{"_id":"64c2d6d52decdbdefb0ca345","slug":"police-brought-gangster-lawrences-associate-deepu-to-the-city-two-henchmen-were-also-arrested-chandigarh-news-c-16-1-pkl1004-200890-2023-07-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh News: गैंगस्टर लॉरेंस के सहयोगी दीपू को शहर लाई पुलिस, दो गुर्गे भी दबोचे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh News: गैंगस्टर लॉरेंस के सहयोगी दीपू को शहर लाई पुलिस, दो गुर्गे भी दबोचे
विज्ञापन
चंडीगढ़। ट्राइसिटी के व्यापारियों और क्लब संचालकों से रंगदारी मांगने के मामले में ऑपरेशन सेल ने पटियाला जेल से गैंगस्टर दीपू बनूड़ को प्रोडक्शन वारंट पर चंडीगढ़ लाई है। वहीं, उससे पूछताछ के बाद उसके दो गुर्गों को भी दबोचा है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान बादल कॉलोनी (जीरकपुर) निवासी अमनदीप सिंह उर्फ मनी टोपी और नयागांव निवासी राकेश कानिया के रूप में हुई है। तीनों आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने आरोपियों से तीन कट्टे और पांच कारतूस बरामद किए हैं।दरअसल, ट्राइसिटी में रंगदारी मांगने वाले रैकेट का भंडाफोड़ कर ऑपरेशन सेल ने हाल ही में गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के सहयोगी दीपू बनूड़ गैंग के दो बदमाशों को दबोचा था। इसके बाद गैंगस्टर दीपू बनूड़ को चंडीगढ़ लाकर उसकी औपचारिक गिरफ्तारी की गई। इस दौरान उसकी निशानदेही पर दो कट्टे और चार कारतूस बरामद किए गए। पुलिस के मुताबिक, दीपू पटियाला जेल से रंगदारी का रैकेट चला रहा था। जेल से ही वह अपने गिरोह के लिए हथियारों का प्रबंध करता था।
दीपू से पूछताछ के बाद अमनदीप सिंह उर्फ मनी टोपी और राकेश कानिया को दबोचा गया। मनी टोपी के कब्जे से एक कट्टा और एक कारतूस बरामद हुआ। पुलिस का कहना है कि मनी टोपी गैंगस्टर दीपू का खास सहयोगी है और वह हत्या, रंगदारी, ड्रग्स और शराब की तस्करी जैसे कई मामलों में संलिप्त है। मनी रंगदारी की रकम जुटाता था जबकि राकेश गिरोह का फाइनेंसर है। वह रवि के जरिए दीपू बनूड़ को एक लाख रुपये महीना पहुंचाता था।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, राकेश पहले बापूधाम में सट्टे का काम करता था और अब यह काम नयागांव से चला रहा था। सूत्रों का कहना है कि मई 2020 में चंडीगढ़ के सेक्टर-33 में शराब कारोबारी की कोठी पर हुई फायरिंग के मामले में राकेश ने ही हमलावरों को थार गाड़ी मुहैया करवाई थी। अगर रवि या अन्य फाइनेंसर समय पर गिरोह को महीने का पैसा नहीं देते थे तो मनी टोपी उन्हें धमकाता था। ऑपरेशन सेल ने उसका दो दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया है।
विज्ञापन
बॉक्स
18 जुलाई को पकड़े गए थे रवि और सोमदत्त
ऑपरेशन सेल ने बीते 18 जुलाई को गैंगस्टर दीपू के सहयोगी बाल्मीकि बस्ती, बनूड़ (मोहाली) के रवि कुमार उर्फ रवि बनूड़ (34) और मलोया कॉलोनी निवासी सोमदत्त (34) को गिरफ्तार किया था। रवि पर हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट तथा यूएपीए एक्ट के कई केस चंडीगढ़ और पंजाब में दर्ज हैं जबकि सोमदत्त के खिलाफ चंडीगढ़ और पंजाब में सट्टे के 15 मामले दर्ज हैं। गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के कहने पर दीपू चंडीगढ़, मोहाली, पंचकूला तथा हरियाणा के अन्य हिस्सों में बैठे व्यापारियों को वसूली के लिए धमकता था। ऑपरेशन सेल ने इस मामले में रंगदारी वसूलने, रंगदारी के लिए किसी की जान को खतरे में डालने और आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया है।
विज्ञापन
दीपू से पूछताछ के बाद अमनदीप सिंह उर्फ मनी टोपी और राकेश कानिया को दबोचा गया। मनी टोपी के कब्जे से एक कट्टा और एक कारतूस बरामद हुआ। पुलिस का कहना है कि मनी टोपी गैंगस्टर दीपू का खास सहयोगी है और वह हत्या, रंगदारी, ड्रग्स और शराब की तस्करी जैसे कई मामलों में संलिप्त है। मनी रंगदारी की रकम जुटाता था जबकि राकेश गिरोह का फाइनेंसर है। वह रवि के जरिए दीपू बनूड़ को एक लाख रुपये महीना पहुंचाता था।
विज्ञापन
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, राकेश पहले बापूधाम में सट्टे का काम करता था और अब यह काम नयागांव से चला रहा था। सूत्रों का कहना है कि मई 2020 में चंडीगढ़ के सेक्टर-33 में शराब कारोबारी की कोठी पर हुई फायरिंग के मामले में राकेश ने ही हमलावरों को थार गाड़ी मुहैया करवाई थी। अगर रवि या अन्य फाइनेंसर समय पर गिरोह को महीने का पैसा नहीं देते थे तो मनी टोपी उन्हें धमकाता था। ऑपरेशन सेल ने उसका दो दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया है।
विज्ञापन
बॉक्स
18 जुलाई को पकड़े गए थे रवि और सोमदत्त
ऑपरेशन सेल ने बीते 18 जुलाई को गैंगस्टर दीपू के सहयोगी बाल्मीकि बस्ती, बनूड़ (मोहाली) के रवि कुमार उर्फ रवि बनूड़ (34) और मलोया कॉलोनी निवासी सोमदत्त (34) को गिरफ्तार किया था। रवि पर हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट तथा यूएपीए एक्ट के कई केस चंडीगढ़ और पंजाब में दर्ज हैं जबकि सोमदत्त के खिलाफ चंडीगढ़ और पंजाब में सट्टे के 15 मामले दर्ज हैं। गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के कहने पर दीपू चंडीगढ़, मोहाली, पंचकूला तथा हरियाणा के अन्य हिस्सों में बैठे व्यापारियों को वसूली के लिए धमकता था। ऑपरेशन सेल ने इस मामले में रंगदारी वसूलने, रंगदारी के लिए किसी की जान को खतरे में डालने और आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया है।