{"_id":"f4a1909925d90fde599fe03b1df3ce9a","slug":"play-by-students-on-inderdhanush-theme","type":"story","status":"publish","title_hn":"‘टालस्टॉय, प्रेमचंद और परसाई’ दिखे एक साथ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
‘टालस्टॉय, प्रेमचंद और परसाई’ दिखे एक साथ
अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 30 Oct 2013 11:16 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बच्चों के हाव भाव एकदम मंझे हुए कलाकारों की तरह स्टेज पर दिख रहे थे। संगीत के माध्यम से लोगों को एक बेहतरीन संदेश देने की सफल कोशिश रही।
सेक्टर-38 स्थित शहर के प्रतिष्ठित विवेक हाई स्कूल के 18वें स्थापना दिवस पर इंद्रधनुष थीम पर ‘कथा कोलॉज’ नाटक का मंचन किया गया। देर शाम आयोजित नाटक को देखने के लिए काफी संख्या में अभिभावक और शिक्षक पहुंचे।
चौथी, पांचवीं और छठी क्लास के बच्चों ने नाटक पेश किया। नाटक में तीन कहानियों को एक पटकथा में पिरोकर बहुत ही सुंदर तरीके से प्रस्तुत किया गया। नाटक का उद्देश्य बच्चों को पारंपरिक साहित्य और समाज के अहम मूल्यों से रू-ब-रू करवाना था।
पहली कहानी लियो टालस्टॉय की ‘द इप एंड द क्रस्ट’ थी। यह एक ऐसे आम आदमी की कहानी है जो लालच के कारण शैतान बन जाता है। नाटक में शराब के दुष्प्रभावों को भी बेहतर तरीके से दिखाया गया।
विज्ञापन
दूसरी कहानी मुंशी प्रेमचंद की रचना ‘बड़े भाई साहिब’ पर आधारित थी। इसमें दो भाइयों के बीच कमजोर बंधन को दिखाया गया है। नाटक के माध्यम से देश की शिक्षा प्रणाली पर व्यंग किया गया है।
तीसरी कहानी हरिशंकर परसाई की अमर रचना ‘एक के भीतर दो’ थी जिसमें सभी व्यक्तित्व में दोहरे चरित्र का वर्णन किया गया है। तीनों कहानियों का आधार अलग-अलग होते हुए भी उसमें मानव स्वभाव, संबंधों और आदर्शों को दिखाया गया है।
विज्ञापन
सेक्टर-38 स्थित शहर के प्रतिष्ठित विवेक हाई स्कूल के 18वें स्थापना दिवस पर इंद्रधनुष थीम पर ‘कथा कोलॉज’ नाटक का मंचन किया गया। देर शाम आयोजित नाटक को देखने के लिए काफी संख्या में अभिभावक और शिक्षक पहुंचे।
चौथी, पांचवीं और छठी क्लास के बच्चों ने नाटक पेश किया। नाटक में तीन कहानियों को एक पटकथा में पिरोकर बहुत ही सुंदर तरीके से प्रस्तुत किया गया। नाटक का उद्देश्य बच्चों को पारंपरिक साहित्य और समाज के अहम मूल्यों से रू-ब-रू करवाना था।
विज्ञापन
पहली कहानी लियो टालस्टॉय की ‘द इप एंड द क्रस्ट’ थी। यह एक ऐसे आम आदमी की कहानी है जो लालच के कारण शैतान बन जाता है। नाटक में शराब के दुष्प्रभावों को भी बेहतर तरीके से दिखाया गया।
विज्ञापन
दूसरी कहानी मुंशी प्रेमचंद की रचना ‘बड़े भाई साहिब’ पर आधारित थी। इसमें दो भाइयों के बीच कमजोर बंधन को दिखाया गया है। नाटक के माध्यम से देश की शिक्षा प्रणाली पर व्यंग किया गया है।
तीसरी कहानी हरिशंकर परसाई की अमर रचना ‘एक के भीतर दो’ थी जिसमें सभी व्यक्तित्व में दोहरे चरित्र का वर्णन किया गया है। तीनों कहानियों का आधार अलग-अलग होते हुए भी उसमें मानव स्वभाव, संबंधों और आदर्शों को दिखाया गया है।