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Chandigarh: चंडीगढ़ में पहली बार हुई Zero waste शादी, प्लास्टिक की भी नो एंट्री, ये रहीं खास बातें
Thu, 03 Nov 2022 01:25 AM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Thu, 03 Nov 2022 01:25 AM IST
सार
स्मार्ट सिटी योजना की सीईओ व नगर निगम आयुक्त आनिंदिता मित्रा ने बताया कि विवाह कार्यक्रम में एकल उपयोग वाले प्लास्टिक उत्पादों का पूरा विरोध किया गया और कागज से बने सामान को बढ़ावा दिया गया।
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चंडीगढ़ में हुई जीरो वेस्ट शादी।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
चंडीगढ़ के सेक्टर-10 स्थित एक निजी होटल में पहली जीरो वेस्ट वेडिंग (कूड़ा मुक्त शादी) हुई। स्मार्ट सिटी योजना की मदद से आयोजित इस अनोखी शादी में क्यूआर कोड से लोगों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और शगुन भी दिया। कार्यक्रम में एक भी ऐसा सामान नहीं था, जिसमें प्लास्टिक का उपयोग किया गया हो। जिन सामानों का उपयोग हुआ, उन्हें मौके पर ही निस्तारित कर पुनर्चक्रण किया गया। सजावट के लिए उपयोग किए गए फूलों को बाद में खाद बनाने के लिए भेज दिया गया।
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शहरवासियों और समाज को स्वच्छता का संदेश देने के लिए खुड्डा अलीशेर निवासी जसबीर सिंह और उनके परिवार ने अपनी बेटी मंजीत कौर की शादी को खास अंदाज में करने की योजना बनाई। इसमें स्मार्ट सिटी और नगर निगम ने उनकी पूरी मदद की। स्मार्ट सिटी योजना की सीईओ व नगर निगम आयुक्त आनिंदिता मित्रा ने बताया कि विवाह कार्यक्रम में एकल उपयोग वाले प्लास्टिक उत्पादों का पूरा विरोध किया गया और कागज से बने सामान को बढ़ावा दिया गया।
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कार्यक्रम में फ्लैक्स होर्डिंग्स और प्लास्टिक बोर्ड से बचने के लिए एलईडी स्क्रीन का प्रयोग किया गया। आयुक्त ने कहा कि सार्वजनिक कार्यक्रमों में काफी कचरा निकलता है, जिसे निस्तारित करना एक बड़ी चुनौती होती है। ऐसे में यह कार्यक्रम शहरवासियों के लिए एक मिसाल है। कार्यक्रम में सफाई व्यवस्था के लिए कर्मचारी तैनात थे, वहीं धूल को रोकने के लिए पानी का छिड़काव किया गया था। मौके पर गीले और सूखे कचरे के लिए अलग-अलग कूड़ेदान के अलावा सभी लोगों के लिए मोबाइल शौचालय वैन का इंतजाम किया गया था।
कार्यक्रम में क्या रहा खास
- प्लास्टिक की पानी की बोतल, रैपिंग और फ्लेक्स का उपयोग नहीं किया
- प्राकृतिक फूलों से सजावट हुई और बाद में उन्हें खाद बनाने के लिए भेजा गया
- कार्यक्रम स्थल दिव्यांगजनों के अनुकूल रहा
- निगम के बर्तन भंडार से खरीदे गए स्टील के बर्तन में खाना परोसा गया
- कॉफी के लिए केवल बायो-डिग्रेडेबल पर्यावरण के अनुकूल कप उपयोग में लाए गए
- स्नैक्स काउंटर और खाने की मेज पर हैंड सैनिटाइजर रखे गए
- खाने के स्टॉल के पास लोगों को जागरूक करते हुए संदेश लिखे गए
- हर जगह गीला और सूखा कचरे डालने के लिए अलग-अलग बॉक्स रखे थे
- आयोजन के बाद बचे अपशिष्ट को तत्काल साफ करवाकर निगम के वाहनों से हटाया गया
यह आयोजन लोगों के लिए एक मिसाल है। स्वच्छता अभियान के साथ शहर को साफ सफाई के लिए ऐसे आयोजन बाकी लोगों को भी करने चाहिए। इसमें लोग निगम से जो मदद चाहेंगे हम करेंगे। - आनिंदिता मित्रा, आयुक्त, नगर निगम।