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पंजाबः 3 संदिग्ध आंतकी गिरफ्तार, ISIS कैंप में ली थी ट्रेनिंग
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 05 Jun 2017 09:20 AM IST
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आतंकवादी
- फोटो : Demo Pic
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पंजाब पुलिस द्वारा नवांशहर से पकड़े गए तीनों आतंकी लखमीर सिंह रोडे के प्रतिबंधित संगठन इंटरनेशनल सिख यूथ फेडरेशन के सदस्य थे। तीनों आतंकियों गुरदयाल सिंह, जगरूप सिंह और सतविंदर सिंह को रोडे़, हरमीत सिंह हैप्पी उर्फ पीएचडी और आईएसआई ने ट्रेनिंग दी थी। इन्हें पंथ और सिख विरोधी ताकतों और लोगों को निशाना बनाने का काम सौंपा गया था। नवांशहर पुलिस ने तीनों को रविवार को अदालत में पेश कर आठ दिन का रिमांड हासिल कर लिया।
गौरतलब है कि शनिवार को पंजाब पुलिस ने तीन युवकों को गिरफ्तार किया था। इसमें गुरदयाल सिंह रोड माजरा, गढ़शंकर, होशियारपुर और सतविंदर सिंह निवासी गांव चांदपुर रुडकी नवांशहर को उनके पैतृक घरों से गिरफ्तार किया था जबकि सतविंदर को बलाचौर सब-डिवीजन केपौजेवाल थाने में उसके गांव के पास लगे नाके से पकड़ा गया था।
पंजाब पुलिस की ओर से बताया गया है कि गुरदयाल सिंह इस आतंकी गिरोह का प्रमुख था। पुलिस की तफ्तीश में खुलासा हुआ है कि 21 मई को बीएसएफ ने बॉर्डर पर हथियारों की जो बड़ी खेप पकड़ी थी, वह भी इसी संगठन के लिए थी। तब बीएसएफ ने हथियार हासिल करने की कोशिश कर रहे दो आतंकी मान सिंह और शेर सिंह को गिरफ्तार किया था।
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गौरतलब है कि शनिवार को पंजाब पुलिस ने तीन युवकों को गिरफ्तार किया था। इसमें गुरदयाल सिंह रोड माजरा, गढ़शंकर, होशियारपुर और सतविंदर सिंह निवासी गांव चांदपुर रुडकी नवांशहर को उनके पैतृक घरों से गिरफ्तार किया था जबकि सतविंदर को बलाचौर सब-डिवीजन केपौजेवाल थाने में उसके गांव के पास लगे नाके से पकड़ा गया था।
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पंजाब पुलिस की ओर से बताया गया है कि गुरदयाल सिंह इस आतंकी गिरोह का प्रमुख था। पुलिस की तफ्तीश में खुलासा हुआ है कि 21 मई को बीएसएफ ने बॉर्डर पर हथियारों की जो बड़ी खेप पकड़ी थी, वह भी इसी संगठन के लिए थी। तब बीएसएफ ने हथियार हासिल करने की कोशिश कर रहे दो आतंकी मान सिंह और शेर सिंह को गिरफ्तार किया था।
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धार्मिक जत्थे में जाकर की थी रोडे से मुलाकात
terrorist
- फोटो : Demo Photo
धार्मिक जत्थे में जाकर की थी रोडे से मुलाकात
पुलिस की तफ्तीश में आया है कि गुरदयाल सिंह को जर्मनी में रह रहे बलबीर सिंह संधू ने लखबीर सिंह रोडे से मिलवाया था। रोडे इस समय लाहौर के छावनी इलाके में आईएसआई द्वारा मुहैया कराए सेफ हाऊस में रह रहा है।
गुरदयाल पिछले छह-सात सालों से धार्मिक जत्थों केसाथ पाकिस्तान जाकर कई बार रोडे से मिला था। गुरदयाल ने नवंबर-2016 में अपने आखिरी पाक दौरे केदौरान जगरूप सिंह के लिए भी वीजा का इंतजाम किया था, वह भी एक जत्थे केसाथ लाहौर गया था। 12-21 नवंबर 2016 में लाहौर प्रवास के दौरान बलबीर सिंह और जगरूप सिंह ने रोडे व हरमीत सिंह से मुलाकात की थी।
एके 47 चलाने और रेलवे ट्रैक को सैबोटेज करने की मिली थी ट्रेनिंग
जगरूप सिंह ने पूछताछ में बताया कि पाकिस्तान में उसे आंखों पर पट्टी बांध कर एक अज्ञात जगह ले जाया गया। जहां आईएसआई ने उसे चार दिन की ट्रेनिंग दी। इसमें एके-47 और छोटे हथियार चलाने और रेलवे ट्रैक की प्लेटें, नट बोल्ट को ढीला कर ट्रैक को सैबोटाज करने की ट्रेनिंग शामिल थी।
बलबीर केसंपर्क में था गुरदयाल
पाक दौरे के दौरान गुरदयाल सिंह लगातार जर्मनी के बलबीर संधू के संपर्क में था। बलबीर गांव पद्दी सूरत सिंह, माहिलपुर, होशियारपुर का मूल निवासी है। वह जम्मू-कश्मीर के आतंकी ग्रुप के भी संपर्क में था। सतविंदर सिंह भी इसी ग्रुप का सदस्य था और पाक में अपने आकाओं के संपर्क में था। गुरदयाल और बलबीर, दोनों की बैकग्राउंड आतंकवाद से संबंधित है। 1988 और 1992 में भी इनके खिलाफ फौजदारी केस दर्ज किए गए थे। 1992 में गुरदयाल से थाम्पसन गन बरामद हुई थी।
पुलिस की तफ्तीश में आया है कि गुरदयाल सिंह को जर्मनी में रह रहे बलबीर सिंह संधू ने लखबीर सिंह रोडे से मिलवाया था। रोडे इस समय लाहौर के छावनी इलाके में आईएसआई द्वारा मुहैया कराए सेफ हाऊस में रह रहा है।
गुरदयाल पिछले छह-सात सालों से धार्मिक जत्थों केसाथ पाकिस्तान जाकर कई बार रोडे से मिला था। गुरदयाल ने नवंबर-2016 में अपने आखिरी पाक दौरे केदौरान जगरूप सिंह के लिए भी वीजा का इंतजाम किया था, वह भी एक जत्थे केसाथ लाहौर गया था। 12-21 नवंबर 2016 में लाहौर प्रवास के दौरान बलबीर सिंह और जगरूप सिंह ने रोडे व हरमीत सिंह से मुलाकात की थी।
एके 47 चलाने और रेलवे ट्रैक को सैबोटेज करने की मिली थी ट्रेनिंग
जगरूप सिंह ने पूछताछ में बताया कि पाकिस्तान में उसे आंखों पर पट्टी बांध कर एक अज्ञात जगह ले जाया गया। जहां आईएसआई ने उसे चार दिन की ट्रेनिंग दी। इसमें एके-47 और छोटे हथियार चलाने और रेलवे ट्रैक की प्लेटें, नट बोल्ट को ढीला कर ट्रैक को सैबोटाज करने की ट्रेनिंग शामिल थी।
बलबीर केसंपर्क में था गुरदयाल
पाक दौरे के दौरान गुरदयाल सिंह लगातार जर्मनी के बलबीर संधू के संपर्क में था। बलबीर गांव पद्दी सूरत सिंह, माहिलपुर, होशियारपुर का मूल निवासी है। वह जम्मू-कश्मीर के आतंकी ग्रुप के भी संपर्क में था। सतविंदर सिंह भी इसी ग्रुप का सदस्य था और पाक में अपने आकाओं के संपर्क में था। गुरदयाल और बलबीर, दोनों की बैकग्राउंड आतंकवाद से संबंधित है। 1988 और 1992 में भी इनके खिलाफ फौजदारी केस दर्ज किए गए थे। 1992 में गुरदयाल से थाम्पसन गन बरामद हुई थी।