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मानव सेवा ऐसी भी: हर साल 5100 नवजात लड़कियों की लोहड़ी मनाते हैं पिंदू जाैहल, खास यूके से आते हैं जालंधर

Wed, 22 Jan 2025 11:03 PM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब)
सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब) Updated Wed, 22 Jan 2025 11:03 PM IST
सार

जालंधर के पिंदू जाैहल यूके में पब चलाते हैं। हर साल वे गांव घुड़कां में जौहल फार्म में जनवरी की शुरुआत में नई जन्मी लड़कियों की लोहड़ी मनाते हैं। इसके लिए पूरे पंजाब से बच्चियों को बुलाया जाता है।

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Pindu Johal of Jalandhar is serving the village while living abroad
पिंदू जाैहल - फोटो : फाइल

विस्तार

जालंधर दिल्ली नेशनल हाईवे पर गोराया के अंदरूनी गांव घुड़कां में जौहल फार्म में हर साल पांच जनवरी को एक बड़ा उत्सव जैसा माहौल बनना शुरू हो जाता है। खासकर गांव के बाहरी इलाके में बने जौहल फार्म में चहल पहल दिखाई देने लगती है। 

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जालंधर के पिंदू जौहल यूके से हर साल जनवरी में आते हैं और पंजाब भर से 5100 नई जन्मी लड़कियों को अपने फार्म हाउस पर बुलाकर उनकी लोहड़ी मनाते हैं। फिर गरीब लड़कियों की शादी का महोत्सव शुरू हो जाता है।

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यूके में पब चलाते हैं पिंदू

स्वर्गीय गुरमुख सिंह जौहल के बेटे पिंदू जौहल के दिल में पंजाब के लिए जुनून है और यह जुनून और कसक उन्हें यूके से पंजाब खींच लाती है। 1974 में गांव घुड़कां में जन्म लेने वाले पिंदू जौहल 1995 में यूके चले गए थे, जहां पर जमकर मेहनत की और वहां पर पब के मालिक बन गए।

पिंदू जौहल ने कहा कि 2011 में मनमोहन वारिस ने गीत गाया था धीयां दा सत्कार करो... उन दिनों पंजाब में भ्रूण हत्या की काफी घटनाएं हो रही थी। मनमोहन वारिस से पूछा कि लड़कियों का सत्कार कैसे किया जा सकता है? तो उन्होंने कहा कि पिंदू पंजाब में लड़कियों के लिए कुछ करो, उनके सुनहरे भविष्य को लेकर योजना बनाओ, तभी से जौहल फार्म को तैयार करवाया और 5 से 11 जनवरी तक हर साल यहां पर पंजाब भर से नई जन्मी लड़कियों को बुलाया जाता है।


इनके लिए बाकायदा वाहन ड्राइवर तक उपलब्ध करवाए जाते हैं। इस साल भी 3000 गाड़ियों को किराए पर लिया गया और लड़कियों को जौहल फार्म बुलाकर उनकी लोहड़ी मनाई गई यह सब-कुछ बिना पैसे लिए किया जाता है। 
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परिवार नहीं बसाया

नम आंखों से पिंदू कहते हैं कि उन्होंने अपना परिवार ही नहीं बसाया। काफी कुछ कमाया, नाम बनाया लेकिन परिवार नहीं बसाया। आज सुकून है कि कम से कम वह अपने मिशन में कामयाब हो गए और पंजाब में भ्रूण हत्या पर लगाम लग चुकी है।

इसके अलावा हर साल गरीब बेसहारा लड़कियों की शादी करवाई जाती है। 125 के करीब आंखों के ऑपरेशन करवाए जाते हैं। 700 के करीब मरीजों का चेकअप किया जाता है। उन्होंने बताया कि वह अपनी 80 फीसदी कमाई का हिस्सा पंजाब की बच्चियों पर खर्च करते हैं, इससे उन्हें अंदर से सुकून मिलता है। कोरोना काल में भी यूके में वह एक ऐसे पंजाबी थे जो 3 हजार लोगों का भोजन रोजाना तैयार कर बांटते थे। पंजाब में कोरोना में सैनिटाइजर करने के लिए 10 हजार लीटर का टैंक तैयार किया था, जिससे सीएम कैप्टन के मोती महल के अलावा कई गांवों को सैनिटाइज किया।

पिंदू जौहल ने बताया कि जब वे कनाडा जाते हैं तो पीछे से एसपी सर्बजीत राय, गायक मनमोहन वारिस, रिंकू कौशल सारी कमान संभालते हैं। नई जन्मी लड़कियों का पूरा डाटा तैयार किया जाता है। पंजाब के पूर्व स्पीकर राणा केपी ने पिंदू को विधानसभा में सम्मानित किया था।
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