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आशंकाः पादरी के साढ़े छह करोड़ रुपये लेकर कहीं विदेश रफ्फूचक्कर तो नहीं हो गए दोनों आरोपी
Tue, 16 Apr 2019 11:36 AM IST
खुशबू गोयल
सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर(पंजाब)
सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर(पंजाब)
Published by: खुशबू गोयल
Updated Tue, 16 Apr 2019 11:36 AM IST
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पादरी से 6.5 करोड़ रुपये गबन करने की सनसनीखेज वारदात में नया तथ्य सामने आया है। आशंका जताई जा रही है कि पैसे लेकर दोनों एएसआई कहीं विदेश तो नहीं भाग गए।
जांच टीम के मुखी आईजी क्राइम प्रवीण कुमार सिन्हा ने एसएसपी खन्ना ध्रुव दहिया को विशेष तौर पर फोन कर कहा था कि जब तक जांच चल रही है, एक भी मुलाजिम इधर-उधर नहीं होना चाहिए, यह आपकी जिम्मेदारी है। जब जरूरत पड़ेगी तो मेरे सामने पेश करना होगा। इतना ही नहीं, दोनों एएसआई के भागने से दो दिन पहले भी आईजी ने फोन करके एसएसपी को दोनों एएसआई जोगिंदर व राजप्रीत सिंह के बारे में कहा गया था।
इसको खन्ना के एसएसपी ध्रुव दहिया ने सीरियस नहीं लिया और नतीजतन, दोनों मुलाजिम माल लेकर खिसक गए। आशंका है कि दोनों करोड़ों रुपये लेकर विदेश न भाग गए हों। सवाल है कि आखिरकार एसएसपी ध्रुव दहिया ने दोनों को नजरबंद क्यों नहीं किया? दोनों एएसआई जोगिंदर व राजप्रीत निकल कैसे गए?
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जांच टीम के मुखी आईजी क्राइम प्रवीण कुमार सिन्हा ने एसएसपी खन्ना ध्रुव दहिया को विशेष तौर पर फोन कर कहा था कि जब तक जांच चल रही है, एक भी मुलाजिम इधर-उधर नहीं होना चाहिए, यह आपकी जिम्मेदारी है। जब जरूरत पड़ेगी तो मेरे सामने पेश करना होगा। इतना ही नहीं, दोनों एएसआई के भागने से दो दिन पहले भी आईजी ने फोन करके एसएसपी को दोनों एएसआई जोगिंदर व राजप्रीत सिंह के बारे में कहा गया था।
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इसको खन्ना के एसएसपी ध्रुव दहिया ने सीरियस नहीं लिया और नतीजतन, दोनों मुलाजिम माल लेकर खिसक गए। आशंका है कि दोनों करोड़ों रुपये लेकर विदेश न भाग गए हों। सवाल है कि आखिरकार एसएसपी ध्रुव दहिया ने दोनों को नजरबंद क्यों नहीं किया? दोनों एएसआई जोगिंदर व राजप्रीत निकल कैसे गए?
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दिनकर गुप्ता करेंगे आगे की जांच
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, आईजी क्राइम प्रवीण कुमार सिन्हा ने जब जांच शुरू की थी तो उन्होंने टेलीफोन पर एसएसपी ध्रुव दहिया को आदेश जारी किये थे। उस समय सिन्हा के पास डीएसपी हंसराज के अलावा एसएचओ दोराहा के अलावा जांच अधिकारी बैठे थे। सिन्हा को शंका थी कि जांच हुई तो मुलाजिम खिसक सकते हैं, उनकी जांच रुक सकती है। इसलिए उन्होंने प्राथमिक स्तर पर जांच के बाद ही आदेश जारी कर दिए थे।
पुलिस हेडक्वार्टर चंडीगढ़ से लेकर निचले स्तर पर आम चर्चा होने है कि आखिरकार एक एसएसपी ने आईजी के आदेशों को क्यों नहीं माना? क्यों राजप्रीत व जोगिंदर को नजरबंद नहीं किया। क्यों उनके साथ विशेष टीम नहीं लगायी गयी? दोनों बैंक मुलाजिमों ने पहले ही दिन साफ कर दिया था कि वरना कार सवार पुलिस मुलाजिम पैसा लेकर गए थे, जिसमें से 70 फीसदी पैसा तो पहुंचा ही नहीं था?
उसी दिन साफ हो गया था कि जोगिंदर व राजप्रीत संदिग्ध हैं, फिर दोबारा एसएसपी ध्रुव दहिया को बताया गया लेकिन दोनों मुलाजिमों को नजरबंद नहीं किया गया। बहरहाल, सारे मामले की रिपोर्ट डीजीपी दिनकर गुप्ता तक पहुंच गई है और दोनों सहायक थानेदारों पर क्यों इतनी मेहरबानी की गई, इसकी जांच तेज हो गई है। दिनकर गुप्ता की तरफ से अपने स्तर इसकी जांच कराई जा रही है।
पुलिस हेडक्वार्टर चंडीगढ़ से लेकर निचले स्तर पर आम चर्चा होने है कि आखिरकार एक एसएसपी ने आईजी के आदेशों को क्यों नहीं माना? क्यों राजप्रीत व जोगिंदर को नजरबंद नहीं किया। क्यों उनके साथ विशेष टीम नहीं लगायी गयी? दोनों बैंक मुलाजिमों ने पहले ही दिन साफ कर दिया था कि वरना कार सवार पुलिस मुलाजिम पैसा लेकर गए थे, जिसमें से 70 फीसदी पैसा तो पहुंचा ही नहीं था?
उसी दिन साफ हो गया था कि जोगिंदर व राजप्रीत संदिग्ध हैं, फिर दोबारा एसएसपी ध्रुव दहिया को बताया गया लेकिन दोनों मुलाजिमों को नजरबंद नहीं किया गया। बहरहाल, सारे मामले की रिपोर्ट डीजीपी दिनकर गुप्ता तक पहुंच गई है और दोनों सहायक थानेदारों पर क्यों इतनी मेहरबानी की गई, इसकी जांच तेज हो गई है। दिनकर गुप्ता की तरफ से अपने स्तर इसकी जांच कराई जा रही है।