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अपना नहीं था प्लॉट, फिर भी कर लिया सौदा
अमर उजाला ब्यूरो, पंचकूला
Updated Wed, 15 Jan 2014 09:05 AM IST
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कालका क्षेत्र में नौ बिसवे का जो प्लॉट अपना था ही नहीं, प्रापर्टी डीलर ने उसका भी सौदा कर लिया। प्रति बिसवा 1 लाख 10 हजार रुपये में सौदा हुआ और बाकायदा दो लाख रुपये बयाना भी ले लिया।
जब रजिस्ट्री के लिए महीनों तक टालमटोल होती रही, तब जाकर मामले का खुलासा हुआ।
पंचकूला सेक्टर-21 निवासी महिला की शिकायत पर ईओडब्ल्यू में जांच के बाद कालका थाने में कालका निवासी एक व्यक्ति के खिलाफ आईपीसी की धारा 406 (अपराधिक खयानत), 420 (धोखाधड़ी), 467 (अमूल्य अमानत की जालसाजी), 468 (धोखे के लिए जालसाजी) व 471 (नकली दस्तावेज को असली के तौर पर इस्तेमाल करना) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। फिलहाल आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
पुलिस के मुताबिक, सेक्टर-21 निवासी रक्षा बंसल ने वर्ष 2013 में शिकायत दी थी कि वह कालका क्षेत्र में प्रॉपर्टी खरीदना चाहती थीं।
इसी दौरान उनकी मुलाकात कालका के लोअर बाजार निवासी अमित कुमार से हुई और उसने प्रॉपर्टी दिलाने की बात कही।
उन्हें कालका क्षेत्र के गांव नग्गल भागा में उसे नौ बिसवे का प्लॉट दिखाया और अमित ने इस प्लॉट को अपना बताया।
काफी जोड़-तोड़ के बाद 1 लाख 10 हजार रुपये प्रति बिसवा के हिसाब से सौदा तय हुआ और उन्होंने बयाने के तौर पर दो लाख रुपये अमित को दे दिए, जिसके बाकायदा बयाना दस्तावेज भी बने। इसके बाद से ही रजिस्ट्री कराने के लिए अमित की तरफ से टालमटोल होती रही।
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बयाने के डेढ़ साल बाद भी नहीं कराई रजिस्ट्री
शिकायतकर्ता के अनुसार बयाना दिए डेढ़ साल से भी ज्यादा समय गुजर गया, लेकिन रजिस्ट्री नहीं कराई गई। इसके बाद उन्होंने अपने स्तर पर तफ्तीश की तो पता चला कि जो प्लॉट उन्हें बेचा जा रहा था, वह अमित का था ही नहीं।
जब अमित को इस बाबत बताया गया तो उसने पैसे वापस देने से इनकार कर दिया। उधर, ईओडब्ल्यू में काफी समय तक मामले की जांच चलती रही। चूंकि प्लॉट कालका में था और पैसे भी वहीं दिए थे।
लिहाजा कालका थाने में ही अमित कुमार के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
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जब रजिस्ट्री के लिए महीनों तक टालमटोल होती रही, तब जाकर मामले का खुलासा हुआ।
पंचकूला सेक्टर-21 निवासी महिला की शिकायत पर ईओडब्ल्यू में जांच के बाद कालका थाने में कालका निवासी एक व्यक्ति के खिलाफ आईपीसी की धारा 406 (अपराधिक खयानत), 420 (धोखाधड़ी), 467 (अमूल्य अमानत की जालसाजी), 468 (धोखे के लिए जालसाजी) व 471 (नकली दस्तावेज को असली के तौर पर इस्तेमाल करना) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। फिलहाल आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
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पुलिस के मुताबिक, सेक्टर-21 निवासी रक्षा बंसल ने वर्ष 2013 में शिकायत दी थी कि वह कालका क्षेत्र में प्रॉपर्टी खरीदना चाहती थीं।
इसी दौरान उनकी मुलाकात कालका के लोअर बाजार निवासी अमित कुमार से हुई और उसने प्रॉपर्टी दिलाने की बात कही।
उन्हें कालका क्षेत्र के गांव नग्गल भागा में उसे नौ बिसवे का प्लॉट दिखाया और अमित ने इस प्लॉट को अपना बताया।
काफी जोड़-तोड़ के बाद 1 लाख 10 हजार रुपये प्रति बिसवा के हिसाब से सौदा तय हुआ और उन्होंने बयाने के तौर पर दो लाख रुपये अमित को दे दिए, जिसके बाकायदा बयाना दस्तावेज भी बने। इसके बाद से ही रजिस्ट्री कराने के लिए अमित की तरफ से टालमटोल होती रही।
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बयाने के डेढ़ साल बाद भी नहीं कराई रजिस्ट्री
शिकायतकर्ता के अनुसार बयाना दिए डेढ़ साल से भी ज्यादा समय गुजर गया, लेकिन रजिस्ट्री नहीं कराई गई। इसके बाद उन्होंने अपने स्तर पर तफ्तीश की तो पता चला कि जो प्लॉट उन्हें बेचा जा रहा था, वह अमित का था ही नहीं।
जब अमित को इस बाबत बताया गया तो उसने पैसे वापस देने से इनकार कर दिया। उधर, ईओडब्ल्यू में काफी समय तक मामले की जांच चलती रही। चूंकि प्लॉट कालका में था और पैसे भी वहीं दिए थे।
लिहाजा कालका थाने में ही अमित कुमार के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।