{"_id":"68c883a70c54442e3f0f69d5","slug":"police-busy-recovering-fake-majors-army-uniform-and-iphone-chandigarh-news-c-16-pkl1079-819517-2025-09-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh News: फर्जी मेजर की सेना की वर्दी और आईफोन रिकवर करने में जुटी पुलिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh News: फर्जी मेजर की सेना की वर्दी और आईफोन रिकवर करने में जुटी पुलिस
विज्ञापन
-पांच दिन के रिमांड पर आरोपी गणेश, तीन दिन हो चुके पूरेसंवाद न्यूज एजेंसी
चंडीगढ़। चंडीगढ़ में पकड़े फर्जी मेजर पुलिस रिमांड पर है। ऑपरेशन सेल उत्तराखंड के पिथौरागढ़ के रहने वाला गणेश भट्ट से पूछताछ कर रही है। यह मामला क्राइम ब्रांच से ऑपरेशन सेल ट्रांसफर हो गया था। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश कर पांच दिन का रिमांड हासिल किया था। सोमवार तक आरोपी का तीन दिन का रिमांड पूरा हो चुका है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि आरोपी की पूछताछ में कई अहम खुलासे हुए हैं। पुलिस आरोपी के मोबाइल और आर्मी की वर्दी रिकवर करने के लिए जुटी हुई है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि आरोपी के आईफोन से कई खुलासे होने की संभावना है।
पुलिस जल्द पूरे मामले का खुलासा कर सकती है। गणेश भट्ट खुद को आर्मी में मेजर बताकर पुलिस पर धाैंस जमाता था। उसने नाैकरी लगवाने के नाम पर लाखों की ठगी भी की है। सेक्टर 11 थाने में तैनात एक महिला सिपाही से भी पांच लाख की ठगी की है।
आरोपी क्राइम ब्रांच थाना सेक्टर-11 के एक पूर्व इंस्पेक्टर की सरकारी गाड़ी और गनमैन का इस्तेमाल करता था। पुलिसकर्मी उसे अफसर समझकर सैल्यूट मारते थे। शातिर आरोपी नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों की ठगी कर चुका है।
विज्ञापन
ऐसे हुआ था खुलासा
आरोपी सेक्टर 11 स्थित क्राइम ब्रांच आता था। उसके पूर्व इंस्पेक्टर के साथ गहरे संबंध थे। इंस्पेक्टर उसे मौसी का बेटा बताता था। जिसके चलते काफी समय तक आरोपी पुलिसकर्मियों पर धौंस जमाता रहा। एसपी क्राइम जसबीर सिंह को शक होने पर इंटरनल जांच करवाई तो पता चला कि शातिर आर्मी का मेजर नहीं है। इसके बाद उन्होंने आरोपी के खिलाफ तुरंत सीक्रेट एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। जिसके बाद आरोपी को पंचकूला से गिरफ्तार किया गया। सूत्रों ने बताया कि गिरफ्तारी से कुछ समय पहले भी आरोपी इंस्पेक्टर के साथ ही मौजूद था। आरोपी गणेश भट्ट के खिलाफ सिर्फ चंडीगढ़ ही नहीं बल्कि पंचकूला और मेरठ में भी धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं।
विज्ञापन
चंडीगढ़। चंडीगढ़ में पकड़े फर्जी मेजर पुलिस रिमांड पर है। ऑपरेशन सेल उत्तराखंड के पिथौरागढ़ के रहने वाला गणेश भट्ट से पूछताछ कर रही है। यह मामला क्राइम ब्रांच से ऑपरेशन सेल ट्रांसफर हो गया था। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश कर पांच दिन का रिमांड हासिल किया था। सोमवार तक आरोपी का तीन दिन का रिमांड पूरा हो चुका है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि आरोपी की पूछताछ में कई अहम खुलासे हुए हैं। पुलिस आरोपी के मोबाइल और आर्मी की वर्दी रिकवर करने के लिए जुटी हुई है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि आरोपी के आईफोन से कई खुलासे होने की संभावना है।
पुलिस जल्द पूरे मामले का खुलासा कर सकती है। गणेश भट्ट खुद को आर्मी में मेजर बताकर पुलिस पर धाैंस जमाता था। उसने नाैकरी लगवाने के नाम पर लाखों की ठगी भी की है। सेक्टर 11 थाने में तैनात एक महिला सिपाही से भी पांच लाख की ठगी की है।
विज्ञापन
आरोपी क्राइम ब्रांच थाना सेक्टर-11 के एक पूर्व इंस्पेक्टर की सरकारी गाड़ी और गनमैन का इस्तेमाल करता था। पुलिसकर्मी उसे अफसर समझकर सैल्यूट मारते थे। शातिर आरोपी नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों की ठगी कर चुका है।
विज्ञापन
ऐसे हुआ था खुलासा
आरोपी सेक्टर 11 स्थित क्राइम ब्रांच आता था। उसके पूर्व इंस्पेक्टर के साथ गहरे संबंध थे। इंस्पेक्टर उसे मौसी का बेटा बताता था। जिसके चलते काफी समय तक आरोपी पुलिसकर्मियों पर धौंस जमाता रहा। एसपी क्राइम जसबीर सिंह को शक होने पर इंटरनल जांच करवाई तो पता चला कि शातिर आर्मी का मेजर नहीं है। इसके बाद उन्होंने आरोपी के खिलाफ तुरंत सीक्रेट एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। जिसके बाद आरोपी को पंचकूला से गिरफ्तार किया गया। सूत्रों ने बताया कि गिरफ्तारी से कुछ समय पहले भी आरोपी इंस्पेक्टर के साथ ही मौजूद था। आरोपी गणेश भट्ट के खिलाफ सिर्फ चंडीगढ़ ही नहीं बल्कि पंचकूला और मेरठ में भी धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं।