस में इतनी भारी सुरक्षा क्यों तैनात की गई। उनका कहना था कि सरकार सीनेट चुनाव की घोषणा न करके संघर्ष को बढ़ाने पर मजबूर कर रही है। उन्होंने दोहराया कि यह लड़ाई लोकतांत्रिक अधिकारों और पंजाब यूनिवर्सिटी की स्वायत्तता की रक्षा की लड़ाई है। चुनाव घोषित होने तक संघर्ष जारी रहेगा।
कई संगठनों ने दिया समर्थन
भारी पुलिस तैनाती के बावजूद कई किसान यूनियनों, सामाजिक संगठनों और कार्यकर्ताओं ने धरना स्थल पर पहुंचकर मोर्चा का साथ दिया। समर्थन देने वालों में दोआबा किसान कमेटी (पंजाब), कौमी किसान यूनियन, अकाली दल (वारिस पंजाब दे), अमितोज मान, बंदी सिंह मोर्चा, सतनाम सिंह पन्नू, किसान संघर्ष कमेटी, भारतीय किसान यूनियन (सिद्धूपुर), गुरप्रीत सिंह (एसजीपीसी सदस्य), नरेगा वर्कर फ्रंट, माजा किसान संघर्ष कमेटी सहित कई अन्य संगठन शामिल रहे।
तनाव के बीच गूंजी खुशियां भी
एक तरफ जहां कैंपस में तनाव का माहौल था, वहीं गेट नंबर 3 के पास ई ब्लॉक के मकान नंबर 23 में बिलकुल विपरीत दृश्य देखने को मिला। यहां हाल ही में हुई शादी की बधाई देने किन्नर समाज से माता नगमा, लक्ष्मी और प्रिया गीतों और नृत्य के साथ खुशियां मनाने पहुंचीं। उन्होंने कहा कि यही हमारे देश की खूबसूरती है। एक जगह तनाव और दूसरी जगह उत्सव, दोनों एक साथ चलते हैं।
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शाम पांच बजे मोर्चा नेताओं ने प्रेसवार्ता कर 3 दिसंबर को पंजाब के कई जिलों और चंडीगढ़ के सभी भाजपा दफ्तरों का घेराव करने का एलान किया। उन्होंने कहा कि इस घेराव में किसान, शिक्षक, छात्र, महिला संगठन और सामाजिक संगठन शामिल होंगे। मोर्चा सदस्यों ने कहा कि उनका उद्देश्य शांतिपूर्वक पीयू बंद करवाना था जिसे प्रशासन ने स्वयं छुट्टी घोषित कर पूरा कर दिया।
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मोर्चा की घोषणा के बाद चंडीगढ़ पुलिस ने कैंपस में सुरक्षा बढ़ा दी थी। लगभग 800 पुलिसकर्मी और सुरक्षा एजेंसियों के जवान तैनात किए थे। एसएचओ और डीएसपी स्तर के अधिकारी लगातार कैंपस में गश्त करते रहे। पीयू के तीनों मुख्य गेट खोल दिए गए थे, लेकिन हर वाहन की कड़ी जांच के बाद ही प्रवेश की अनुमति दी गई। पूरे दिन पुलिस की मौजूदगी से माहौल और भी संवेदनशील दिखाई दिया।
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नेताओं ने सवाल उठाया कि शांतिपूर्ण आंदोलन के बावजूद पूरे कैंपस में इतनी भारी सुरक्षा क्यों तैनात की गई। उनका कहना था कि सरकार सीनेट चुनाव की घोषणा न करके संघर्ष को बढ़ाने पर मजबूर कर रही है। उन्होंने दोहराया कि यह लड़ाई लोकतांत्रिक अधिकारों और पंजाब यूनिवर्सिटी की स्वायत्तता की रक्षा की लड़ाई है। चुनाव घोषित होने तक संघर्ष जारी रहेगा।
कई संगठनों ने दिया समर्थन
भारी पुलिस तैनाती के बावजूद कई किसान यूनियनों, सामाजिक संगठनों और कार्यकर्ताओं ने धरना स्थल पर पहुंचकर मोर्चा का साथ दिया। समर्थन देने वालों में दोआबा किसान कमेटी (पंजाब), कौमी किसान यूनियन, अकाली दल (वारिस पंजाब दे), अमितोज मान, बंदी सिंह मोर्चा, सतनाम सिंह पन्नू, किसान संघर्ष कमेटी, भारतीय किसान यूनियन (सिद्धूपुर), गुरप्रीत सिंह (एसजीपीसी सदस्य), नरेगा वर्कर फ्रंट, माजा किसान संघर्ष कमेटी सहित कई अन्य संगठन शामिल रहे।
तनाव के बीच गूंजी खुशियां भी
एक तरफ जहां कैंपस में तनाव का माहौल था, वहीं गेट नंबर 3 के पास ई ब्लॉक के मकान नंबर 23 में बिलकुल विपरीत दृश्य देखने को मिला। यहां हाल ही में हुई शादी की बधाई देने किन्नर समाज से माता नगमा, लक्ष्मी और प्रिया गीतों और नृत्य के साथ खुशियां मनाने पहुंचीं। उन्होंने कहा कि यही हमारे देश की खूबसूरती है। एक जगह तनाव और दूसरी जगह उत्सव, दोनों एक साथ चलते हैं।