प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को पंजाब के मोहाली में होमी भाभा कैंसर हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर का उद्घाटन किया। इस अस्पताल में कैंसर मरीजों का विश्वस्तरीय तकनीक से इलाज किया जाएगा। कैंसर हॉस्पिटल में लगाई गई मशीनों से मरीजों की अन्य कोशिकाओं को प्रभावित किए बिना सीधे कैंसर सेल पर वार किया जाएगा ताकि कैंसर का समूल नाश हो जाए और मरीज का दूसरा अंग भी प्रभावित न हो। संस्थान में दो अत्याधुनिक विश्वस्तरीय हाई एनर्जी लिनीयर एक्सीलरेटर मशीनें लगाई गई हैं। इनकी मदद से हाई डोज रेडिएशन के जरिए मरीज के ट्यूमर को नष्ट किया जा सकता है। इन मशीनों के साथ अटैच इमेज गाइडेंस तकनीक इलाज की इस प्रक्रिया में कारगर साबित होगी। केंद्र सरकार की मदद से यहां कैंसर के मरीजों का सस्ते दर पर बेहतर इलाज संभव हो पाएगा।
चर्चा में ये अस्पताल: कैंसर मरीजों को मिलेगा सस्ता और अच्छा इलाज, PM मोदी ने दी पंजाब को बड़ी सौगात
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होमी भाभा कैंसर हॉस्पिटल के संस्थापक निदेशक व पीजीआई रेडियोथैरेपी और ओंकोलॉजी व टेरटरी कैंसर सेंटर के प्रमुख प्रो. राकेश कपूर ने बताया कि छह मंजिला अस्पताल में ओपीडी संचालन पहले से शुरू कर दिया गया है। वहां छह ऑपरेशन थिएटर बनाए जाने हैं। इनमें से एक ऑपरेशन थिएटर तैयार हो चुका है। हॉस्पिटल के तीन तल का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। अस्पताल में मेडिकल टूरिज्म वाले मरीजों के साथ अलग-अलग कैटेगरी में सामान्य व गरीबी रेखा के नीचे वाले मरीजों के इलाज की सुविधा मुहैया होगी। वहीं आयुष्मान भारत के मरीजों को इलाज का एक बेहतर विकल्प मिलेगा। कार्ययोजना के अनुसार तैयार आने वाले समय में विश्वस्तरीय तकनीक का उपयोग कर कैंसर का इलाज किया जाएगा।
पीजीआई के निदेशक प्रो. विवेक लाल ने बताया कि नए कैंसर अस्पताल की सौगात मरीजों के साथ पीजीआई के लिए भी राहत देने वाली होगी। क्योंकि पीजीआई में देशभर से कैंसर के मरीज इलाज करवाने आते हैं। ऐसे में इस क्षेत्र में एक और कैंसर अस्पताल मरीजों के इलाज की राह को आसान करेगा। प्रो. विवेक लाल ने कहा कि कैंसर के मरीज दिनों दिन बढ़ रहे हैं, ऐसे में हर क्षेत्र में जितने अधिक अस्पताल और बेहतर इलाज की सुविधाएं होंगी, उतना अच्छा होगा। बता दें कि पीजीआई में हर साल लगभग 15 हजार कैंसर मरीजों का इलाज होता है। आंकड़ों के अनुसार उत्तर भारत में दिल्ली के बाद चंडीगढ़ में सबसे ज्यादा कैंसर का खतरा दर्ज किया गया है।
पीजीआई और टाटा मेमोरियल सेंटर की बीते साल आई रिपोर्ट में यह तथ्य सामने आए थे। दिल्ली में एक लाख लोगों की आबादी पर 149 पुरुषों को कैंसर है। वहीं, चंडीगढ़ में एक लाख लोगों की आबादी पर 96 कैंसर के मरीज दर्ज किए गए। इसी तरह दिल्ली में एक लाख की आबादी पर 144 महिलाएं कैंसर की मरीज पाई गईं, जबकि चंडीगढ़ में एक लाख पर 102 महिलाएं कैंसर की मरीज हैं।
इन राज्यों को मिलेगा लाभ
अस्पताल को केंद्र सरकार ने 663.74 करोड़ रुपये की लागत से बनाया है। अस्पताल 40547 वर्ग मीटर में बनाया गया है। इसमें 300 बेड हैं। पंजाब, हिमाचल, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, राजस्थान, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश जैसे सात राज्यों को इसका लाभ मिलना है।
चंडीगढ़ में एक लाख में 102 महिलाएं हैं कैंसर ग्रस्त
दिल्ली में एक लाख की आबादी पर 41 और चंडीगढ़ में 33 महिलाएं ब्रेस्ट कैंसर की मरीज हैं। रिपोर्ट के अनुसार पूरे देश में प्रोस्टेट कैंसर का सर्वाधिक खतरा दिल्ली और चंडीगढ़ में दर्ज किया गया है। दिल्ली में एक लाख पर 12 और चंडीगढ़ में 10 लोगों में प्रोस्टेट कैंसर दर्ज किया गया। वहीं महिलाओं में स्तन और गर्भाशय ग्रीवा कैंसर के अलावा पित्ताशय कैंसर का ग्राफ भी तेजी से बढ़ रहा है। चंडीगढ़ में एक लाख की आबादी पर 5.7 फीसदी, मोहाली में 4.8, संगरूर और मानसा में 3.2 फीसद महिलाओं में पित्ताशय कैंसर मिला है।
इलाज के लिए इन तकनीकों का होगा प्रयोग
होमी भाभा कैंसर हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में कैंसर की स्टीरियो टेक्टिक बॉडी रेडियो सर्जरी (ब्रेन), वाल्योमैट्रिक आर्कथैरेपी, ब्रेकी थैरेपी, कीमोथेरेपी, रेडियोथेरेपी, इम्युनोथैरेपी और बोन मैरो ट्रांसप्लांट से इलाज किया जाएगा।
बोन मैरो करेगा कैंसर पर वार
बोन मैरो हड्डियों के बीच वह जगह होती है जो लाल, पीली और सफ़ेद रक्त कोशिकाएं बनाती है। लाल रक्त कोशिकाएं ताकत देती हैं। सफेद रक्त कोशिकाएं बीमारियों से लड़ने की शक्ति देती हैं। प्लेटलेट खून को रोकता है। ये शरीर की हर लंबी हड्डी में होता है जैसे पैर, हाथ और रीढ़ की हड्डी। इनमें जो खाली जगह होती है, वहां स्टेम सेल कोशिकाओं को जन्म देता है। ब्लड कैंसर में कीमोथैरेपी के साथ बोन मैरो ट्रांसप्लांट होता है यानी वो जगह जहां ये कोशिकाएं बनती हैं, उसे कीमोथैरेपी के जरिए खत्म कर नई कोशिकाएं डाली जाती हैं। जो वापस नए सेल्स बनाती हैं। इस प्रक्रिया को बोन मैरो ट्रांसप्लांट कहते हैं।