जहरीली शराब से पति ने तोड़ा दम, पत्नी की हार्ट अटैक से मौत, शव के साथ लेटे रहे चार मासूम
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पंजाब के तरनतारन जिले के मुरादपुरा गांव में रहने वाले सुखदेव सिंह की जहरीली शराब से मौत हो गई। इसी सदमे में पत्नी ज्योति को दिल का दौरा पड़ गया और उसकी भी मौत हो गई। वहीं मां की मौत से अंजान ज्योति के चारों बच्चे सारी रात अपनी मां के शव के साथ ही लेटे रहे।
जहरीली शराब से हुई मौतों के कारण जब श्मशान घाट में स्थान न मिला तो दंपती का अंतिम संस्कार एक ही चिता पर किया गया। सुखदेव सिंह दिहाड़ी करता था। उसे शराब की बुरी लत थी। इसी कारण उसके घर में कलह रहती थी। गुरुवार को जहरीली शराब पीने से उसकी मृत्यु हो गई।
अंतिम संस्कार करने के बाद जब सुखदेव सिंह का भाई मनजीत सिंह और भाभी कमलजीत कौर घर लौटे तो घर में चारों बच्चे नदारद थे। पड़ोस में पता करने पर पता चला कि चारों बच्चों को एनजीओ चलाने वाला युवक गगनदीप सिंह अपने घर ले गया है। मनजीत सिंह ने शंका जाहिर कि गगनदीप सिंह उनके बच्चों को बिना उनसे पूछे ले गया है।
मनजीत और कमलजीत ने जब गगनजीत से अपने भाई के बच्चे वापस मांगे तो गगनदीप ने कानून का डर दिखाकर उन्हें भगा दिया। गगनदीप सिंह ने उनसे कहा कि उसकी जिला बाल सुरक्षा अधिकारी राजेश कुमार से फोन पर बात हुई है और उसकी अनुमति से ही वह इन चारों बच्चों को अपने घर लेकर आया है।
रविवार देर रात मीडिया की मौजूदगी के बीच गगनदीप ने बच्चे परिजनों के सुपुर्द कर दिए। गगनदीप सिंह ने कहा कि चारों बच्चे अपने परिजनों के साथ नहीं रहना चाहते और वह अपनी मर्जी से उसके साथ आए थे। परिजनों का आरोप था कि गगनदीप सिंह उनके बच्चों को जबरदस्ती अपने घर लेकर आया है।
जिला बाल सुरक्षा अधिकारी राजेश कुमार ने कहा कि उन्होंने गगनदीप सिंह को चारों बच्चों की देखभाल करने के लिए कहा था। दोनों पक्षों को सोमवार तीन बजे अपने कार्यालय में बुलाया है। इस समय चारों बच्चे भी उपस्थित रहेंगे। बच्चों की मर्जी के अनुसार उनके बयान दर्ज कर आगे की कार्रवाई होगी। राजेश कुमार ने कहा कि यदि इनके रिश्तेदार इन बच्चों को अपने पास रखना चाहते हैं तो उन्हें कानूनी प्रक्रिया अपनानी पड़ेगी नहीं तो इन बच्चों को होशियारपुर में बाल सुधार सुधार गृह भेजा जाएगा।