नूंह हिंसा: 12 दिन बाद भी मुख्य साजिशकर्ताओं तक नहीं पहुंच पाई पुलिस, अधिकारी बोले- SIT की जांच जारी
गृह विभाग से जुड़े सूत्रों का कहना है कि एसआईटी इस मामले की रिपोर्ट सरकार को सौपेगी। सरकार के स्तर पर ही कोई बयान जारी होगा। हालांकि नूंह एसपी नरेंद्र सिंह बिजारणिया का कहना है कि अभी तक की जांच में फिलहाल कोई मास्टरमाइंड नहीं मिला है।
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नूंह हिंसा की घटना को पूरे 12 दिन बीत चुके हैं लेकिन अब तक पुलिस हिंसा भड़काने वाले मुख्य साजिशकर्ताओं तक नहीं पहुंच पाई है। पुलिस इस पूरे मामले में करीब 350 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। राजस्थान से भी 15 से ज्यादा आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। सरकार अब तक यह भी पता नहीं लगा पाई है कि चूक किस स्तर पर हुई। गृह विभाग से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि जांच चल रही है। एसआईटी तथ्य जुटा रही है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने भी फिलहाल इस मसले पर कुछ भी बोलने से इन्कार किया है।
बीती 31 जुलाई को नूंह में बृजमंडल शोभायात्रा के दौरान हिंसा भड़क गई थी। हिंसा की आग ने गुरुग्राम, फरीदाबाद और पलवल को भी अपनी चपेट में ले लिया था। इसमें छह लोगों की जान गई थी। हिंसा के बाद राज्य के गृह मंत्री अनिल विज ने बयान दिया था कि नूंह हिंसा के दौरान जिस तरह से हथियार लहराए गए, गोलियां चलाई गईं, उसे देखकर यही लगता है कि ये सब अचानक नहीं हुआ। इसकी पहले से तैयारी की गई थी। इस पूरी घटना के पीछे किसी न किसी ने साजिश रची है। कोई न कोई मास्टरमाइंड जरूर है। वहीं, उन्होंने यह भी कहा था कि विश्व हिंदू परिषद (विहिप) की जलाभिषेक यात्रा के मद्देनजर तनाव पैदा होने की आशंका को लेकर उनके पास कोई खुफिया जानकारी नहीं थी। उन्होंने दो अगस्त को इसकी जांच का आदेश दिया था।
वहीं, नूंह में तैनात सीआईडी इंस्पेक्टर के इनपुट दिए जाने का दावा करने वाले वायरल वीडियो को भी जांच के लिए एसआईटी के पास भेज दिया गया था। उसके दो दिन बाद उन्होंने यह भी कहा था कि घटना के दिन तीन बजे एक निजी व्यक्ति ने उन्हें घटना की सूचना दी थी। विज ने सीधे तौर पर सीआईडी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे।
गृह विभाग से जुड़े सूत्रों का कहना है कि एसआईटी इस मामले की रिपोर्ट सरकार को सौपेगी। सरकार के स्तर पर ही कोई बयान जारी होगा। हालांकि नूंह एसपी नरेंद्र सिंह बिजारणिया का कहना है कि अभी तक की जांच में फिलहाल कोई मास्टरमाइंड नहीं मिला है। हमला करने वाले छोटे-छोटे गुटों में थे। फिलहाल जांच जारी है।
मोनू मानेसर पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं
नूंह हिंसा के बाद मोनू मानेसर का भी काफी नाम उछला था। मोनू पर आरोप है कि उसने ब्रजमंडल यात्रा में शामिल होने का एलान किया था। विज ने कहा था कि मोनू के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। हालांकि नूंह हिंसा में अब तक मोनू पर कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। वहीं, किसान संगठनों और खाप पंचायतों ने भी मोनू की गिरफ्तारी की मांग की है।