रेफरेंडम 20-20 के लिए नाभा जेल में बन रहीं योजनाएं, एक गवाह ने सीएम और डीजीपी को लिखा पत्र
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जेल ब्रेक कांड से सुर्खियों में आई नाभा जेल में इन दिनों सब कुछ ठीक ठाक नहीं चल रहा। इसी जेल में बंद नाभा जेल ब्रेक के आरोपियों की ओर से गवाहों को धमकाने और जेल में बैठकर ही खालिस्तान और रेफरेंडम 20-20 के लिए काम करने का मामला सामने आया है।
इस संबंध में एक कैदी जो कि नाभा जेल ब्रेक कांड में गवाह भी है, ने पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह, मुख्यमंत्री के स्पेशल चीफ सेक्रेटरी सुरेश कुमार, पंजाब के डीजीपी, एडीजीपी (जेल), एसएसपी पटियाला, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को पत्र लिखकर न सिर्फ अपनी सुरक्षा की गुहार लगाई है बल्कि जेल के भीतर रचे जा रहे देश विरोधी षड्यंत्र की जानकारी भी दी है।
नाभा जेल ब्रेक केस के गवाह ने स्पीड पोस्ट से भेजे पत्र में कहा है कि उसकी जान को खतरा है क्योंकि इस केस के अभियुक्त तीनों गैंगस्टर उस पर बयान बदलने का लगातार दबाव बना रहे हैं।
पत्र में विस्तार से लिखा गया है कि नाभा जेल ब्रेक कांड के अभियुक्त गैंगस्टर गुरप्रीत सेखों, मनी सेखों और नीटा देओल गवाहों को तो धमका ही रहे हैं, जेल में रहते हुए वे खालिस्तान और रेफरेंडम 20-20 के लिए भी गतिविधियां चला रहे हैं। इसमें उन्हें जेल के कई अधिकारियों और कर्मचारियों का सहयोग भी मिल रहा है।
पत्र में आगे कहा गया है कि उक्त तीनों अभियुक्त खालिस्तानी मिंटो बाबा और रेफरेंडम 20-20 के लिए काम करने वाले ग्रुप के अलावा अलगाववादी समर्थक हैप्पी पीएचडी के साथ संपर्क में हैं। गुरप्रीत सेखों की महिला मित्र अमन पन्नू जो कि हांगकांग में रहती है, जेल में अमन पन्नू के मोबाइल फोन के जरिए गुरप्रीत सेखों और हैप्पी पीएचडी के बीच कॉन्फ्रेंस कॉल करने में मदद करती है।
इस तरह वे खालिस्तान और रेफरेंडम 20-20 के मंसूबे को आगे बढ़ाने के लिए काम कर रहे हैं। पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि तीनों अभियुक्तों के पास जेल में पैसा पहुंचता है और वह बेरोकटोक मोबाइल फोन का इस्तेमाल भी करते हैं, जिसे लेकर जेल प्रशासन आंखें मूंदे हुए है।
जांच के बाद कार्रवाई होगी : रंधावा
इस संबंध में पंजाब के जेल मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा कि जेलों से मिलने वाली सभी शिकायतों की गंभीरता से जांच की जाती है। इससे पहले भी जो मामले सामने आए थे, उनमें जांच के बाद जेल अधिकारियों को बर्खास्त करने में भी कोई गुरेज नहीं किया गया। इस मामले की भी पूरी जांच होगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ बनती कार्रवाई जरूर की जाएगी।